NEET UG 2026 Paper Leak : नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए NEET UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी, जिसमें देशभर के करीब 22.79 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया। NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने माना कि परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए एजेंसी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और नई तारीख का ऐलान 6 से 8 दिनों में किया जाएगा।
CBI को सौंपी जांच
पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। CBI ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जब मीडिया ने इस मामले पर सवाल पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वहां से चले गए।
‘क्वेश्चन बैंक’ से लीक हुआ पेपर
जांच एजेंसियों के अनुसार NEET का पेपर एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए लीक हुआ। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल शामिल थे। सभी सवाल एक ही हैंडराइटिंग में लिखे गए थे। जांच में सामने आया कि इनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में पूछे गए। परीक्षा में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं। ऐसे में लगभग 600 अंकों के सवाल सीधे कथित क्वेश्चन बैंक से आने का दावा किया जा रहा है।
केरल से राजस्थान तक फैला मामला
जांच में सामने आया कि 1 मई को केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहे चूरू के एक छात्र ने यह क्वेश्चन बैंक सीकर में अपने दोस्त को भेजा। अगले दिन यह क्वेश्चन बैंक एक पीजी संचालक तक पहुंचा और वहां से कई छात्रों और करियर काउंसलर्स तक फैल गया। 3 मई को परीक्षा खत्म होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और NTA को शिकायत दी। इसके बाद मामला धीरे-धीरे सामने आया।
राजस्थान और महाराष्ट्र तक पहुंचे जांच के तार
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मामले की जांच शुरू की और अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं महाराष्ट्र के नासिक में भी एक युवक को हिरासत में लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी BAMS की पढ़ाई कर रहा है और मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का मुख्य स्रोत कहां था।
NTA ने कब मानी गड़बड़ी?
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने बताया कि 7 मई की रात एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल व्हाट्सऐप पर भेजे गए थे। जांच में यह पाया गया कि कुछ सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी। इसके बाद एजेंसी ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
NEET परीक्षा रद्द होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि 22 लाख छात्रों के सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने तोड़ दिया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण होता है।
वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
CBT मोड में परीक्षा कराने की मांग
कोटा के कोचिंग संस्थान ALLEN के CEO नितिन कुकरेजा ने कहा कि NEET परीक्षा को भी JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदला जाना चाहिए। उनका कहना है कि पेन-एंड-पेपर मोड में पेपर लीक की संभावना ज्यादा रहती है। वहीं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक के सिस्टम में गंभीर खामियां हैं।
2024 में भी विवादों में रही थी NEET परीक्षा
बता दें कि, यह पहला मौका नहीं है जब NEET परीक्षा विवादों में आई हो। साल 2024 में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे। उस समय बिहार और झारखंड में जांच के दौरान कई गिरफ्तारियां हुई थीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी और केवल कुछ केंद्रों पर दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा
NEET भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय परीक्षा है। इसके जरिए MBBS, BDS, BAMS, BHMS और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है। देशभर में एक लाख से अधिक MBBS सीटें और 27 हजार से ज्यादा BDS सीटें इस परीक्षा के माध्यम से भरी जाती हैं।