Dhar Bhojshala Hearing : भोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी, ASI सर्वे रिपोर्ट और धार्मिक स्वरूप को लेकर उठे बड़े सवाल

Dhar Bhojshala Hearing : इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में लंबे समय से चर्चित भोजशाला प्रकरण की सुनवाई मंगलवार को पूरी हो गई। करीब दो घंटे से अधिक चली सुनवाई के दौरान सभी पक्षों ने अपने-अपने तर्क कोर्ट के सामने रखे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट और पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट (MP High Court) ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सभी पक्षों की नजर कोर्ट के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है। मुस्लिम पक्ष ने रखा अपना पक्ष सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा मेनन और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी दलीलें पेश कीं। वहीं एडवोकेट तौसिफ वारसी कोर्ट में मौजूद रहे। मुस्लिम पक्ष ने मुख्य रूप से राज्य सरकार और ASI द्वारा प्रस्तुत सर्वे रिपोर्ट और तर्कों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सर्वे प्रक्रिया में कई कमियां रही हैं और निष्पक्षता को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। MP Sanitation Survey : भोपाल में स्वच्छ भारत अभियान फेल! गंदगी और बदबू से परेशान रहवासी, सफाई पर उठे गंभीर सवाल साल 2022 में दायर की गई थी याचिका भोजशाला मामले में साल 2022 में रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने याचिका दायर की थी। याचिका में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को वहां पूर्ण धार्मिक अधिकार देने की मांग की गई थी। इसके बाद यह मामला लगातार अदालत में सुनवाई के दायरे में बना हुआ है। इस प्रकरण ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में चर्चा बटोरी है। ASI ने 98 दिनों तक किया था वैज्ञानिक सर्वे वर्ष 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भोजशाला परिसर में करीब 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। सर्वे के दौरान कई पुरातात्विक तथ्यों और संरचनाओं की जांच की गई। बाद में 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी। इस फैसले के बाद मामला और अधिक संवेदनशील बन गया। धार्मिक स्वरूप को लेकर कोर्ट में बहस हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा भोजशाला के धार्मिक स्वरूप का रहा। हिंदू पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णुशंकर जैन और विनय जोशी ने इसे मंदिर बताते हुए तर्क दिए। MP News : साइकिल से कोर्ट पहुंचे जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल, पेट्रोल बचाने का दिया संदेश वहीं शोभा मेनन ने कहा कि अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैन शाला। उन्होंने कोर्ट में कहा कि यदि यह मंदिर होता तो वहां मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के प्रमाण मौजूद होते, जबकि ऐसा कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है। धार्मिक स्वरूप तय करने के अधिकार पर सवाल मुस्लिम पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि किसी विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास होता है। उनका कहना था कि हाईकोर्ट में अनुच्छेद 226 के तहत दायर रिट याचिका के माध्यम से इस मुद्दे का फैसला करना उचित नहीं है। साथ ही याचिकाकर्ताओं पर जनहित याचिका का दुरुपयोग करने का आरोप भी लगाया गया। सलमान खुर्शीद ने ASI रिपोर्ट पर उठाए सवाल वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई वीडियोग्राफी और तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं। रंगीन फोटो भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने अयोध्या मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला में ऐसी कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा गौतम बुद्ध की प्रतिमा के दावे पर विवाद मुस्लिम पक्ष की ओर से दावा किया गया कि सर्वे के दौरान गौतम बुद्ध की प्रतिमा मिली थी, लेकिन उसका उल्लेख ASI रिपोर्ट में नहीं किया गया। साथ ही सर्वे में कार्बन डेटिंग तकनीक का उपयोग नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। उनका कहना था कि वैज्ञानिक जांच पूरी तरह आधुनिक और पारदर्शी तरीके से नहीं की गई। सर्वे प्रक्रिया पर भी उठे सवाल एडवोकेट तौसिफ वारसी ने कोर्ट में कहा कि सर्वे के दौरान पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर की मौजूदगी के लिए कोई स्पष्ट न्यायालयीन आदेश नहीं था। इसके बावजूद दोनों अधिकारी पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सर्वे आधुनिक तकनीक से किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन टीम ने पुरानी “टोटल स्टेशन” तकनीक का उपयोग किया। Himanta Biswa Sarma Oath : हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने मुख्यमंत्री, चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ अब कोर्ट के फैसले का इंतजार मामले में सभी पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है और हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कोर्ट भोजशाला के धार्मिक स्वरूप और ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर क्या निर्णय देता है। इस फैसले पर प्रदेश सहित पूरे देश की नजर बनी हुई है।
MP Sanitation Survey : भोपाल में स्वच्छ भारत अभियान फेल! गंदगी और बदबू से परेशान रहवासी, सफाई पर उठे गंभीर सवाल

MP Sanitation Survey : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल एक तरफ स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों की तस्वीरें इन दावों की पोल खोल रही हैं। नगर निगम द्वारा शहर में सफाई अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कई क्षेत्रों में गंदगी और जाम नालों की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं हुई, तो बारिश के मौसम में हालात और खराब हो सकते हैं। कई इलाकों में नहीं हो रही नियमित सफाई भोपाल के कई क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि कचरा समय पर नहीं उठाया जा रहा है और नालों की सफाई भी लंबे समय से नहीं हुई है। सड़क किनारे जमा गंदगी और बदबू के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम की टीम कई इलाकों में सफाई अभियान चलाने का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इससे अलग नजर आ रही है। MP News : साइकिल से कोर्ट पहुंचे जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल, पेट्रोल बचाने का दिया संदेश नेहरू नगर समेत पॉश इलाकों में गंदगी का अंबार राजधानी के पॉश इलाके नेहरू नगर सहित कई क्षेत्रों में नालों की हालत खराब बनी हुई है। नालों में प्लास्टिक, कचरा और गंदगी जमा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से नालों की सफाई नहीं कराई गई है। बारिश का मौसम नजदीक है और ऐसे में नालों की सफाई नहीं होने से जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को डर है कि सड़कों और कॉलोनियों में गंदा पानी भर सकता है। PM Fuel Saving Appeal : पीएम की अपील के बाद ई-रिक्शा पर पहुंचे लघु उद्योग निगम अध्यक्ष, समर्थकों का निकाला काफिला नगर निगम के दावों पर उठ रहे सवाल भोपाल को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी बताने वाले दावों पर अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि राजधानी के प्रमुख इलाकों में ही सफाई व्यवस्था इतनी खराब है, तो बाकी क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। शहर में फैली गंदगी और जाम नाले नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 का फील्ड सर्वे जारी भोपाल में स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 का फील्ड सर्वे अप्रैल से शुरू हो चुका है। यह सर्वे करीब 45 दिनों तक चलेगा। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, नालों की स्थिति और सिटीजन फीडबैक की जांच की जा रही है। Sujit Bose Arrested : बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने किया गिरफ्तार, 150 लोगों को नौकरी दिलाई; बदले में लिए पैसे और फ्लैट इस मामले को लेकर खबर लिखे जाने तक नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन कि कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे समय में शहर के कई इलाकों में फैली गंदगी नगर निगम की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।
MP News : साइकिल से कोर्ट पहुंचे जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल, पेट्रोल बचाने का दिया संदेश

MP News : जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचाने और पर्यावरण संरक्षण की अपील का असर अब देश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देने लगा है। मध्यप्रदेश के जबलपुर में हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल (Justice D.D. Bansal) ने एक अनोखी पहल करते हुए साइकिल से कोर्ट पहुंचकर लोगों को बड़ा संदेश दिया। उनका यह कदम अब चर्चा का विषय बन गया है। PM Fuel Saving Appeal : पीएम की अपील के बाद ई-रिक्शा पर पहुंचे लघु उद्योग निगम अध्यक्ष, समर्थकों का निकाला काफिला 3 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर पहुंचे कोर्ट मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल शहर की व्यस्त और भीड़भाड़ वाली सड़कों पर साइकिल चलाते नजर आए। उन्होंने अपने सरकारी आवास पचपेढ़ी, सिविल लाइंस से हाईकोर्ट तक करीब 3 किलोमीटर का सफर साइकिल से तय किया। कोर्ट पहुंचने के दौरान लोगों की नजरें उन पर टिक गईं। आमतौर पर बड़े पदों पर बैठे लोग सरकारी गाड़ियों में सफर करते हैं, लेकिन जस्टिस बंसल (Justice D.D. Bansal) ने सादगी और जिम्मेदारी का उदाहरण पेश किया। Himanta Biswa Sarma Oath : हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने मुख्यमंत्री, चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ तेल बचाने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश जस्टिस डीडी बंसल ने कहा कि देश इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पेट्रोल और डीजल की बचत करे। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां तक संभव हो, छोटी दूरी तय करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करें। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा और स्वास्थ्य भी बेहतर बनेगा। जस्टिस बंसल के साथ कोर्ट का एक कर्मचारी भी साइकिल पर नजर आया। कर्मचारी उनके जरूरी दस्तावेज, बैग और टिफिन लेकर साथ चला। Saubhagya Singh Video Viral : PM मोदी की अपील भूले नेता! सैकड़ों गाड़ियों के काफिले साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे सौभाग्य सिंह जस्टिस बंसल की इस पहल को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने इसे आम जनता के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। यहां देखिये वीडियो…
PM Fuel Saving Appeal : पीएम की अपील के बाद ई-रिक्शा पर पहुंचे लघु उद्योग निगम अध्यक्ष, समर्थकों का निकाला काफिला

PM Fuel Saving Appeal : भोपाल। मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ने पदभार ग्रहण करने के लिए ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया। वे भोपाल के अवधपुरी स्थित अपने घर से ई-रिक्शा में बैठकर भाजपा कार्यालय पहुंचे। हालांकि उनके साथ कई समर्थक अलग-अलग गाड़ियों से पहुंचे, जिससे यह चर्चा का विषय भी बन गया। बता दें कि, पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईरान-इजराइल युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने और एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है। Saubhagya Singh Video Viral : PM मोदी की अपील भूले नेता! सैकड़ों गाड़ियों के काफिले साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे सौभाग्य सिंह भाजपा कार्यालय में हुआ स्वागत कार्यक्रम सत्येंद्र भूषण सिंह के साथ अन्य बोर्ड और निगमों के पदाधिकारी भी आज अपना पदभार ग्रहण करने पहुंचे। इनमें मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी और उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन शामिल हैं। इसके अलावा मध्य प्रदेश कुश समाज कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रभु दयाल कुशवाहा ने भी पदभार संभाला। सभी नेताओं ने भाजपा कार्यालय पहुंचकर पार्टी संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। Himanta Biswa Sarma Oath : हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने मुख्यमंत्री, चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ समर्थकों की गाड़ियों को लेकर उठे सवाल खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन ने कहा कि वे खुद केवल तीन लोगों के साथ ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बाकी समर्थक अपने निजी साधनों से आए होंगे और उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब ईंधन बचाने का संदेश दिया जा रहा है, तब समर्थकों की बड़ी संख्या में गाड़ियों का इस्तेमाल क्यों हुआ। UAE-Iran Conflict : जंग में UAE ने किए ईरान पर हमले, लावान द्वीप की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना पीएम मोदी ने मेट्रो और वर्क फ्रॉम होम पर दिया जोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित भाजपा रैली में कहा था कि दुनिया में बढ़ते युद्ध और तेल संकट का असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास तेल के बड़े भंडार नहीं हैं, इसलिए ईंधन बचाना जरूरी है। पीएम ने लोगों से वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्प अपनाने और जिन शहरों में मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां मेट्रो से यात्रा करने की अपील की।
Saubhagya Singh Video Viral : PM मोदी की अपील भूले नेता! सैकड़ों गाड़ियों के काफिले साथ पदभार ग्रहण करने पहुंचे सौभाग्य सिंह

Saubhagya Singh Video Viral : भोपाल। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से कहा था कि जहां संभव हो वहां निजी गाड़ियों का कम इस्तेमाल करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें। पीएम मोदी ने वैश्विक हालात को देखते हुए ऊर्जा बचत को जरूरी बताया था। हालांकि मध्यप्रदेश में उनकी इसी अपील के बीच अलग तस्वीर देखने को मिली। भोपाल में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला मध्यप्रदेश में पाठ्य पुस्तक निगम के नए अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर के पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों गाड़ियों का बड़ा काफिला देखने को मिला। यह काफिला उज्जैन से भोपाल तक निकाला गया। बड़ी संख्या में समर्थकों और वाहनों के कारण कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो गई। NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा घंटों जाम में फंसे रहे लोग काफिले की वजह से भोपाल के कई प्रमुख रास्तों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बोर्ड ऑफिस चौराहे से लेकर अरेरा हिल्स तक वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं। भीषण गर्मी के बीच लोग घंटों जाम में फंसे रहे। उज्जैन से भोपाल तक शक्ति प्रदर्शन जानकारी के अनुसार सौभाग्य सिंह ठाकुर के स्वागत और पदभार ग्रहण को लेकर समर्थकों ने बड़े स्तर पर शक्ति प्रदर्शन किया। उज्जैन से शुरू हुआ यह काफिला रास्ते में कई जगह रुका और समर्थकों ने स्वागत कार्यक्रम भी किए। बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक संकट का असर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत जैसे देशों के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत को नियंत्रित करना आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में सरकार लगातार ऊर्जा बचत और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। Sujit Bose Arrested : बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने किया गिरफ्तार, 150 लोगों को नौकरी दिलाई; बदले में लिए पैसे और फ्लैट सोशल मीडिया पर वायरल भोपाल में लगे ट्रैफिक जाम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। कई लोगों ने सवाल उठाए कि आम जनता को नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है, लेकिन राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। वहीं कुछ समर्थकों ने इसे सामान्य राजनीतिक कार्यक्रम बताया। यहां देखिये वायरल वीडियो…
NEET UG 2026 Cancelled : नीट यूजी 2026 का पेपर रद्द, जल्द होगी नई एग्जाम डेट जारी; 23 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा

NEET UG 2026 Cancelled : नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा को रद्द कर दिया है। एजेंसी ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह फैसला लिया गया। अब परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और इसकी नई तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी। इस फैसले के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और चर्चा दोनों बढ़ गई हैं। पेपर लीक मामले की जांच करेगी CBI भारत सरकार ने NEET पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी है। सरकार का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच जरूरी है। NTA ने भी कहा है कि वह जांच एजेंसी को पूरा सहयोग देगा। एजेंसी सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और तकनीकी जानकारी CBI को उपलब्ध कराएगी ताकि पेपर लीक नेटवर्क का पता लगाया जा सके। Himanta Biswa Sarma Oath : हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने मुख्यमंत्री, चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा NTA ने छात्रों को राहत देते हुए कहा है कि दोबारा परीक्षा देने के लिए नया रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा। छात्रों के पुराने परीक्षा केंद्र भी वही रहेंगे। हालांकि री-एग्जाम के लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। इसके अलावा परीक्षा फीस भी वापस की जाएगी। एजेंसी ने कहा कि छात्रों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी नहीं होने दी जाएगी। 8 मई से शुरू हुई थी जांच NTA के अनुसार 8 मई 2026 को ही मामले की प्रारंभिक जांच केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं। इसके बाद सरकार और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता। परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसे रद्द करना जरूरी माना गया। CBSE Board Exam : CBSE 12वीं गणित पेपर का QR कोड से खुला यूट्यूब, बज रहा अंग्रेजी गाना राजस्थान से सामने आया पेपर लीक का मामला जांच में राजस्थान से पेपर लीक से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि कई छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ गेस पेपर मिला था। इस गेस पेपर के सवाल असली परीक्षा से मेल खा रहे थे। इसके बाद राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने कार्रवाई शुरू की। 13 संदिग्ध हिरासत में लिए गए 10 मई को SOG ने देहरादून, सीकर और झुंझुनू में छापेमारी की। इस दौरान 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। जांच में एक कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर का नाम भी सामने आया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। UAE-Iran Conflict : जंग में UAE ने किए ईरान पर हमले, लावान द्वीप की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना 720 में से 600 नंबर के सवाल हुए थे कॉमन जांच एजेंसियों के मुताबिक परीक्षा के 720 में से करीब 600 नंबर के सवाल पहले ही छात्रों तक पहुंच चुके थे। रिपोर्ट के अनुसार केरल के एक मेडिकल छात्र ने 1 मई को यह गेस पेपर सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। बाद में यह पेपर एक पीजी संचालक तक पहुंचा और वहां से कई छात्रों में फैल गया। इसी के बाद पूरे मामले ने बड़ा रूप ले लिया। यहां देखें नोटिफिकेशन
Himanta Biswa Sarma Oath : हिमंता बिस्वा सरमा दूसरी बार बने मुख्यमंत्री, चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ

Himanta Biswa Sarma Oath : गुवाहाटी। असम की राजनीति में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने मजबूत वापसी की है। हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार की शुरुआत कर दी है। गुवाहाटी के खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह में हिमंता ने असमिया में शपथ ली। समारोह में हजारों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। चार विधायकों ने भी ली मंत्री पद की शपथ मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नेओग शामिल हैं। नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों दोनों को जगह दी गई है। माना जा रहा है कि सरकार क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। Sujit Bose Arrested : बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने किया गिरफ्तार, 150 लोगों को नौकरी दिलाई; बदले में लिए पैसे और फ्लैट पीएम मोदी समेत कई बड़े नेता पहुंचे हिमंता बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। इसके अलावा बीजेपी और NDA शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम में मौजूद रहे। समारोह में पार्टी नेताओं ने असम में विकास और स्थिर सरकार का भरोसा जताया। बीजेपी ने इस जीत को जनता के विश्वास की जीत बताया। रामेश्वर तेली को मिला कैबिनेट में स्थान रामेश्वर तेली असम के चाय बागान समुदाय से आते हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2001 में विधायक के रूप में की थी। वे 2014 से 2024 तक डिब्रूगढ़ से सांसद रहे। केंद्र सरकार में उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया। अब एक बार फिर राज्य की राजनीति में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। UAE-Iran Conflict : जंग में UAE ने किए ईरान पर हमले, लावान द्वीप की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना अजंता नेओग का राजनीतिक अनुभव बना ताकत अजंता नेओग असम की वरिष्ठ महिला नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने 1996 में पहली बार विधायक बनकर राजनीति में कदम रखा था। साल 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। इसके बाद से वह हिमंता सरकार में लगातार अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। नई सरकार में भी उन्हें कैबिनेट में जगह दी गई है। अतुल बोरा की फिर बढ़ी जिम्मेदारी असम गण परिषद के प्रमुख नेता अतुल बोरा को भी नई सरकार में मंत्री बनाया गया है। वह 2016 से लगातार राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। क्षेत्रीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। बीजेपी और AGP गठबंधन में उनकी भूमिका काफी अहम मानी जा रही है। चरण बोरो को पहली बार मिला बड़ा मौका चरण बोरो को पहली बार कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। उन्होंने 2016 में मजबत सीट से विधायक बनकर राजनीति में पहचान बनाई थी। पार्टी ने उन्हें युवा नेतृत्व के तौर पर आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। इससे बीजेपी का फोकस नए चेहरों और युवा नेताओं पर भी दिखाई देता है। Bengal Elections Controversy : सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, 31 सीटों पर चुनाव नतीजों को दी चुनौती! कोर्ट ने कहा- नई याचिकाएं लगाए नई सरकार से विकास की उम्मीदें असम में नई सरकार बनने के बाद अब लोगों की नजर विकास योजनाओं पर टिकी हुई है। बीजेपी ने चुनाव के दौरान रोजगार, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और निवेश बढ़ाने का वादा किया था। माना जा रहा है कि हिमंता सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में विकास और कानून व्यवस्था पर ज्यादा फोकस करेगी।
Sujit Bose Arrested : बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत को ED ने किया गिरफ्तार, 150 लोगों को नौकरी दिलाई; बदले में लिए पैसे और फ्लैट

Sujit Bose Arrested : कोलकता। पश्चिम बंगाल में नगर निगम भर्ती घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। ED अधिकारियों ने उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सुजीत बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह ED दफ्तर पहुंचे थे। 150 लोगों को अवैध नौकरी दिलाने का आरोप ED के मुताबिक सुजीत बोस पर 2014 से 2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि नौकरी दिलाने के बदले पैसे और फ्लैट लिए गए थे। उस समय सुजीत बोस दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। मामले में आर्थिक लेनदेन और संपत्ति से जुड़े कई दस्तावेज एजेंसी के हाथ लगे हैं। UAE-Iran Conflict : जंग में UAE ने किए ईरान पर हमले, लावान द्वीप की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना चुनाव हारने के बाद बढ़ीं मुश्किलें सुजीत बोस बिधाननगर सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी से 37 हजार से ज्यादा वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव के बाद से ही उनके खिलाफ जांच तेज हो गई थी। राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चा तेज है। कैसे सामने आया भर्ती घोटाला नगर निगम भर्ती घोटाले का खुलासा शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान हुआ था। साल 2023 में जांच एजेंसियों ने कारोबारी आयन शील के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसी दौरान कई नगर पालिकाओं में अवैध नियुक्तियों से जुड़े सबूत मिले। जांच में पता चला कि क्लर्क, सफाईकर्मी और अन्य पदों पर पैसों के बदले नौकरी दी गई थी। Chandranath Murder Update : कौन है बलिया का राज सिंह उर्फ चंदन? शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में हुआ अरेस्ट ED की छापेमारी में मिले अहम सबूत ED ने अक्टूबर 2025 में 13 जगहों पर छापेमारी की थी। इसमें सुजीत बोस का दफ्तर भी शामिल था। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 45 लाख रुपए नकद जब्त किए थे। इसके अलावा कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी बरामद किए गए थे। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। 11 दिन में दो बार हुई पूछताछ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सुजीत बोस को ED की तरफ से कई नोटिस भेजे गए थे। उन्होंने चुनावी व्यस्तता का हवाला देकर पहले पेशी से छूट मांगी थी। इसके लिए उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख भी किया था। चुनाव खत्म होने के बाद वह 1 मई को ED दफ्तर पहुंचे थे। इसके 11 दिन बाद दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई जांच कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर CBI ने इस मामले में FIR दर्ज की थी। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की। जनवरी 2024 और अक्टूबर 2025 में सुजीत बोस के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। एजेंसी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई थीं। Share Market Today : सेंसेक्स 1,313 अंक गिरकर बंद, निफ्टी भी 360 अंक टूटा, जानिए कैसा रहा बाजार का हाल बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल सुजीत बोस की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने TMC सरकार पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। वहीं TMC नेताओं का कहना है कि जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है। बंगाल में एक दिन में हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में 11 मई को कई बड़े राजनीतिक फैसले भी सामने आए। नई भाजपा सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए BSF को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। इसके साथ ही मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी किया गया। दूसरी तरफ TMC ने विधानसभा चुनाव की 31 सीटों के नतीजों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
UAE-Iran Conflict : जंग में UAE ने किए ईरान पर हमले, लावान द्वीप की ऑयल रिफाइनरी को बनाया निशाना

UAE-Iran Conflict : तेहरान। मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने ईरान पर गुप्त सैन्य हमले किए। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल महीने में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। इस हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई और तेल उत्पादन लंबे समय तक प्रभावित रहा। इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। युद्धविराम के बीच हुआ हमला रिपोर्ट में बताया गया कि यह हमला उसी समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प युद्धविराम की घोषणा कर रहे थे। ईरान ने उस समय कहा था कि उसकी रिफाइनरी दुश्मन की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई है। इसके बाद तेहरान ने UAE और कुवैत की तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ गया। हालांकि UAE ने इन आरोपों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। Chandranath Murder Update : कौन है बलिया का राज सिंह उर्फ चंदन? शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में हुआ अरेस्ट अमेरिका और UAE के रिश्तों पर बढ़ी चर्चा UAE विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश को अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई का अधिकार है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका इस कार्रवाई से नाराज नहीं था। उस समय तक युद्धविराम पूरी तरह लागू नहीं हुआ था। माना जा रहा है कि अमेरिका ने खाड़ी देशों की भागीदारी को चुपचाप समर्थन दिया। युद्ध के दौरान ईरान ने UAE की ओर हजारों मिसाइल और ड्रोन दागे थे, जिससे एयर ट्रैफिक, पर्यटन और व्यापार पर असर पड़ा। ट्रम्प ने ईरान को बताया बेईमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत में बार-बार अपनी बात बदलता है और जानबूझकर वार्ता को लंबा खींचता है। ट्रम्प ने कहा कि जिन दस्तावेजों को कुछ मिनटों में पहुंचना चाहिए, उन्हें ईरान कई दिनों बाद भेजता है। उनके मुताबिक यह बातचीत को कमजोर करने की रणनीति है। Bengal Elections Controversy : सुप्रीम कोर्ट पहुंची TMC, 31 सीटों पर चुनाव नतीजों को दी चुनौती! कोर्ट ने कहा- नई याचिकाएं लगाए परमाणु कार्यक्रम बना सबसे बड़ा विवाद अमेरिका और ईरान के बीच कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल, प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान लंबे समय तक यूरेनियम संवर्धन रोके। वहीं ईरान इस पर सहमत नहीं दिख रहा है। इसी कारण शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है। तेल की कीमतों में आया बड़ा उछाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी दिखाई दिया। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। निवेशकों को डर है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में हालात और बिगड़े तो वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि दुनिया भर के बाजारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान को लेकर बड़ा दावा एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान ने अपने कुछ सैन्य और नागरिक विमान पाकिस्तान और अफगानिस्तान भेजे। कहा गया कि संभावित अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए इन विमानों को एयरबेस पर पार्क किया गया। हालांकि पाकिस्तान और तालिबान सरकार ने इन दावों को खारिज किया है। इसके बावजूद इस रिपोर्ट ने क्षेत्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। Sambhal School Controversy : PM श्री स्कूल में हिंदू छात्रों को जबरदस्ती पहनाए हिजाब-टोपी! प्रिंसिपल समेत 3 टीचर निलंबित लेबनान सीमा पर भी बढ़ा संघर्ष इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष भी लगातार तेज हो रहा है। दक्षिणी लेबनान में इजराइली एयरस्ट्राइक में 6 लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके बाद सीमा क्षेत्र में गोलाबारी और सुरक्षा गतिविधियां बढ़ा दी गई हैं। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता बढ़ने का खतरा गहरा गया है। ऑस्ट्रेलिया ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध ऑस्ट्रेलिया ने भी ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इन प्रतिबंधों में कई ईरानी अधिकारियों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है। ऑस्ट्रेलिया का आरोप है कि ईरान क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने और हिंसक गतिविधियों को समर्थन देने में शामिल है। इसके साथ ही यात्रा प्रतिबंध और वित्तीय पाबंदियां भी लागू की गई हैं।
Chandranath Murder Update : कौन है बलिया का राज सिंह उर्फ चंदन? शुभेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में हुआ अरेस्ट

Chandranath Murder Update : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चर्चित शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोलकाता पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर मुख्य आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। इस हत्याकांड के बाद से पुलिस लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। 6 मई की रात हुई थी सनसनीखेज हत्या यह वारदात 6 मई की रात पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में हुई थी। जानकारी के अनुसार नकाबपोश हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ की एसयूवी को बीच रास्ते में रोक लिया और उन पर हमला कर दिया। हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया। Sambhal School Controversy : PM श्री स्कूल में हिंदू छात्रों को जबरदस्ती पहनाए हिजाब-टोपी! प्रिंसिपल समेत 3 टीचर निलंबित UPI ट्रांजैक्शन बना सबसे बड़ा सुराग हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी सिल्वर रंग की कार से फरार हो गए थे। भागने के दौरान उन्होंने बाली टोल प्लाजा पर टोल टैक्स का भुगतान यूपीआई के जरिए किया। यही उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुई। पुलिस ने यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर को ट्रैक किया और धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंच गई। टोल प्लाजा पर लगे हाई डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों में कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी कैद हो गई थीं। इन फुटेज की मदद से जांच एजेंसियों को आरोपियों की पहचान करने में काफी सहायता मिली। फर्जी नंबर प्लेट और क्लोन कार का इस्तेमाल जांच में यह भी सामने आया कि अपराधियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी। आरोपियों ने ऑनलाइन पोर्टल से एक असली कार की तस्वीर लेकर उसकी क्लोन नंबर प्लेट तैयार की थी। इस तरीके से वे जांच एजेंसियों को भ्रमित करना चाहते थे, ताकि कार को ट्रैक न किया जा सके। हालांकि तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण उनकी पूरी योजना नाकाम हो गई। पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पता लगाकर कई अहम जानकारियां जुटाई हैं। Bengal Violence Update : चंद्रनाथ रथ के बाद रत्ना देबनाथ निशाने पर! सुभेंदु बोले- PA के मर्डर से पहले बदमाशों ने की थी रेकी बलिया के राज सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड गिरफ्तार आरोपी राज सिंह उर्फ चंदन बलिया के आनंद नगर इलाके का निवासी है। वह क्षत्रिय महासभा का महासचिव भी बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर पहले भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। साल 2020 में उस पर एक अंडा व्यापारी की हत्या का आरोप लगा था और वह फिलहाल जमानत पर बाहर था। पुलिस के मुताबिक राज सिंह हाल ही में एक भाजपा नेता की बेटी की शादी में शामिल होने लखनऊ गया था। लौटते समय उसे अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया गया। बिहार और पूर्वांचल के शूटरों का कनेक्शन जांच एजेंसियों के अनुसार इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बिहार और पूर्वांचल के पेशेवर शूटरों की मदद ली गई थी। पुलिस ने बिहार के बक्सर से मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को भी हिरासत में लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की असली वजह क्या थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में बड़ा आपराधिक नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। Update : सुवेंदु अधिकारी के करीबी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा, बिहार-यूपी से 3 संदिग्ध हिरासत में कोलकाता में होगी गहन पूछताछ गिरफ्तार आरोपियों को अब कोलकाता ले जाया गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या की साजिश किसने रची और इसके पीछे मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।