TCS Case Update : महाराष्ट्र। नासिक स्थित TCS कार्यालय में कथित मतांतरण और यौन शोषण मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, TCS मतांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान AIMIM पार्षद के घर पर छिपी थी। पुलिस ने अब मतीन पटेल को भी इस केस में सह-आरोपी बना लिया है।
11 मई तक पुलिस हिरासत में निदा खान
27 दिनों से फरार चल रही आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक कोर्ट ने निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस गिरफ्तारी के बाद मामले ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है।
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AIMIM पार्षद पर आरोपी को छिपाने का आरोप
जांच में सामने आया है कि निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM के पार्षद मतीन पटेल ने कथित रूप से शरण दी थी। पुलिस ने अब मतीन पटेल को भी इस केस में सह-आरोपी बना लिया है।
आरोप है कि निदा खान को नारेगांव इलाके में खेतों के बीच बने एक घर में छिपाकर रखा गया था। वहां वह अपने माता-पिता, भाई और मौसी के साथ रह रही थी। पुलिस को शक है कि फरारी के दौरान उसे स्थानीय स्तर पर मदद मिल रही थी।
महिलाओं पर धार्मिक दबाव डालने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार निदा खान पर आरोप है कि वह TCS नासिक कार्यालय में काम करने वाली महिलाओं पर धर्मांतरण का दबाव बनाती थी। वह कथित तौर पर महिलाओं को हिजाब पहनने और इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने के लिए प्रेरित करती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कुछ महिलाओं के मोबाइल फोन पर धार्मिक सामग्री से जुड़े एप और यूट्यूब लिंक भेजे थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इन गतिविधियों के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था।
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विदेशी संपर्क और फंडिंग की जांच तेज
मामले में एक विदेशी कनेक्शन भी सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक निदा खान मलेशिया के इमरान नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में थी। जांच एजेंसियों को शक है कि महिलाओं को विदेश भेजने की भी योजना बनाई जा रही थी।
इसी वजह से अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और महाराष्ट्र ATS भी मामले की जांच में शामिल हो गई हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के बैंक खातों में पैसा कहां से आ रहा था और उसका उपयोग किन गतिविधियों में किया जा रहा था।
कोर्ट से नहीं मिली राहत
निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उसने खुद को गर्भवती बताते हुए राहत की मांग की थी। हालांकि अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुरुवार देर रात छत्रपति संभाजीनगर से ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे नासिक लाया गया। शुक्रवार को दिनभर पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया।
राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना
निदा खान की गिरफ्तारी के बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। AIMIM पार्षद का नाम सामने आने के बाद विपक्ष और कई संगठनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा विवाद बन सकता है। वहीं पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।