Bengal Re-polling 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर और मगराहाट पश्चिम विधानसभा सीटों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया जा रहा है। इन मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक मतदान जारी रहेगा। जानकारी के अनुसार, इनमें से 11 बूथ मगराहाट पश्चिम क्षेत्र में और 4 बूथ डायमंड हार्बर क्षेत्र में स्थित हैं।
सुबह 9 बजे तक 16.23% मतदान
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक कुल 16.23 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अगर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो मगराहाट पश्चिम में 16.88 प्रतिशत और डायमंड हार्बर में 15.83 प्रतिशत मतदान हुआ।
क्यों हो रही री-पोलिंग
दरअसल, इस पुनर्मतदान की वजह बीजेपी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं। पार्टी ने दावा किया कि कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई। विशेष रूप से फलता क्षेत्र में एक बूथ पर कमल के निशान वाले बटन को टेप से ढकने का आरोप सामने आया।
इस घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद मतदाताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों में ईवीएम से छेड़छाड़, बूथ कैप्चरिंग और चुनावी गड़बड़ियों के आरोप शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने जांच के बाद इन 15 केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।
30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना
सूत्रों के अनुसार, फलता विधानसभा क्षेत्र के लगभग 30 और मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला अभी निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाना बाकी है।
बता दें कि 29 अप्रैल को दूसरे चरण के मतदान के दौरान इन बूथों पर मतदान हुआ था, लेकिन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 58(2) के तहत इसे निरस्त कर दिया गया।
मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें
मतदाताओं की प्रतिक्रिया भी इस दौरान मिश्रित रही। बाहिरापुरा कुरकुरिया एफपी स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। कई मतदाताओं ने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि पुनर्मतदान क्यों कराया जा रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने दावा किया कि पहले मतदान के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं हुई थी।
स्थानीय लोगों की नाराजगी सिर्फ चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रही। उन्होंने क्षेत्र की खराब सड़कों, पानी की कमी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर भी नाराजगी जताई।
इस पूरे विवाद पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जहां भी गड़बड़ी साबित होगी, वहां पुनर्मतदान जरूर कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर आयोग की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।