MP Human Trafficking : श्योपुर। एक मासूम जिसे अभी ठीक से बोलना भी नहीं आया होगा, वह अचानक सड़क किनारे अकेली छोड़ दी जाती है। उसके चेहरे पर मासूमियत, उसकी आंखों में डर और आसपास कोई अपना नहीं- यह दृश्य किसी भी इंसान का दिल दहला दे। मध्यप्रदेश के श्योपुर में मिली करीब 2 साल की इस बच्ची की कहानी सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि इंसानियत को शर्मसार करने वाला सच लेकर सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ कि इस मासूम को कई हाथों से खरीदा-बेचा गया, जैसे वह कोई इंसान नहीं बल्कि एक सामान हो।
मध्य प्रदेश की दिल दहलाने वाली घटना
मध्यप्रदेश के श्योपुर में इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 18 अप्रैल को NH – 552 पर मिली बच्ची के मामले में पुलिस ने चार महिलाओं समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह मामला बच्ची की खरीद-फरोख्त और मानव तस्करी से जुड़ा हुआ है।
डायल-112 से मिली थी सूचना
पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल (Sudhir Kumar Agrawal) ने बताया कि 18 अप्रैल 2026 की सुबह मानपुर थाना पुलिस को डायल-112 के जरिए सूचना मिली थी कि सोइखुर्द के पास एक अज्ञात व्यक्ति एक छोटी बच्ची को छोड़कर चला गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर में रखा गया। साथ ही बाल कल्याण समिति को भी सूचित किया गया।
सीसीटीवी से खुला राज
मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से एक कार की पहचान की, जो भोपाल निवासी आकाश मूदडा के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद पुलिस ने भोपाल पहुंचकर आकाश मूदडा और उसकी पत्नी कृतिका से पूछताछ की।
पूछताछ में सामने आई सच्चाई
शुरुआत में आरोपियों ने बच्ची को गोद लेने की बात कही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने सच्चाई कबूल कर ली। उन्होंने बताया कि बच्ची को इंदौर में एक पार्लर संचालिका और उसकी सहयोगी महिलाओं से करीब 1 लाख रुपए में खरीदा गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में मानव तस्करी और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धाराएं भी जोड़ दीं।
इंदौर से जुड़े नेटवर्क का खुलासा
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीन विशेष टीमें बनाकर इंदौर भेजी गईं। यहां से पुलिस ने ब्यूटी पार्लर संचालिका नीता जैन, उसके पति वैभव जैन, आकाश मूदडा और उसकी पत्नी कृतिका के साथ धार और खरगौन की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। जांच में इंदौर के महालक्ष्मी नगर से इस पूरे नेटवर्क के संचालन के संकेत मिले हैं।
6 दिन की बच्ची का हुआ था सौदा
जांच में सामने आया कि बच्ची का सौदा 21 नवंबर 2024 को हुआ था, जब वह सिर्फ 6 दिन की थी। धार जिले की एक क्लीनिक संचालिका ने बच्ची को खरगौन की महिला से लिया था। इसके बाद इंदौर में नीता जैन और उसके पति के जरिए यह बच्ची राजगढ़ के आकाश मूदडा को करीब 1 लाख रुपए में बेच दी गई। इस तरह मासूम बच्ची कई हाथों से गुजरती रही।
रिमांड पर आरोपी, जांच जारी
पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।