Aayudh

MP Assembly Session : ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे MLA, पुलिस से झूमाझटकी:’नारी शक्ति वंदन’ पर चर्चा

MP Assembly Session

MP Assembly Session : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का सोमवार को एकदिवसीय विशेष सत्र हंगामेदार रहा। ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इसी बीच कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली से विधानसभा पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया, जिससे विवाद और बढ़ गया। सदन के भीतर भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर जोरदार बहस हुई, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर विधायक और पुलिस में टकराव कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर विधानसभा जा रहे थे, लेकिन मंत्रालय के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। शाह का दावा था कि उन्होंने ट्रैक्टर के लिए पास बनवाया है, जबकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रैक्टर को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस बढ़ गई और स्थिति धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। बाद में शाह गेहूं का गठ्ठा लेकर विधानसभा पहुंचे, जिससे यह मुद्दा और चर्चा में आ गया। Budhaditya Yoga Impact : 30 को बुध ग्रह का मेष में प्रवेश, बुधादित्य योग से व्यापार-रोजगार में मिलेंगे मौके महिला आरक्षण पर सदन में तीखी बहस सदन में ‘नारी शक्ति वंदन’ अधिनियम के तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि यह बिल राजनीतिक कारणों से लाया गया है और इसका उद्देश्य चुनावी फायदा उठाना है। वहीं कांग्रेस विधायक नितेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि यदि महिलाओं को अधिकार देना है तो परिसीमन का इंतजार क्यों किया जा रहा है, आरक्षण तुरंत लागू किया जाना चाहिए। सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर साधा निशाना राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि संसद में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है और विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ा है। वहीं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के विरोध पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संकल्प का विरोध करने वालों को जनता जवाब देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विशेष सत्र में शासकीय संकल्प आने के बाद अशासकीय प्रस्ताव नहीं लिया जा सकता। Dhirendra Shastri : ‘चार बच्चे’ वाले बयान पर धीरेंद्र शास्त्री की सफाई, बोले- मेरा उद्देश्य राष्ट्रहित और सेवाभाव जगाना अध्यक्ष का फैसला और कांग्रेस का वॉकआउट विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि विशेष सत्र में शासकीय संकल्प प्राथमिकता में होता है, इसलिए अशासकीय संकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस फैसले के विरोध में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कांग्रेस के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाना चाहिए, जबकि सरकार परिसीमन के बाद इसे लागू करने की बात कर रही है। महिला आरक्षण पर सियासी घमासान जारी महिला आरक्षण को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। भाजपा जहां इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे अधूरा और टालमटोल वाला फैसला बता रही है। ऐसे में आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और जोर पकड़ सकता है।

Budhaditya Yoga Impact : 30 को बुध ग्रह का मेष में प्रवेश, बुधादित्य योग से व्यापार-रोजगार में मिलेंगे मौके

Budhaditya Yoga 2026

Budhaditya Yoga Impact : वैशाख माह के अंतिम चरण में 30 अप्रैल सुबह 6:55 बजे बुध ग्रह मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यहां पहले से सूर्य की उपस्थिति के कारण बुधादित्य योग का निर्माण होगा। यह योग 14 मई तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद बुध वृषभ राशि में जाएंगे और 15 मई को सूर्य भी वहीं पहुंचेंगे, जिससे इस योग का दूसरा चरण 29 मई तक जारी रहेगा। इस तरह करीब एक महीने तक यह शुभ योग सक्रिय रहेगा। करियर और व्यापार में आएगी तेजी ज्योतिष के अनुसार बुध को बुद्धि, संवाद, निर्णय क्षमता और व्यापार का कारक माना जाता है। ऐसे में इस अवधि के दौरान नौकरी, व्यापार, पढ़ाई और आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है। लोगों की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी और नई योजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा। हालांकि इस दौरान जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह भी दी जा रही है। Mangal Gochar 2026 Effect : मंगल के गोचर इन 4 राशि वाले होंगे मालामाल, करियर में तरक्की के कई रास्ते 11 मई को बनेगा रुचक योग इसी अवधि में 11 मई को मंगल मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे रुचक योग का निर्माण होगा। यह योग साहस, ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ाने वाला माना जाता है। इसके प्रभाव से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। हालांकि गुस्से और उतावलेपन पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। शुक्र का गोचर देगा रिश्तों में मजबूती 14 मई को शुक्र मिथुन राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष में शुक्र को सुख-सुविधा, प्रेम और दांपत्य जीवन का कारक माना जाता है। इस दौरान पारिवारिक जीवन में सकारात्मकता बढ़ेगी और रिश्तों में मधुरता आने की संभावना है। Vastu Tips : सुख-समृद्धि और ग्रोथ के लिए अपनाएं ये आसान वास्तु उपाय, दूर होगी घर की नकारात्मकता धार्मिक दृष्टि से भी खास समय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष अधिक मास के कारण वैशाख और ज्येष्ठ माह का विशेष महत्व है। इस दौरान स्नान, दान और पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक मिलने की मान्यता है। ग्रहों के ये विशेष योग इस समय को और भी प्रभावशाली बना रहे हैं। राशियों पर संभावित प्रभाव इस ग्रह स्थिति का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। Financial Growth Vastu Tips : आर्थिक तंगी से हैं परेशान, इन वास्तु टिप्स से घर में होगी धनवर्षा मेष राशि वालों को जल्दबाजी से बचना होगा, जबकि वृषभ राशि वालों के खर्च बढ़ सकते हैं। मिथुन राशि के जातकों को नए संपर्क और आय के अवसर मिलेंगे, वहीं कर्क राशि के अधूरे काम पूरे हो सकते हैं। सिंह राशि के लिए करियर में प्रगति के संकेत हैं और कन्या राशि के जातकों को योजनाओं में सफलता मिल सकती है। तुला राशि के लिए आर्थिक लाभ और पदोन्नति के योग बन रहे हैं, जबकि वृश्चिक राशि को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। धनु राशि के सम्मान में वृद्धि होगी, मकर राशि को घर और काम में संतुलन मिलेगा। कुंभ राशि के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और यात्रा के योग बन सकते हैं, जबकि मीन राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

Dhirendra Shastri : ‘चार बच्चे’ वाले बयान पर धीरेंद्र शास्त्री की सफाई, बोले- मेरा उद्देश्य राष्ट्रहित और सेवाभाव जगाना

Dhirendra Shastri Statement

Dhirendra Shastri : मध्य प्रदेश। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने ‘चार बच्चे’ वाले बयान को लेकर उठे विवाद पर सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है। शास्त्री ने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं था, बल्कि समाज को एक सकारात्मक संदेश देना था। क्या था बयान का असली मतलब शास्त्री ने अपने स्पष्टीकरण में कहा कि उन्होंने परिवार में चार बच्चे होने की बात इस संदर्भ में कही थी कि उनमें से एक को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित किया जाए। उनका कहना था कि यह समर्पण किसी भी रूप में हो सकता है- चाहे वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़कर समाज सेवा करना हो या भारतीय सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना हो। CG Conversions Expose : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर बड़ा खुलासा! जशपुर, अंबिकापुर, बस्तर में गांव के गांव ने बदला धर्म बच्चों को योग्य नागरिक बनाने पर जोर उन्होंने आगे कहा कि परिवारों को अपने बच्चों को डॉक्टर, कलेक्टर और अन्य जिम्मेदार पदों के लिए तैयार करना चाहिए, ताकि वे देश की प्रगति में योगदान दे सकें। शास्त्री के मुताबिक, उनका संदेश बच्चों में राष्ट्रभक्ति और सनातन मूल्यों को विकसित करने से जुड़ा था, न कि किसी तरह की गलत भावना फैलाने से। ‘समर्पण’ शब्द को लेकर दी स्पष्टता धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ‘समर्पण’ का मतलब किसी भी प्रकार की कट्टरता नहीं, बल्कि सेवा भाव है। उनका कहना था कि बच्चों को देश और धर्म के प्रति जिम्मेदारी समझाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ। MP Assembly Session : आज विधानसभा का विशेष सत्र, महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने क्या है पूरा मामला नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लोगों से सीधे अपील की कि हर परिवार को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक बच्चे को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को समर्पित कर देना चाहिए। यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोग इसे राष्ट्र सेवा और समर्पण की भावना बताते हुए सराहना कर रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जनसंख्या नीति पर अनुचित दबाव मान रहे हैं। Bhopal Suicide Case : लव-मैरिज के 7 महीने बाद युवक का सुसाइड, इंस्टा वीडियो में बोला- पत्नी करती थी प्रताड़ित RSS की जमकर सराहना अपने संबोधन में शास्त्री ने RSS की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब भी देश में कोई आपदा आती है, आम लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हैं, लेकिन RSS के कार्यकर्ता मौके पर डटे रहते हैं और लोगों की मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की जरूरत है। इसी भावना से उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और एक को RSS को समर्पित करने की अपील की। यह खबर पूरी पढ़ें…

CG Conversions Expose : छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर बड़ा खुलासा! जशपुर, अंबिकापुर, बस्तर में गांव के गांव ने बदला धर्म

Religion Conversion

CG Conversions Expose : बस्तर। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों से सामने आई एक विस्तृत पड़ताल ने राज्य के कई हिस्सों की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार जशपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ और बस्तर जैसे क्षेत्रों में गांव-गांव में धार्मिक पहचान तेजी से बदल रही है। कई जगहों पर हालात ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां पारंपरिक आदिवासी संस्कृति और मान्यताओं की जगह नए धार्मिक प्रभाव मजबूत होते दिख रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक ढांचे और जीवनशैली में भी बड़ा परिवर्तन दर्शा रहा है। परंपराओं में दिख रहा बड़ा बदलाव रिपोर्ट के अनुसार, कई गांवों में मंदिरों की संख्या बेहद कम या न के बराबर है, जबकि चर्चों की संख्या अधिक है। इसके साथ ही पारंपरिक रीति-रिवाजों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले दाह संस्कार किया जाता था, अब वहां दफनाने की प्रथा अपनाई जा रही है और कब्रों पर क्रॉस बनाए जा रहे हैं। यह बदलाव सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Nashik NGO Conversion : नागपुर में नासिक TCS जैसा केस! NGO की आड़ में धर्मांतरण का खेल, महिलाएं निशाने पर मिशनरी गतिविधियां और सामाजिक पहुंच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि गरीब, बीमार और समाज से उपेक्षित वर्ग मिशनरी गतिविधियों के केंद्र में हैं। गांवों में कई जगह पास्टर नियुक्त किए गए हैं, जो लोगों के बीच जाकर धार्मिक प्रचार करते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए भी लोगों तक पहुंच बनाई जा रही है, जिससे उनका भरोसा जीता जा सके और सामाजिक जुड़ाव बढ़ाया जा सके। NGO और फॉरेन फंडिंग पर उठे सवाल केंद्र सरकार के विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत राज्य में 146 एनजीओ पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 50 मिशनरी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनका कार्यक्षेत्र धार्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा है। हालांकि, इन संस्थाओं को मिलने वाली विदेशी फंडिंग और उसके उपयोग को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। Supreme Court on Conversion : धर्म बदलने पर खत्म होगा SC का दर्जा…सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला जांच में सामने आई फंडिंग की कड़ियां जांच एजेंसियों की कार्रवाई में यह भी सामने आया कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल चर्च निर्माण और पास्टरों की नियुक्ति में किया जा रहा है। बताया गया कि विदेशों से करोड़ों रुपये की राशि भारत लाई गई, जिसे स्थानीय स्तर पर उपयोग किया गया। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जांच कर रहा है और इसकी गहराई से पड़ताल जारी है। सरकार का सख्त रुख और नया कानून इन घटनाओं के बीच राज्य सरकार ने धर्मांतरण के मामलों को नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 लाने की पहल की है। इस विधेयक का उद्देश्य बलपूर्वक, प्रलोभन या धोखे से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाना है। Bhopal Conversion Update : अमरीन-आफरीन का ईरानी डेरा कनेक्शन! पिता की मौत के बाद बनीं सेक्स रैकेट सरगना सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर बहस जरूरी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। जहां एक ओर विकास और सुविधाओं की कमी है, वहीं दूसरी ओर बाहरी सहायता के जरिए लोगों तक पहुंच बनाई जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में इस विषय पर व्यापक बहस और निष्पक्ष जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।

MP Assembly Session : आज विधानसभा का विशेष सत्र, महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, सत्ता-विपक्ष आमने-सामने

MP Assembly Special Session

MP Assembly Session : भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र आज आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य फोकस ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर है। इस सत्र में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर चर्चा होनी है। सत्र शुरू होने से पहले ही प्रदेश की सियासत गरमा गई है और सत्ता व विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर साधा निशाना सत्र से पहले मंत्री विश्वास कैलाश सारंग (Vishwas Sarang) ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने के प्रयास में कांग्रेस ने हमेशा बाधा डाली है। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष के नेता महिला विरोधी रवैया अपनाते हैं। Swapanil Wankhede : बुजुर्ग ने दिया पोते के जन्मदिन का न्योता, मना नहीं कर पाए IAS स्वप्निल; कलेक्टर ने गांव में बिताई रात उन्होंने प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब इस मुद्दे पर उनकी चुप्पी समझ से परे है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी और सोनिया गांधी समेत विपक्षी नेताओं पर बड़े फैसलों को रोकने का आरोप लगाया। क्या बोले सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों को लेकर नकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, लेकिन विपक्ष ने इसे कमजोर करने की कोशिश की। सीएम ने स्पष्ट किया कि सदन में इस मुद्दे पर समर्थन का संकल्प पेश किया जाएगा। 8th Pay Commission : 18 हजार से अब 72,000 रुपये होगी सैलरी! 8वें वेतन आयोग को लेकर आया बड़ा अपडेट पटवारी ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल दूसरी ओर कांग्रेस भी इस मुद्दे पर आक्रामक नजर आ रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस वर्तमान विधानसभा की सीटों पर ही तुरंत 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद लागू करने की शर्त के बजाय मौजूदा व्यवस्था में ही महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए। क्या है पूरा मामला दरअसल, ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इसके बाद भाजपा ने विपक्ष को महिला विरोधी बताते हुए हमला तेज कर दिया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।

Iran-US Peace Talks : ईरान को ट्रंप का अल्टीमेटम, सीजफायर शर्त मानें नहीं तो तेल पाइपलाइन में होगा ब्लास्ट

Trump 10% Global Tariff

Iran-US Peace Talks : वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उसके पास युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर की शर्त पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं। अगर ईरान ऐसा नहीं करता तो उसकी तेल पाइपलाइन में ब्लास्ट हो सकता है। ट्रम्प का कहना है कि अगर ईरान तेल निर्यात नहीं कर पाएगा, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा, जिससे तकनीकी कारणों से बड़ा नुकसान हो सकता है। तेल सप्लाई और होर्मुज बना सबसे बड़ा मुद्दा मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सबसे अहम केंद्र बन गया है। यही वह रास्ता है, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल का व्यापार होता है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट पर कोई समझौता नहीं होगा और इन्हें उसने अपनी ‘रेड लाइन’ बताया है। US-Iran Peace Talks : अमेरिकी अधिकारियों का पाकिस्तान दौरा कैंसल, ट्रंप बोले-18 घंटे प्लेन में बैठकर बेकार बातें नहीं करेंगे रूस पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंच गए हैं, जहां वे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मौजूदा युद्ध, संभावित सीजफायर और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होने की उम्मीद है। अराघची ने कहा कि रूस और ईरान के बीच समन्वय इस समय बेहद जरूरी है। नया प्रस्ताव: पहले युद्ध खत्म बाद में परमाणु मुद्दा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें पहले होर्मुज स्ट्रेट खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई है, जबकि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि अब तक इस पर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। White House Firing : व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर में अंधाधुंध फायरिंग, हमलावर गिरफ्तार पाकिस्तान और ओमान के जरिए कूटनीति ईरान ने पाकिस्तान और ओमान के जरिए अमेरिका तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की है। हाल ही में अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री से मुलाकात की, लेकिन अमेरिका की तरफ से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद उन्होंने ओमान, कतर, तुर्की और सऊदी अरब से भी संपर्क किया। तेल कीमतों में उछाल, दुनिया चिंतित अमेरिका-ईरान वार्ता अटकने और सप्लाई प्रभावित होने से वैश्विक तेल बाजार में उछाल आ गया है। ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि WTI क्रूड भी 96 डॉलर से ऊपर चला गया है। इससे दुनियाभर में महंगाई और सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ गई है। Raghav Chadha के 1 मिलियन Followers घटे : Gen-Z ने किया बायकॉट! BJP जॉइन करते ही लगा झटका ट्रम्प का सीधा संदेश ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे सीधे अमेरिका से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन इसके लिए ईरान को सही फैसला लेना होगा। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ युद्ध का खतरा बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक कोशिशें भी जारी हैं। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह संकट सुलझेगा या और गहराएगा।