Gas Cylinder Distribution : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर की बढ़ती मांग को देखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की डिमांड तेजी से बढ़ी है। ऐसे में प्रशासन ने वितरण को व्यवस्थित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे शादी वाले घरों को राहत मिल सके।
शादी वाले घरों में दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे
नई व्यवस्था के तहत अब जिन घरों में शादी है, उन्हें अपनी नजदीकी गैस एजेंसी में शादी का कार्ड जमा कराना होगा। कार्ड जमा करने के बाद ही संबंधित परिवार को अधिकतम दो कमर्शियल सिलेंडर दिए जाएंगे।
यह नियम भोपाल जिले में लागू किया गया है। इसके अलावा दुकानों, होटलों और अन्य जगहों पर भी जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।
4400 रुपए कराने होंगे जमा
प्रशासन के अनुसार, प्रत्येक सिलेंडर के लिए 2200 रुपए का डिपॉजिट देना होगा। इस तरह दो सिलेंडर लेने पर कुल 4400 रुपए जमा कराने होंगे। सिलेंडर वापसी के बाद यह डिपॉजिट राशि वापस कर दी जाएगी।
वहीं गैस भरवाने का शुल्क अलग से 1850 रुपए प्रति सिलेंडर देना होगा। सिलेंडर लेने के बाद उसे 2 से 3 दिनों के भीतर लौटाना भी अनिवार्य होगा। यह डिपॉजिट एक तरह की सुरक्षा राशि के रूप में लिया जा रहा है, ताकि सिलेंडर के गुम होने की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके।
फूड कंट्रोलर विभाग से चर्चा के बाद करेंगे लागू
भोपाल प्रशासन ने बताया कि यह नई व्यवस्था फूड कंट्रोलर विभाग से चर्चा के बाद लागू की गई है। शादी का कार्ड जमा कराने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि गैस सिलेंडर सही और जरूरतमंद परिवार तक ही पहुंचे। कार्ड पर शादी की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध रहती है, जिससे सत्यापन आसान हो जाता है।
सिलेंडर की मांग लगातार बनी
वहीं, कैटर्स एसोसिएशन का कहना है कि अभी भी कमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial Gas Cylinder ) की किल्लत बनी हुई है। कई जगहों पर मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है।
शादियों में बड़े पैमाने पर खाना बनाया जाता है, जिसके कारण गैस की खपत भी अधिक होती है और सिलेंडर की मांग लगातार बनी रहती है।
दरअसल, शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर की मांग हर साल बढ़ जाती है। इस बार भी यही स्थिति देखने को मिल रही है। ऐसे में प्रशासन की यह नई व्यवस्था गैस वितरण को संतुलित करने और जरूरतमंदों तक समय पर सिलेंडर पहुंचाने के उद्देश्य से लागू की गई है।