Rahul Gandhi FIR : राहुल गांधी पर FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता केस में बढ़ी मुश्किलें

Rahul Gandhi FIR : नई दिल्ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से जुड़े नागरिकता विवाद में बड़ा आदेश दिया है। खबरों के मुताबिक, अदालत ने उनकी कथित दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship Case) के आरोपों पर FIR दर्ज करने और जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह याचिका बीजेपी कार्यकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दायर की थी। क्या है पूरा आरोप? याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के पास भारतीय नागरिकता के साथ ब्रिटिश नागरिकता भी है। इसी आधार पर यह सवाल उठाया गया है कि क्या वे भारत में सांसद बने रह सकते हैं या नहीं। याचिका में यह भी कहा गया कि अगर दोहरी नागरिकता साबित होती है, तो यह भारत के चुनावी कानूनों के तहत गंभीर मामला होगा। Rahul Gandhi in Parliament : राहुल गांधी का PM मोदी पर ‘बालाकोट के जादूगर’ वाला कटाक्ष, संसद में हंगामा कोर्ट में क्या हुआ? रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ बेंच ने पहले निचली अदालत के उस आदेश को देखा जिसमें FIR दर्ज करने की मांग खारिज की गई थी। अब हाईकोर्ट ने इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को जांच कराने या केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने का निर्देश दिया है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि अदालत ने CBI जांच का भी रास्ता खोलने की बात कही है। याचिकाकर्ता की दलील क्या थी? विग्नेश शिशिर (Vignesh Shishir) का कहना है कि उनके पास कुछ दस्तावेज और ईमेल हैं, जिनसे राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता (British Citizenship) का संकेत मिलता है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से राहुल गांधी का सांसद चुना जाना गैरकानूनी हो सकता है। यह याचिका रायबरेली से चुनाव जीतने के बाद दायर की गई थी। Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को आगे क्या होगा? अब मामला जांच के चरण में जा सकता है और एजेंसियों को यह तय करना होगा कि आरोपों में कितना दम है। फिलहाल यह साफ है कि अदालत ने इस शिकायत को हल्के में नहीं लिया है और जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खोल दिया है।
Share Market Today : सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,353 के पार बंद

Share Market Today : मुंबई। अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर निवेशकों की सतर्क उम्मीदों के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए। वैश्विक तनाव में कमी और सकारात्मक संकेतों ने बाजार में खरीदारी का माहौल बनाया। सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूत बढ़त सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन BSE Sensex 504 अंकों की तेजी के साथ 78,493 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 156 अंक चढ़कर 24,353 पर पहुंच गया। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद आखिरी घंटों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। Share Market Today : शेयर बाजार में लौटी रौनक, सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की बढ़त इन सेक्टरों ने दिखाई ताकत बाजार की तेजी में एफएमसीजी, ऑयल एंड गैस और मीडिया सेक्टर के शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, JSW स्टील और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। आईटी सेक्टर में कमजोरी हालांकि, आईटी सेक्टर में कमजोरी देखने को मिली, जिसने बाजार की तेजी पर कुछ हद तक दबाव डाला। इसके बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी से बाजार का व्यापक रुख सकारात्मक बना रहा। shhaq Ali Declared Dead : साहब मैं जिंदा हूं… इशहाक अली आज कफन ओढ़कर पहुंचे DM ऑफिस, 14 साल से लड़ रहा है लड़ाई तकनीकी स्तरों पर नजर विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,410 का स्तर काफी अहम माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है तो बाजार में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं 24,000 के आसपास मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। ग्लोबल संकेतों से मिला सहारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद और इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। अब बाजार की नजर आने वाली वैश्विक वार्ताओं पर टिकी हुई है, जो आगे की दिशा तय करेंगी।
Weather Update : गर्मी के बीच राजस्थान में ओले गिरे, यूपी में पारा 44°C पार; MP-CG में लू का अलर्ट

Weather Update : नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। एक तरफ मैदानी राज्यों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, तो दूसरी ओर कई इलाकों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मैदानी राज्यों में तपिश से हाल बेहाल उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान लगातार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। बांदा में पारा 44.4°C तक पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम में 43°C और बाड़मेर में 42.9°C दर्ज किया गया। राजधानी नई दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी तापमान 40 से 45°C के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों को तेज गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। shhaq Ali Declared Dead : साहब मैं जिंदा हूं… इशहाक अली आज कफन ओढ़कर पहुंचे DM ऑफिस, 14 साल से लड़ रहा है लड़ाई राजस्थान में बदला मौसम, ओलों से नुकसान भीषण गर्मी के बीच हनुमानगढ़ में अचानक मौसम बदल गया और बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इससे मंडियों में रखा अनाज भीग गया और किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। चूरू में भी तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर समेत 5 से ज्यादा जिलों में बारिश की संभावना है। स्कूलों पर असर, समय में बदलाव गर्मी के असर को देखते हुए छत्तीसगढ़ में स्कूलों की छुट्टियां 11 दिन पहले ही घोषित कर दी गई हैं। वहीं मध्य प्रदेश के अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट मौसम विभाग ने गुजरात, महाराष्ट्र और झारखंड में अगले तीन दिनों तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाएं चलने की संभावना है। तटीय इलाकों में उमस भरा मौसम बना रहेगा। Rahul Gandhi in Parliament : राहुल गांधी का PM मोदी पर ‘बालाकोट के जादूगर’ वाला कटाक्ष, संसद में हंगामा एंटी-साइक्लोन का असर बढ़ा रहा तापमान मौसम विभाग के अनुसार कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम अब मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है। इसी वजह से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और लू की स्थिति बन रही है। पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का असर दूसरी ओर जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भी बारिश की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। Women’s Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून लागू, देर रात नोटिफिकेशन जारी; जानिये क्या है इसके मायने अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम 18 और 19 अप्रैल को मध्य भारत और दक्षिण के कई राज्यों में हीटवेव का असर जारी रहेगा, जबकि पूर्वोत्तर और पहाड़ी इलाकों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं भीषण गर्मी लोगों को झुलसा रही है, तो कहीं बारिश और ओले राहत के साथ नुकसान भी लेकर आ रहे हैं।
shhaq Ali Declared Dead : साहब मैं जिंदा हूं… इशहाक अली आज कफन ओढ़कर पहुंचे DM ऑफिस, 14 साल से लड़ रहा है लड़ाई

shhaq Ali Declared Dead : बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति को सरकारी कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। अपनी पहचान वापस पाने के लिए वह कफन ओढ़कर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कफन ओढ़कर ऑफिस में लेट गया बुजुर्ग जैसे ही यह बुजुर्ग कफन ओढ़कर DM ऑफिस में लेट गया, वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के सामने उसने कहा, “साहब, मुझे जिंदा कर दीजिए, क्योंकि कागजों में मैं मर चुका हूं।” यह दृश्य देखकर हर कोई हैरान रह गया। Rahul Gandhi in Parliament : राहुल गांधी का PM मोदी पर ‘बालाकोट के जादूगर’ वाला कटाक्ष, संसद में हंगामा 14 साल से कागजों में ‘मृत’ पीड़ित बुजुर्ग इशहाक अली का कहना है कि वह पिछले 14 साल से सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित हैं। उन्होंने कई बार शिकायत की, अपने जिंदा होने के सबूत भी दिए, लेकिन अभी तक दस्तावेजों में सुधार नहीं किया गया। यह पूरा मामला लालगंज थाना क्षेत्र के बानपुर गांव का है, जहां इशहाक अली रहते हैं। जमीन भी किसी और के नाम दर्ज इशहाक अली का आरोप है कि राजस्व विभाग ने उन्हें मृत दिखाकर उनकी 0.770 हेक्टेयर जमीन किसी और के नाम दर्ज कर दी। वह फिलहाल पेंशन के सहारे अपना गुजारा कर रहे हैं, लेकिन कागजों में उनकी पहचान खत्म हो चुकी है। Riniki Bhuyan Passport Row : सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा को राहत नहीं, गलत दस्तावेज पर फटकारा सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी का खुलासा जानकारी के मुताबिक, इशहाक अली संतकबीर नगर के नाथनगर सीएचसी में स्वीपर के पद पर कार्यरत थे और 31 दिसंबर 2019 को रिटायर हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि 2012 से 2019 के बीच राजस्व रिकॉर्ड में उन्हें मृत दिखाया गया, जबकि स्वास्थ्य विभाग उन्हें नियमित वेतन देता रहा। आरोप है कि तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ललित कुमार मिश्रा ने 2 दिसंबर 2012 को कागजों में उनकी मौत दर्ज कर दी और उनकी जमीन गांव की एक महिला शाहिदुन्निशा के नाम कर दी गई। अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर बुजुर्ग का कहना है कि वह वर्षों से अपनी जमीन और पहचान वापस पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। Lok Sabha Delimitation Controversy : लोकसभा सीटें कैसे होंगी 850? गृहमंत्री अमित शाह ने दिया गणित जांच और कार्रवाई का भरोसा इस मामले पर उपजिलाधिकारी सदर शत्रुघ्न पाठक ने कहा कि मामला गंभीर है और इसकी जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और पीड़ित को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक व्यक्ति को अपनी पहचान साबित करने के लिए कितनी लंबी और मुश्किल लड़ाई लड़नी पड़ सकती है। यहां देखिये सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
Rahul Gandhi in Parliament : राहुल गांधी का PM मोदी पर ‘बालाकोट के जादूगर’ वाला कटाक्ष, संसद में हंगामा

Rahul Gandhi in Parliament : नई दिल्ली। विशेष सत्र 2026 के दौरान लोकसभा में उस वक्त जोरदार हंगामा हो गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा कटाक्ष करते हुए उन्हें “बालाकोट के जादूगर” कह दिया। इस बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध किया और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने उनके विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया। लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है। बिलों पर शाम 4 बजे वोटिंग होगी। बालाकोट पर राहुल का बयान बना विवाद की वजह राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक को सरकार ने “जादू” की तरह पेश किया, जबकि सच्चाई कुछ और है। उन्होंने दावा किया कि पायलट्स को पाकिस्तानी एयर बेस पर हमला न करने के निर्देश दिए गए थे। इस बयान के बाद BJP सांसदों ने तुरंत विरोध जताया और सदन का माहौल गरमा गया। Lok Sabha Delimitation Controversy : लोकसभा सीटें कैसे होंगी 850? गृहमंत्री अमित शाह ने दिया गणित ‘जादूगर पकड़ा गया’- राहुल का सीधा हमला नेता विपक्ष (Rahul Gandhi) ने बिना नाम लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए कहा कि “बालाकोट, नोटबंदी और सिंदूर का जादूगर अब पकड़ा गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के नाम पर “चुनावी नक्शा बदलने” की कोशिश कर रही है। राहुल ने यह भी कहा कि यह बिल महिलाओं को सशक्त नहीं बल्कि “कमजोर” करेगा और इसे “शर्मनाक कानून” बताया। उन्होंने मांग की कि 2023 में पास हुए पुराने कानून को ही लागू किया जाए, जिस पर विपक्ष समर्थन देने को तैयार है। अपने भाषण में राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि सरकार ने अमेरिका के साथ दबाव में एक समझौता किया है, जिस पर “कोई भी प्रधानमंत्री सामान्य हालात में हस्ताक्षर नहीं करता।” हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन इसे लेकर भी सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। Weather Update : गर्मी के बीच राजस्थान में ओले गिरे, यूपी में पारा 44°C पार; MP-CG में लू का अलर्ट सरकार का पलटवार और हंगामा राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा पलटवार किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी निंदनीय है और राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी राहुल के बयान को “असंसदीय” बताते हुए आपत्ति जताई। महिला आरक्षण बिल पर भी गरमाई बहस इसी दौरान राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बिल महिला सशक्तिकरण के लिए नहीं है, बल्कि इसका मकसद जाति जनगणना को साइडलाइन करना और देश के चुनावी नक्शे को बदलना है। उन्होंने इसे “एंटी-नेशनल एक्ट” तक बताया और कहा कि विपक्ष इसका विरोध करेगा। Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को महिलाओं का बिल नहीं है नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रस्तावित कदम “महिलाओं का बिल नहीं है” और इसका इससे कोई लेना-देना नहीं है महिला सशक्तिकरण से इसका कोई लेना-देना नहीं है। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है। उन्होंने यह बात संसद के स्पेशल सेशन के दौरान महिला आरक्षण बिल और डिलिमिटेशन पर कही। Women’s Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून लागू, देर रात नोटिफिकेशन जारी; जानिये क्या है इसके मायने स्पीकर की दखल और कार्यवाही प्रभावित सदन में बढ़ते हंगामे के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कई बार हस्तक्षेप किया और सांसदों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने राहुल गांधी के “जादूगर” वाले उदाहरण पर भी आपत्ति जताई और उन्हें मुद्दे पर केंद्रित रहने को कहा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार सवालों से बच रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रवाद विरोधी बयान बता रहा है।
Shani Dev Temple Theft : चोरों ने शनिदेव की आंखों पर बांधा काला कपड़ा, फिर चुराए सोने-चांदी के गहने

Shani Dev Temple Theft : ओडिशा। बालासोर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने लोगों की आस्था और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीलगिरी सब-डिवीजन के औपादा ब्लॉक के कोलीगाड़ी गांव में चोरों ने दो मंदिरों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के गहनों पर हाथ साफ कर दिया। पहले हनुमान मंदिर को बनाया निशाना जानकारी के मुताबिक, चोरों ने सबसे पहले गांव के हनुमान मंदिर का ताला तोड़ा। वहां से चांदी के मुकुट, कंगन, पैरों की अंगूठियां, भगवान राम, लक्ष्मण और सीता के मुकुट, हनुमान जी का लॉकेट, गले की चेन और चांदी के बर्तन सहित कई कीमती सामान चोरी कर लिए। Lok Sabha Delimitation Controversy : लोकसभा सीटें कैसे होंगी 850? गृहमंत्री अमित शाह ने दिया गणित शनिदेव की आंखों पर बांधा काला कपड़ा इसके बाद चोर पास ही स्थित शनि मंदिर में घुसे। यहां उन्होंने एक अजीब और चौंकाने वाली हरकत की। चोरों ने शनिदेव की मूर्ति की आंखों पर काला कपड़ा बांध दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि चोरों ने ऐसा इसलिए किया ताकि “भगवान उन्हें देख न सकें” और उन्हें पाप न लगे। सोने-चांदी के गहनों पर किया हाथ साफ शनि मंदिर से चोरों ने चांदी का मुकुट, सोने का लॉकेट, चांदी के कंगन, पायल, झुमके और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। दोनों मंदिरों से कुल मिलाकर करीब 4 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति चोरी होने का अनुमान है। Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को साइकिलें भी नहीं छोड़ीं चोरी के बाद चोर मंदिर के पास खड़ी दो साइकिलें भी अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद गांव में डर और गुस्से का माहौल है। स्थानीय लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने नीलगिरी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। फिलहाल चोरों की तलाश जारी है।
Riniki Bhuyan Passport Row : सुप्रीम कोर्ट में पवन खेड़ा को राहत नहीं, गलत दस्तावेज पर फटकारा

Riniki Bhuyan Passport Row : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां से जुड़े पासपोर्ट विवाद मामले में शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए ट्रांजिट बेल की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी सुनवाई के दौरान अदालत ने पवन खेड़ा द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों, खासकर आधार कार्ड को लेकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब निवास पते को लेकर स्पष्टता नहीं है, तो तेलंगाना हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका क्यों दाखिल की गई। Lok Sabha Delimitation Controversy : लोकसभा सीटें कैसे होंगी 850? गृहमंत्री अमित शाह ने दिया गणित सिंघवी और मेहता के बीच तीखी बहस खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि संबंधित दस्तावेज में हुई गलती जल्दबाजी में हुई थी और इसे बाद में सुधार भी दिया गया था। उन्होंने कहा कि इसमें कोई आपराधिक मंशा नहीं थी। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर अदालत अनुमति दे, तो वे खेड़ा के हर “झूठ” का जवाब देने को तैयार हैं। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कोर्ट ने उठाए अहम सवाल सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा इस बात पर जोर दिया कि जिस पते के आधार पर तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई, उसका वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने इसे गंभीर मुद्दा माना। Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को खेड़ा पक्ष ने मांगी अंतरिम राहत सिंघवी ने अदालत को बताया कि वे सोमवार तक गुवाहाटी हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने तब तक अंतरिम राहत देने की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने ट्रांजिट बेल बढ़ाने से इनकार कर दिया। असम सरकार पर भी उठाए सवाल सिंघवी ने यह भी आरोप लगाया कि असम सरकार ने एकतरफा तरीके से सुप्रीम कोर्ट से आदेश हासिल कर लिया और उनका पक्ष सुने बिना ही तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी गई। क्या है पूरा विवाद? दरअसल, पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति है, जिसका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया। हालांकि सरमा दंपति ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया और उन्हें झूठा बताया। India vs Australia Income : ऑस्ट्रेलिया में एक दिन की सैलरी भारत के महीने के बराबर, युवक का वीडियो वायरल खेड़ा के खिलाफ दर्ज हुआ केस इन आरोपों के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर बीएनएस की धारा 175 (चुनाव से जुड़ा झूठा बयान), 35 और 318 (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल इस मामले में कानूनी लड़ाई जारी है और अब सबकी नजर गुवाहाटी हाई कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
Lok Sabha Delimitation Controversy : लोकसभा सीटें कैसे होंगी 850? गृहमंत्री अमित शाह ने दिया गणित

Lok Sabha Delimitation Controversy : नई दिल्ली। लोकसभा के भीतर महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर उठ रहे सवालों पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कैसे लोकसभा की सीटें मौजूदा 543 से बढ़कर करीब 850 तक पहुंच सकती हैं और इसमें किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा। सीट बढ़ाने का पूरा गणित समझाया गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यदि कुल सीटों में 50% की वृद्धि की जाती है, तो 543 सीटें बढ़कर 816 हो जाएंगी। इसके बाद इनमें से 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 850 का आंकड़ा एक राउंड फिगर है, जबकि वास्तविक संख्या करीब 816 सीटों के आसपास होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 100 सीटें हैं और 33% आरक्षण देना है, तो सीटों को बढ़ाकर 150 किया जा सकता है। इसके बाद 33% आरक्षण लागू करने पर सीटों का संतुलन बना रहता है। Women’s Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून लागू, देर रात नोटिफिकेशन जारी; जानिये क्या है इसके मायने दक्षिणी राज्यों को भी मिलेगा फायदा गृह मंत्री शाह ने विपक्ष के इस आरोप को खारिज किया कि परिसीमन से दक्षिणी राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने बताया कि दक्षिण भारत के पांच राज्यों की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी। प्रतिशत के हिसाब से यह 23.76% से बढ़कर 23.87% तक पहुंच जाएगा। राज्यों के हिसाब से देखें तो तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी। केरल को 10 अतिरिक्त सीटें मिलेंगी, तेलंगाना को 9 और आंध्र प्रदेश को 13 नई सीटें मिलेंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश के बाद सबसे ज्यादा सांसदों वाला राज्य महाराष्ट्र भी 24 अतिरिक्त सीटों के साथ मजबूत होगा। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा परिसीमन के बाद भी 24% सांसद दक्षिण से कर्नाटक की अभी 28 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 5.15% है। परिसीमन के बाद कर्नाटक की 42 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 5.14% होगी। आंध्र प्रदेश की अभी 25 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 4.60% है। परिसीमन के बाद आंध्र प्रदेश की 38 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 4.65% होगी। तेलंगाना की अभी 17 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 3.13% है। परिसीमन के बाद तेलंगाना की 26 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 3.18% होगी। तमिलनाडु की अभी 39 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 7.18% है। परिसीमन के बाद तमिलनाडु की 59 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 7.23% होगी। केरल की अभी 20 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 3.68% है। परिसीमन के बाद केरल की 30 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से 3.67% होगी। कुल मिलाकर दक्षिण के इन राज्यों की अभी 129 सीटें हैं, जो कुल 543 सीटों में से 24% है। परिसीमन के बाद इनकी 195 सीटें होंगी, जो कुल 816 सीटों में से भी 24% ही रहेगी। विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा कि जब 543 सीटें हैं, तो उसी में 33% महिला आरक्षण क्यों नहीं लागू किया जा रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को अपने पद छोड़ने चाहिए ताकि महिलाओं और ओबीसी वर्ग को मौका मिल सके। असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा कि ज्यादा आबादी वाले राज्यों को ज्यादा सीटें मिलेंगी, जबकि दक्षिणी राज्यों को उनके बेहतर प्रदर्शन के बावजूद नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत देश की GDP और टैक्स में बड़ा योगदान देता है। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी वहीं अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने आरोप लगाया कि सरकार पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उनका हक नहीं देना चाहती और परिसीमन के जरिए राजनीतिक फायदा उठाने की रणनीति बना रही है। डीएमके सांसद टी आर बालू (DMK MP T R Baalu) ने इन विधेयकों को ‘सैंडविच बिल’ बताते हुए विरोध जताया और कहा कि उनकी पार्टी इनका विरोध करती रहेगी। राज्यवार प्रस्तावित लोकसभा सीटें उत्तर प्रदेश की वर्तमान में 80 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 120 होंगी, बढ़ोतरी 40 सीटें होगी। महाराष्ट्र की वर्तमान में 48 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 72 होंगी, बढ़ोतरी 24 सीटें होगी। पश्चिम बंगाल की वर्तमान में 42 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 63 होंगी, बढ़ोतरी 21 सीटें होगी। बिहार की वर्तमान में 40 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 60 होंगी, बढ़ोतरी 20 सीटें होगी। तमिलनाडु की वर्तमान में 39 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 59 होंगी, बढ़ोतरी 20 सीटें होगी। मध्य प्रदेश की वर्तमान में 29 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 44 होंगी, बढ़ोतरी 15 सीटें होगी। कर्नाटक की वर्तमान में 28 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 42 होंगी, बढ़ोतरी 14 सीटें होगी। गुजरात की वर्तमान में 26 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 39 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी। आंध्र प्रदेश की वर्तमान में 25 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 38 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी। राजस्थान की वर्तमान में 25 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 38 होंगी, बढ़ोतरी 13 सीटें होगी। ओडिशा की वर्तमान में 21 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 32 होंगी, बढ़ोतरी 11 सीटें होगी। केरल की वर्तमान में 20 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 30 होंगी, बढ़ोतरी 10 सीटें होगी। तेलंगाना की वर्तमान में 17 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 26 होंगी, बढ़ोतरी 9 सीटें होगी। असम की वर्तमान में 14 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 21 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी। झारखंड की वर्तमान में 14 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 21 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी। पंजाब की वर्तमान में 13 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 20 होंगी, बढ़ोतरी 7 सीटें होगी। छत्तीसगढ़ की वर्तमान में 11 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 17 होंगी, बढ़ोतरी 6 सीटें होगी। हरियाणा की वर्तमान में 10 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 15 होंगी, बढ़ोतरी 5 सीटें होगी। जम्मू-कश्मीर की वर्तमान में 6 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 9 होंगी, बढ़ोतरी 3 सीटें होगी। उत्तराखंड की वर्तमान में 5 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 8 होंगी, बढ़ोतरी 3 सीटें होगी। दिल्ली की वर्तमान में 7 सीटें हैं, प्रस्तावित सीटें 11
Amravati Video Scandal : अमरावती स्कैंडल में अब तक 4 आरोपी अरेस्ट, अयान का घर जमींदोज; ऐसे फंसाता था लड़कियों को

Amravati Video Scandal : महाराष्ट्र। अमरावती में सामने आए बड़े सेक्स स्कैंडल ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद (Ayaan Ahmed) उर्फ तनवीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर करीब 180 नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने और 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो बनाने का आरोप है। मामले के सामने आते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। SIT का गठन, जांच का दायरा बढ़ा अमरावती ग्रामीण एसपी विशाल आनंद के अनुसार, मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम में 40 कर्मचारी और 11 अधिकारी शामिल हैं, जिनमें दो महिला अधिकारी भी हैं। लोकल क्राइम ब्रांच और साइबर सेल के अधिकारी भी इस जांच में जुड़े हुए हैं। पुलिस ने पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं और दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। Nashik TCS Case : धर्मांतरण नहीं देश के खिलाफ सुनियोजित खेल.. नासिक TCS केस पर सुप्रीम कोर्ट पहुंची याचिका आरोपी कैसे बनाता था शिकार? जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले लड़कियों का भरोसा जीतता था और उन्हें प्रेम जाल में फंसाता था। इसके बाद उनकी मर्जी के बिना वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था। पुलिस का कहना है कि इन वीडियो का इस्तेमाल कर कुछ पीड़ितों को गलत कामों में धकेलने की कोशिश भी की गई। मोबाइल फोन में छिपे अहम सबूत पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच जारी है। डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जा रहा है, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 294, POCSO Act और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। Mumbai Obscene Videos : अयान अहमद ने किया 180 लड़कियों का रेप, बनाए 350 अश्लील वीडियो बड़े नेटवर्क की आशंका जांच एजेंसियों को शक है कि यह मामला किसी बड़े गिरोह से जुड़ा हो सकता है। आरोप है कि WhatsApp और Snapchat जैसे प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बनाकर इस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो बनाने में आरोपी के साथ और कौन-कौन शामिल था। पीड़ितों से आगे आने की अपील एसपी विशाल आनंद ने लोगों से अपील की है कि वे पीड़ितों की पहचान उजागर न करें। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों से कहा है कि वे गुप्त रूप से महिला अधिकारियों से संपर्क करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। राजनीतिक विवाद भी तेज मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कुछ नेताओं ने आरोपी के AIMIM से संबंध होने का आरोप लगाया है। हालांकि पार्टी के स्थानीय प्रतिनिधि ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि आरोपी का अब पार्टी से कोई संबंध नहीं है। राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने मामले की SIT और साइबर विशेषज्ञों से गहन जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह मामला संगठित अपराध का हिस्सा हो सकता है। TCS Religious Conversion : नासिक TCS मामले में बड़ा अपडेट, HR हेड धर्मांतरण का बनाती थी दबाव ऐसे हुआ मामले का खुलासा इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब अनिल बोंडे और भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शिवराय ने इस मुद्दे को उठाया। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन की सख्त कार्रवाई प्रशासन ने आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल SIT जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
Women’s Reservation Bill : महिला आरक्षण कानून लागू, देर रात नोटिफिकेशन जारी; जानिये क्या है इसके मायने

Women’s Reservation Bill : नई दिल्ली। संसद के भीतर महिला आरक्षण को लेकर तीखी बहस जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए 2023 के महिला आरक्षण कानून को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 से लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। हालांकि, इस कानून का असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। क्या है पूरा मामला? सरकार ने संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 को नोटिफाई कर दिया है। इसका मतलब है कि कानून अब पूरी तरह लागू हो चुका है, लेकिन इसे जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया अभी बाकी है। यह कानून संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रावधान करता है। Womens Reservation Bill का विरोध करने वाले लंबे समय तक कीमत चुकाएंगे – PM मोदी मौजूदा लोकसभा में क्यों नहीं मिलेगा फायदा? सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, महिला आरक्षण सीधे लागू नहीं किया जा सकता। इसके लिए पहले जनगणना करानी होगी और उसके बाद परिसीमन (सीटों का पुनर्निर्धारण) होगा। इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। ऐसे में 2024 की मौजूदा लोकसभा में इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। फिर अभी नोटिफिकेशन क्यों किया गया? इस फैसले के पीछे एक अहम कानूनी प्रक्रिया है। किसी भी कानून में संशोधन करने के लिए उसका पहले आधिकारिक रूप से लागू होना जरूरी होता है। इसलिए सरकार ने पहले कानून को नोटिफाई किया, ताकि उसमें जरूरी बदलाव किए जा सकें। सरकार क्या बदलाव करना चाहती है? 2023 के कानून के अनुसार, नई जनगणना के बाद परिसीमन होगा और फिर आरक्षण लागू किया जाएगा। लेकिन इस प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है, जिससे आरक्षण 2034 तक टलने की आशंका है। Womens Reservation Bill : महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश बोले- BJP नारी को बना रही नारा अब सरकार इस कानून में संशोधन कर 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करने की योजना बना रही है। इसके बाद 2029 से ही महिला आरक्षण लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। विपक्ष ने उठाए सवाल विपक्ष ने सरकार की इस जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सरकार नए संशोधन के जरिए परिसीमन करना चाहती है, जिससे दक्षिण भारत के राज्यों को नुकसान हो सकता है। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि जब संसद में इस मुद्दे पर चर्चा चल रही थी, तब कानून को इतनी जल्दी लागू करने की क्या जरूरत थी। Parliament Special Session : 131वां संविधान संशोधन बिल के पक्ष में 207 वोट, 126 सांसदों ने किया विरोध लोकसभा में तीन अहम बिलों पर चर्चा जारी इस मुद्दे से जुड़े तीन अहम विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा हो रही है- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: इसमें लोकसभा सीटों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 केंद्र शासित प्रदेशों से होंगी। परिसीमन (संशोधन) विधेयक, 2026: इसमें ‘जनसंख्या’ की परिभाषा बदलकर 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: इसके जरिए दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर में जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण लागू हो सके। संसद में आज अहम दिन लोकसभा में इन विधेयकों पर दूसरे दिन भी चर्चा जारी है। पहले दिन करीब 13 घंटे तक बहस हुई थी। आज दोपहर 3 बजे राहुल गांधी अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद अमित शाह जवाब देंगे। शाम 4 बजे इन बिलों पर वोटिंग होनी है। India vs Australia Income : ऑस्ट्रेलिया में एक दिन की सैलरी भारत के महीने के बराबर, युवक का वीडियो वायरल सरकार का पक्ष और आगे की राह सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह तकनीकी और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पहले कानून को लागू करना जरूरी था, ताकि उसमें संशोधन कर महिला आरक्षण को जल्द लागू किया जा सके। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण कानून का नोटिफिकेशन भले ही बड़ा कदम हो, लेकिन इसके वास्तविक प्रभाव के लिए अभी कई प्रक्रियाओं से गुजरना बाकी है।