Womens Reservation Bill : नई दिल्ली। मैं किसी दल की बात नहीं कर रहा हूं। जो भी राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं उन्हें मानना होगा लाखों बहनें, ग्रासरूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं। इसलिए जो आज विरोध करेंगे उसे लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार 16 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर अपने संबोधन में कही है।
अखिलेश जी मेरे मित्र हैं..
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, इसलिए समझदारी इसी में है कि हम ग्रासरूट लेवल पर महिला लीडरशिप को कंसीडर करना पड़ेगा। सपा सांसद धर्मेंद्र ने कहा- पिछड़ी जाति के साथ आप अन्याय ना करें। आप भी पिछड़ी जाति से आते हैं।
इस पर पीएम मोदी ने कहा- धर्मेंद्र जी मैं आपका आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। ये बात सच है कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं। अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, इसलिए मदद कर देते हैं।
महिलाओं ने विरोध करने वालों को नहीं किया माफ
लोकसभा में बोलते हुए PM मोदी कहते हैं, मैं उन लोगों को भी सलाह देना चाहूंगा जो सिर्फ राजनीतिक तौर पर सोचते हैं। जब से हमारे देश में महिला आरक्षण की चर्चा शुरू हुई है, और उसके बाद हुए हर चुनाव में, जिसने भी महिलाओं के इस अधिकार का विरोध किया, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है।
ऐसे मौके बार-बार नहीं आते
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश के जीवन में कुछ ऐसे पल आते हैं, जो इतिहास रचते हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा यह विधेयक भी उसी तरह का एक अवसर है, जिसे सही दिशा देकर देश के भविष्य को मजबूत बनाया जा सकता है।
महिला भागीदारी को बताया जरूरी
पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को नीति-निर्माण का हिस्सा बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि “हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने का मौका मिला है।” उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण से शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता आएगी और लोकतंत्र और मजबूत होगा।
देरी हुई, लेकिन अब सही दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि महिला आरक्षण को लागू करने में काफी देरी हुई है। उन्होंने कहा कि यह कदम 25-30 साल पहले ही उठा लिया जाना चाहिए था, लेकिन अब इसे एक परिपक्व रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने लोकतंत्र की खूबसूरती बताते हुए कहा कि समय-समय पर सुधार होते रहना ही इसकी ताकत है।
विरोध करने वालों को दी नसीहत
पीएम मोदी ने विपक्ष पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग इस मुद्दे को राजनीति के नजरिए से देख रहे हैं, उन्हें अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को देश की महिलाएं माफ नहीं करतीं और इसका असर चुनावों में भी देखने को मिलता है।
विकसित भारत के लिए जरूरी कदम
प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’ की अवधारणा को सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक विकास तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि असली विकास तब होगा, जब नीति-निर्माण में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। महिला आरक्षण को उन्होंने इसी दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
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सभी को मिलेगा श्रेय
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ सरकार या किसी एक पार्टी का फैसला नहीं है, बल्कि पूरे देश और सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय का श्रेय पूरे देश को मिलेगा और यह लोकतंत्र को नई मजबूती देगा।