Trump vs. Pope Dispute : वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर पोप लियो पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ईरान में पिछले दो महीनों में 42,000 से ज्यादा बेगुनाह और निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या हुई है। ट्रम्प ने यह बयान तब दिया, जब पोप लियो ने ईरान के मुद्दे पर बातचीत और शांति की अपील की थी। ट्रम्प ने साफ कहा कि अमेरिका के लिए ईरान का परमाणु बम बनाना बिल्कुल स्वीकार नहीं है।
पोप का जवाब: शांति ही हमारा उद्देश्य
पोप लियो ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे राजनीति में नहीं पड़ना चाहते और न ही ट्रम्प के साथ किसी बहस में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ शांति की अपील करना है और दुनिया में युद्ध खत्म होना चाहिए।
अमेरिका का ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने साफ कर दिया है कि ईरानी तेल की बिक्री के लिए दी गई अस्थायी छूट कुछ दिनों में खत्म कर दी जाएगी और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
यूरोप की नई पहल, अमेरिका को बाहर रखा
युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने के लिए यूरोपीय देश एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की योजना बना रहे हैं। खास बात यह है कि इस प्रस्तावित मिशन में अमेरिका को शामिल नहीं किया गया है।
लेबनान और इजराइल के बीच बढ़ा तनाव
लेबनान से हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजराइल पर करीब 20 रॉकेट दागे, जिनमें से कुछ को इजराइली रक्षा प्रणाली ने रोक लिया, जबकि कई खुले इलाकों में गिरे। वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने पिछले 24 घंटों में 34 सैन्य हमले किए हैं।
पाकिस्तान PM का अहम विदेश दौरा
शहबाज शरीफ 15 से 18 अप्रैल तक सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात करेंगे और तुर्किये में एंटाल्या डिप्लोमेसी फोरम में हिस्सा लेंगे।
दक्षिण कोरिया ने सुरक्षित किया तेल भंडार
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच दक्षिण कोरिया ने 273 मिलियन बैरल कच्चा तेल स्टॉक कर लिया है, जो देश की तीन महीने की जरूरतों के लिए पर्याप्त बताया गया है। इसके अलावा 2.1 मिलियन टन नैफ्था की सप्लाई भी सुनिश्चित की गई है।
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IMF की चेतावनी: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पहले ही दिखने लगा है। अगर संघर्ष लंबा खिंचता है, तो वैश्विक विकास दर 2% तक गिर सकती है और महंगाई 6% से ज्यादा बढ़ सकती है।
अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावना
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ एक मजबूत और दीर्घकालिक समझौता चाहता है। उन्होंने माना कि दोनों देशों के बीच अविश्वास अभी भी बड़ा मुद्दा है, लेकिन बातचीत आगे बढ़ रही है।
रूस और चीन के बीच ऊर्जा सहयोग
रूस ने चीन को ऊर्जा सप्लाई बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस चीन सहित उन देशों की जरूरतें पूरी कर सकता है, जो उसके साथ सहयोग करना चाहते हैं।
ट्रम्प का मेलोनी पर हमला
ट्रम्प ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ईरान मुद्दे पर अमेरिका का साथ नहीं दिया और “हिम्मत नहीं दिखाई।” इस बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच तनाव बढ़ गया है।
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तेल बाजार पर युद्ध का असर
IMF के अनुसार, अगर हालात बिगड़ते हैं तो कच्चे तेल की कीमत 2026 में 110 डॉलर और 2027 में 125 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं बेहतर स्थिति में कीमतें 82 डॉलर तक भी आ सकती हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियां
अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत ईरान के बंदरगाहों के पास तैनात हैं और सभी जहाजों की निगरानी कर रहे हैं। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
सीजफायर पर ट्रम्प का रुख सख्त
ट्रम्प ने साफ किया है कि वे मौजूदा सीजफायर को बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दिन बेहद अहम होंगे और युद्ध किसी भी दिशा में जा सकता है, हालांकि उन्होंने कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी है।
वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता
ईरान को लेकर जारी तनाव अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दा बन चुका है। अमेरिका, यूरोप, रूस और एशियाई देशों की सक्रियता से साफ है कि आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।