Vedanta Plant Blast Update : सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर ब्लास्ट हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 4 की मौके पर ही जान चली गई, जबकि 6 ने रायगढ़ मेडिकल कॉलेज, 5 ने जिला अस्पताल रायगढ़ और 2 ने रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। सीएम विष्णुदेव साय ने मृतकों के परिजन को35-35 लाख रुपये का मुआवजा और नौकरी देंगे का ऐलान किया है।
36 लोग झुलसे, कई की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में कुल 36 लोग झुलस गए हैं, जिनमें से 18 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अब तक जिन मृतकों की पहचान हुई है, उनमें ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और यूपी के बृजेश कुमार शामिल हैं, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
Vedanta Power Plant : वेदांता पावर प्लांट में बड़ा हादसा, बॉयलर फटने से 9 की दर्दनाक मौत
लापता मजदूरों की तलाश जारी
हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों ने जमकर हंगामा किया और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने मुआवजे और सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें प्रबंधन की ओर से सही जानकारी नहीं मिल रही है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और बेहतर इलाज के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
मुआवजे का ऐलान: कंपनी, केंद्र और राज्य सरकार आगे आई
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे।
वहीं प्रधानमंत्री राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है।
इसके अलावा , मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।
अस्पतालों में भर्ती घायलों की हालत नाजुक
रायगढ़ के जिंदल अस्पताल में 10 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें कई 95-100% तक झुलसे हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। अन्य घायलों का इलाज बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल सहित विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मुआवजे की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मृतकों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए और घायलों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है। वहीं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि दोषियों पर श्रम कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्या होता है बॉयलर ब्लास्ट?
बॉयलर में पानी से भाप तैयार की जाती है। जब इसमें दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है और सुरक्षा प्रणाली फेल हो जाती है, तो अचानक जोरदार विस्फोट हो सकता है। यह हादसा आमतौर पर प्रेशर कंट्रोल फेल होने, सेफ्टी वाल्व खराब होने, पानी की कमी या समय पर मेंटेनेंस न होने की वजह से होता है।
कितना खतरनाक होता है ऐसा हादसा?
बॉयलर ब्लास्ट के दौरान तेज धमाका होता है और अत्यधिक गर्म भाप (करीब 1000°C तक) बाहर निकलती है। इससे आसपास का इलाका सेकंडों में तबाह हो सकता है। ऐसे हादसों में गंभीर जलन, कई लोगों के एक साथ घायल होने और जान जाने का खतरा रहता है। साथ ही पूरी बिल्डिंग और मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुंचता है।

