US Strike on Iran : वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। गुरुवार सुबह अमेरिका ने ईरान के कई इलाकों में नए हवाई हमले किए। यह अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद लगातार दूसरा बड़ा हमला माना जा रहा है। ईरानी मीडिया के अनुसार केश्म द्वीप, बंदर अब्बास, मीनाब और सीरिक क्षेत्रों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद कई स्थानों पर एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान बातचीत में देरी कर रहा है, इसलिए दबाव बनाए रखना जरूरी है।
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ईरान का जवाब और बढ़ा सैन्य तनाव
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाने का दावा किया। ईरान ने कहा कि उसने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उसने पांच मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया। दूसरी ओर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
होर्मुज स्ट्रेट और तेल टैंकर पर विवाद
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज किया है। इसी बीच ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले ने चिंता बढ़ा दी है। जहाज पर कई विदेशी नागरिकों के साथ भारतीय नाविक भी सवार थे।
रिपोर्ट के अनुसार दो भारतीयों की मौत हो गई है, जबकि एक भारतीय चीफ इंजीनियर अभी भी लापता बताया जा रहा है। भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बढ़ी चिंता
बढ़ते तनाव के बीच रूस ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। वहीं कतर ने भी क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल तेहरान भेजा है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी तो इसका असर पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।