Aayudh

MP Sahitya Akademi Awards : मप्र साहित्य अकादमी पुरस्कार 2024 घोषित, सुयश त्यागी को राजा वीरसिंह देव पुरुस्कार

Suyash Tyagi

MP Sahitya Akademi Awards : भोपाल। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने वर्ष 2024 के लिए अपने प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार प्रादेशिक स्तर पर 30 और राष्ट्रीय स्तर पर 26 साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। कुल 56 रचनाकारों के नामों का चयन विभिन्न साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर किया गया है। इनमें सुयश त्यागी का नाम भी शामिल है। सुयश त्यागी को मिला राजा वीरसिंह देव पुरस्कार इस वर्ष चर्चित लेखक सुयश त्यागी को उनकी पुस्तक ‘छूटते किनारे’ के लिए राजा वीरसिंह देव पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। यह पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। सुयश त्यागी वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनकी पुस्तक को साहित्यिक जगत में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। President Visit to MP : जानिए कब होगा राष्ट्रपति मुर्मू का कूनो दौरा, चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी लाखों रुपये के पुरस्कारों का ऐलान अकादमी द्वारा घोषित पुरस्कारों में एक लाख रुपये और 51 हजार रुपये की सम्मान राशि शामिल है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य साहित्य सृजन को प्रोत्साहित करना और रचनाकारों के योगदान को सम्मान देना है। साहित्यिक जगत में इन पुरस्कारों को काफी प्रतिष्ठित माना जाता है और हर वर्ष इनका बेसब्री से इंतजार किया जाता है। विभिन्न विधाओं के रचनाकार होंगे सम्मानित मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा कविता, कहानी, उपन्यास, आलोचना, नाटक और अन्य साहित्यिक विधाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वाले रचनाकारों का चयन किया गया है। अकादमी का उद्देश्य साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और नई पीढ़ी को साहित्य के प्रति प्रेरित करना है। पुरस्कारों की घोषणा के बाद साहित्यकारों और पाठकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। Cannabis Seized : दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई ! बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 2.43 करोड़ रुपये का संदिग्ध गांजा बरामद जल्द आयोजित होगा सम्मान समारोह अकादमी की ओर से बताया गया है कि पुरस्कार वितरण समारोह जल्द आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रदेश और देशभर से चयनित साहित्यकारों को सम्मानित किया जाएगा। समारोह में साहित्य, संस्कृति और कला जगत की कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है। साहित्य अकादमी का मानना है कि ऐसे सम्मान साहित्य सृजन को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं और रचनात्मक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यहां देखिये पूरी लिस्ट

NITI Aayog Meeting : दुनियाभर में अनिश्चितता का दौर भारत फिर भी भरोसे के साथ बढ़ रहा आगे, नीति आयोग की बैठक में PM मोदी

NITI Aayog Meeting

NITI Aayog Meeting : नई दिल्ली। दिल्ली में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर व्यापक चर्चा की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को एक टीम की तरह काम करना होगा। केंद्र और राज्यों के सहयोग पर दिया विशेष जोर बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अनिश्चितता और अस्थिरता के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करें। प्रधानमंत्री ने आपसी संवाद, सहयोग और समन्वय को विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग ऐसा मंच है, जहां राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकता है। President Visit to MP : जानिए कब होगा राष्ट्रपति मुर्मू का कूनो दौरा, चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी युवाओं को बताया देश की सबसे बड़ी ताकत प्रधानमंत्री ने बैठक में भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि भारत का डेमोग्राफिक डिविडेंड एक ऐतिहासिक अवसर है, जिसे गंवाया नहीं जा सकता। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि सशक्त और आत्मनिर्भर युवा ही विकसित भारत की यात्रा को नई गति देंगे और देश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएंगे। MSME और निर्यात बढ़ाने पर भी चर्चा प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं। इन समझौतों से निर्यात और निवेश के नए अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। Cannabis Seized : दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई ! बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 2.43 करोड़ रुपये का संदिग्ध गांजा बरामद महिलाओं को बताया विकास की मजबूत आधारशिला बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता। आज महिलाएं कृषि, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने राज्यों से महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की। विकसित भारत-2047 रहा बैठक का मुख्य विषय नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक का मुख्य विषय विकसित भारत-2047 रहा। बैठक में भविष्य की विकास रणनीति, रोजगार, शिक्षा, निवेश और समावेशी विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। MP RS Elections : BJP ने निर्विरोध जीतीं तीनों राज्यसभा सीट, नटराजन के रद्द नामांकन पर SC में कल सुनवाई प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि सभी राज्य और केंद्र सरकार एक साझा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे तो विकसित भारत का सपना तय समय में पूरा किया जा सकता है। बैठक में कई राज्यों के नए मुख्यमंत्री भी पहली बार शामिल हुए, जिससे यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण बन गया।

President Visit to MP : जानिए कब होगा राष्ट्रपति मुर्मू का कूनो दौरा, चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी

President Droupadi Murmu Visit to MP

President Visit to MP : भोपाल। मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को दो दिवसीय दौरे पर कूनो पहुंचेंगी। इस दौरान उनके पार्क में रात्रि विश्राम करने का कार्यक्रम है। खास बात यह है कि बोत्सवाना से लाए गए चीतों को उनके हाथों खुले जंगल में छोड़े जाने की संभावना भी जताई जा रही है। कूनो में रुकेंगी राष्ट्रपति प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून की दोपहर कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगी। दौरे के दौरान वे पार्क परिसर में ही रात्रि विश्राम करेंगी। अगले दिन सुबह उनका विशेष कार्यक्रम भी तय किया गया है, जिसमें वे पार्क की गतिविधियों का अवलोकन करेंगी। CM Mohan Yadav : मोहन यादव सरकार का किसानों पर फोकस, सब्जी उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा मध्यप्रदेश चीतों को मिल सकती है जंगल की आजादी दौरे की सबसे बड़ी चर्चा बोत्सवाना से लाए गए चीतों को लेकर है। संभावना है कि राष्ट्रपति स्वयं इन चीतों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में छोड़ सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो यह चीता पुनर्स्थापना परियोजना का एक महत्वपूर्ण और यादगार क्षण होगा। क्यों खास है यह मौका? बोत्सवाना सरकार द्वारा भारत के लिए चयनित चीतों को प्रतीकात्मक रूप से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा गया था। ऐसे में उन्हीं के हाथों चीतों को जंगल में छोड़ने की संभावना इस कार्यक्रम को और भी खास बना रही है। Cannabis Seized : दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई ! बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 2.43 करोड़ रुपये का संदिग्ध गांजा बरामद प्रशासन ने तेज की तैयारियां राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर शीला दाहिमा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। हेलिपैड से सुरक्षा तक विशेष इंतजाम लोक निर्माण विभाग को हेलिपैड को वीआईपी मानकों के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं। बैठक में पुलिस और कूनो प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। Sukumar Dutta Attack : बंगाल में TMC नेताओं पर ‘अंडा अटैक’ जारी! अब पुलिस कस्टडी में जा रहे नेता को बनाया निशाना कूनो पर फिर टिकी देश-दुनिया की नजर चीता प्रोजेक्ट के कारण पहले ही अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुका कूनो नेशनल पार्क अब राष्ट्रपति के दौरे की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में है। चीतों को जंगल में छोड़ने का फैसला हुआ तो यह कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक अहम अध्याय के रूप में दर्ज हो सकता है।

CM Mohan Yadav : मोहन यादव सरकार का किसानों पर फोकस, सब्जी उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर पहुंचा मध्यप्रदेश

MP ranks third in the country for vegetable production

CM Mohan Yadav : भोपाल। मध्यप्रदेश कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में किसानों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है। इसी दिशा में प्रदेश ने सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चार वर्षों में रिकॉर्ड उत्पादन वृद्धि पिछले चार वर्षों में मध्यप्रदेश में सब्जी उत्पादन में 21.58 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में प्रदेश का कुल सब्जी उत्पादन 236.41 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 257.99 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम मानी जा रही है। Sukumar Dutta Attack : बंगाल में TMC नेताओं पर ‘अंडा अटैक’ जारी! अब पुलिस कस्टडी में जा रहे नेता को बनाया निशाना देश में तीसरे स्थान पर मध्यप्रदेश सब्जी उत्पादन के मामले में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। वर्तमान में प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा सब्जी उत्पादक राज्य है। राष्ट्रीय स्तर पर कुल सब्जी उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी भी लगातार बढ़ रही है। इससे प्रदेश के किसान न केवल अपनी आय बढ़ा रहे हैं, बल्कि देश की खाद्य और पोषण सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्याज उत्पादन बना किसानों की ताकत प्रदेश में प्याज, आलू, टमाटर, बैंगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, मटर, भिंडी और कई अन्य सब्जियों की बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। इनमें प्याज का विशेष स्थान है। वर्ष 2022-23 में प्याज की खेती का रकबा 2.17 लाख हेक्टेयर था, जो बढ़कर 2.30 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी बाजार में मांग और किसानों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। MP RS Elections : BJP ने निर्विरोध जीतीं तीनों राज्यसभा सीट, नटराजन के रद्द नामांकन पर SC में कल सुनवाई 54 हजार हेक्टेयर में होगा सब्जी क्षेत्र का विस्तार उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने “समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश” अभियान के तहत 54 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अंतर्गत आलू, टमाटर, प्याज, मटर, फूलगोभी, पत्तागोभी और उच्च मूल्य वाली सब्जियों के रकबे में विस्तार किया जाएगा। किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक तकनीक, तकनीकी मार्गदर्शन और बेहतर विपणन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। किसानों की आय और रोजगार दोनों बढ़ेंगे सरकार का मानना है कि सब्जी उत्पादन किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है। कम भूमि में अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ मिलने से छोटे और सीमांत किसानों को भी फायदा होगा। इसके साथ ही उत्पादन, भंडारण, परिवहन और विपणन से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। किसान कल्याण वर्ष में दिख रहा सकारात्मक बदलाव उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह के नेतृत्व में विभाग किसानों को आधुनिक खेती और उद्यानिकी फसलों की ओर प्रेरित कर रहा है। सूक्ष्म सिंचाई, संरक्षित खेती और उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाना है। MP Congress Viral Video : कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखी अंदरूनी खींचतान! दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी का वीडियो वायरल मध्यप्रदेश को मिलेगा नया कृषि पहचान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान केंद्रित नीतियों के चलते प्रदेश में कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जी उत्पादन बढ़ाने की यह पहल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी उद्यानिकी राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Cannabis Seized : दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई ! बैंकॉक से आए यात्री के बैग से 2.43 करोड़ रुपये का संदिग्ध गांजा बरामद

Cannabis Seized

Cannabis Seized : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान उसके सामान से करीब 2.43 करोड़ रुपये मूल्य का संदिग्ध गांजा बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार, नियमित जांच के दौरान यात्री के बैग पर संदेह होने के बाद एक्स-रे स्कैनिंग और विस्तृत तलाशी ली गई, जिसमें यह मादक पदार्थ बरामद हुआ। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। Sukumar Dutta Attack : बंगाल में TMC नेताओं पर ‘अंडा अटैक’ जारी! अब पुलिस कस्टडी में जा रहे नेता को बनाया निशाना एक्स-रे जांच में सामने आई बड़ी बरामदगी सीमा शुल्क विभाग के अनुसार, यात्री के बैग की जांच के दौरान आठ पॉलीथीन पाउच मिले। इन पाउचों में हरे रंग का संदिग्ध मादक पदार्थ भरा हुआ था। प्रारंभिक जांच में इसे गांजा यानी मारिजुआना बताया गया है। अधिकारियों ने तुरंत पूरे माल को जब्त कर लिया और यात्री को हिरासत में ले लिया। जांच एजेंसियां अब इस खेप के स्रोत और गंतव्य की जानकारी जुटाने में लगी हैं। करीब 7 किलो मादक पदार्थ मिला अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 6,939.5 ग्राम यानी लगभग 7 किलोग्राम है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 2.43 करोड़ रुपये आंकी गई है। बरामद पदार्थ को वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि इसकी प्रकृति और गुणवत्ता की पुष्टि की जा सके। शुरुआती रिपोर्ट में इसे गांजा माना गया है। MP RS Elections : BJP ने निर्विरोध जीतीं तीनों राज्यसभा सीट, नटराजन के रद्द नामांकन पर SC में कल सुनवाई NDPS एक्ट के तहत आरोपी गिरफ्तार मामले में आरोपी यात्री को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act), 1985 के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में सख्त कानूनी प्रावधान लागू होते हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच शुरू जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि यह मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। अधिकारियों को शक है कि मामला किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसी वजह से यात्री के संपर्कों, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है। MP New Labour Law : MP में बड़ा बदलाव! 6 श्रम कानून खत्म, कर्मचारियों और कारोबारियों को बड़ा फायदा सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर दिल्ली एयरपोर्ट पर हाल के महीनों में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। ऐसे में सीमा शुल्क विभाग और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हवाई मार्ग से ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। इस कार्रवाई को भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।  

Sukumar Dutta Attack : बंगाल में TMC नेताओं पर ‘अंडा अटैक’ जारी! अब पुलिस कस्टडी में जा रहे नेता को बनाया निशाना

Sukumar Dutta Attack

Sukumar Dutta Attack : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेताओं के खिलाफ विरोध का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। अब TMC नेता सुकुमार दत्ता को पुलिस कस्टडी में कोर्ट ले जाते समय प्रदर्शनकारियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। पुलिस स्टेशन के बाहर अंडे फेंके गए और जमकर नारेबाजी हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस कस्टडी में जा रहे थे, बाहर हुआ विरोध गुरुवार को सुकुमार दत्ता को पुलिस स्टेशन से कोर्ट ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे फेंके और नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। MP RS Elections : BJP ने निर्विरोध जीतीं तीनों राज्यसभा सीट, नटराजन के रद्द नामांकन पर SC में कल सुनवाई एक दिन पहले सब्यसाची दत्ता भी बने थे निशाना इससे पहले कोलकाता में TMC के पूर्व विधायक और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता के साथ भी ऐसा ही मामला सामने आया था। अदालत से बाहर लाए जाने के दौरान कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंके और विरोध प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विरोध सब्यसाची दत्ता को कथित जबरन वसूली और आपराधिक धमकी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट ले जाते समय भी विरोध का सामना करना पड़ा था। MP New Labour Law : MP में बड़ा बदलाव! 6 श्रम कानून खत्म, कर्मचारियों और कारोबारियों को बड़ा फायदा पूर्व मंत्री के घर और कार्यालय पर भी हंगामा TMC नेता और पूर्व मंत्री उज्जवल विश्वास भी लोगों के गुस्से से नहीं बच सके। भ्रष्टाचार और राहत सामग्री के कथित दुरुपयोग के आरोपों को लेकर नाराज लोगों ने उनके आवास और कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन पर भी अंडे फेंके गए। अभिषेक बनर्जी के काफिले पर भी हुआ था हमला 30 मई को TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के दौरे के दौरान भी बड़ा विवाद हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले पर अंडे, जूते, पत्थर और कीचड़ फेंके थे। अभिषेक ने धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश का आरोप लगाया था। घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। Meenakshi Natarajan Nomination : राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर SC में सुनवाई कल, आयोग बोला- नहीं मिली याचिका की कॉपी लगातार बढ़ रही हैं विरोध की घटनाएं पिछले कुछ दिनों में TMC नेताओं के खिलाफ विरोध के कई मामले सामने आ चुके हैं। अलग-अलग जिलों में नेताओं को प्रदर्शन, नारेबाजी और अंडे फेंके जाने जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे बंगाल की राजनीति का माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। यहां देखिये पूरा वीडियो वीडियो

MP RS Elections : BJP ने निर्विरोध जीतीं तीनों राज्यसभा सीट, नटराजन के रद्द नामांकन पर SC में कल सुनवाई

MP RS Elections

MP RS Elections : भोपाल। मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली है। भाजपा उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंप दिए गए हैं। इसके साथ ही तीनों नेता राज्यसभा के लिए निर्वाचित घोषित हो गए हैं। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद और कांग्रेस की कानूनी लड़ाई के बीच यह परिणाम पहले से ही लगभग तय माना जा रहा था। MP Congress Viral Video : कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखी अंदरूनी खींचतान! दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी का वीडियो वायरल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई टलने से बदली तस्वीर राज्यसभा चुनाव से जुड़े इस विवाद में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने को चुनौती दी थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत में कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन चुनाव आयोग ने याचिका की प्रति नहीं मिलने का हवाला देते हुए जवाब के लिए समय मांगा। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई तय कर दी। Meenakshi Natarajan Nomination : राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर SC में सुनवाई कल, आयोग बोला- नहीं मिली याचिका की कॉपी कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर उठाए सवाल कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से निरस्त किया। पार्टी का कहना है कि नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुरूप नहीं था। कांग्रेस ने अदालत से इस निर्णय को रद्द करने और मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है। चुनाव आयोग की भूमिका पर कांग्रेस का हमला सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि चुनाव आयोग के पास इस मामले में निर्णय लेने का अधिकार था, लेकिन आयोग ने समय रहते कोई फैसला नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में आयोग ने हस्तक्षेप किया था, लेकिन मध्यप्रदेश के मामले में ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आयोग को निष्पक्ष तरीके से मामले की समीक्षा करनी चाहिए थी। MP New Labour Law : MP में बड़ा बदलाव! 6 श्रम कानून खत्म, कर्मचारियों और कारोबारियों को बड़ा फायदा भाजपा की निर्विरोध जीत बनी राजनीतिक चर्चा का विषय मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने और चुनाव आयोग की ओर से कोई राहत नहीं मिलने के बाद भाजपा उम्मीदवारों की जीत लगभग तय हो गई थी। अब तीनों उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाणपत्र मिलने के साथ ही राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस परिणाम ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दिया है, जबकि कांग्रेस अब भी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कह रही है। आगे भी जारी रह सकती है कानूनी बहस हालांकि भाजपा उम्मीदवार निर्वाचित हो चुके हैं, लेकिन मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर कानूनी बहस अभी खत्म नहीं हुई है। कांग्रेस का दावा है कि उसे न्यायपालिका पर भरोसा है और वह इस मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है, जहां इस पूरे विवाद पर आगे की दिशा तय हो सकती है।

MP New Labour Law : MP में बड़ा बदलाव! 6 श्रम कानून खत्म, कर्मचारियों और कारोबारियों को बड़ा फायदा

MP Labor Law

MP New Labour Law : भोपाल। मध्यप्रदेश में श्रम कानूनों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश सरकार 6 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर उनकी जगह एक सिंगल एक्ट लाने की तैयारी में है। इसका मकसद श्रम कानूनों को आसान बनाना, कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं देना और कारोबार के लिए प्रक्रियाओं को सरल करना है। नए एक्ट का ड्राफ्ट लगभग तैयार बताया जा रहा है। सिंगल एक्ट पर तेजी से चल रहा काम नए श्रम कानून का मसौदा तैयार करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल की अध्यक्षता में गठित टीम अब तक कई दौर की बैठकें कर चुकी है। बताया जा रहा है कि प्रस्ताव का प्रारूप लगभग तैयार हो चुका है। MP Congress Viral Video : कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखी अंदरूनी खींचतान! दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी का वीडियो वायरल केंद्र की तर्ज पर होगा बदलाव केंद्र सरकार की ओर से श्रम कानूनों को नए लेबर कोड में समाहित किए जाने के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार भी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है। उद्देश्य अलग-अलग कानूनों को एक ही ढांचे में लाकर व्यवस्था को आसान बनाना है। कर्मचारियों को क्या होंगे फायदे? प्रस्तावित एक्ट में वेतन, सामाजिक सुरक्षा, कार्यस्थल की सुरक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक संबंधों से जुड़े प्रावधान शामिल किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को काम के घंटे, छुट्टियों और अन्य सुविधाओं को लेकर अधिक स्पष्ट व्यवस्था मिलने की संभावना है। सप्ताहिक छुट्टी चुन सकेगा कर्मचारी नए प्रस्ताव में कर्मचारियों को सप्ताहिक अवकाश को लेकर अधिक विकल्प देने की बात कही गई है। साथ ही काम के घंटों को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए जाएंगे, जिससे कर्मचारियों और संस्थानों दोनों को सुविधा मिल सके। Lokayukta Raid : रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का छापा! जॉइंट डायरेक्टर के पास मिली आय से 300 गुना ज्यादा संपत्ति व्यापार शुरू करना होगा आसान यदि कोई नई दुकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलना चाहता है तो उसे कई स्तर की प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। प्रस्ताव के अनुसार एकल आवेदन के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी है। दुकानें और प्रतिष्ठान ज्यादा समय तक खुल सकेंगे नए एक्ट के लागू होने के बाद कुछ श्रेणी के प्रतिष्ठानों को अधिक समय तक संचालन की अनुमति मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने और काम के नए विकल्प बनने की संभावना जताई जा रही है। कौन-कौन से कानून होंगे समाप्त? सरकार जिन प्रमुख कानूनों को समाप्त कर नए एक्ट में समाहित करने की तैयारी कर रही है, उनमें मध्य प्रदेश इन्सॉल्वेंसी एक्ट 1946, औद्योगिक संबंध अधिनियम 1960, औद्योगिक रोजगार अधिनियम 1961, श्रम कल्याण निधि से जुड़े कानून और असंगठित कर्मकार कल्याण अधिनियम जैसे प्रावधान शामिल हैं। US Strike on Iran : ईरान पर US का दूसरा हमला, ईरान ने होर्मुज बंद कर कुवैत-बहरीन में US बेस पर हमला किया क्या है सरकार का उद्देश्य? सरकार का कहना है कि अलग-अलग कानूनों के कारण कई बार प्रक्रियाएं जटिल हो जाती हैं। सिंगल एक्ट के जरिए श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा, उद्योगों को आसान अनुपालन और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। कर्मचारी और प्रतिष्ठान दोनों पर फोकस अधिकारियों के अनुसार नए कानून में केवल संस्थानों ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों को भी बराबर महत्व देने की कोशिश की जा रही है। इसी उद्देश्य के साथ श्रम व्यवस्था को अधिक संतुलित और सरल बनाने की तैयारी की जा रही है।

MP Congress Viral Video : कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखी अंदरूनी खींचतान! दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी का वीडियो वायरल

MP Congress Infighting

MP Congress Viral Video : मध्य प्रदेश। भोपाल में आयोजित कांग्रेस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह प्रेस वार्ता राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद आयोजित की गई थी। वीडियो में वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी के बीच हुई बातचीत लोगों का ध्यान खींच रही है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिखा अलग माहौल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे। इसी दौरान दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी के बीच कुछ बातचीत होती दिखाई दी। वायरल वीडियो में हरीश चौधरी को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि “हम कर लेंगे।” इसके जवाब में दिग्विजय सिंह हाथ जोड़ते हुए प्रतिक्रिया देते नजर आते हैं। हालांकि बातचीत का पूरा संदर्भ स्पष्ट नहीं है, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। Meenakshi Natarajan Nomination : राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर SC में सुनवाई कल, आयोग बोला- नहीं मिली याचिका की कॉपी जीतू पटवारी के आग्रह पर भी नहीं बोले दिग्विजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिग्विजय सिंह से मीडिया के सामने अपनी बात रखने का आग्रह किया था। बताया जा रहा है कि इसके बावजूद दिग्विजय सिंह ने बोलने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने मौजूद लोगों और राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे कि पार्टी के भीतर किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हो सकते हैं। मीनाक्षी नटराजन मामले के बाद बुलाई प्रेस वार्ता यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने के बाद आयोजित की गई थी। पार्टी इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाने के लिए मीडिया के सामने आई थी। लेकिन प्रेस वार्ता के दौरान सामने आए कुछ दृश्य अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गए हैं। विपक्षी दल भी इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। Lokayukta Raid : रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का छापा! जॉइंट डायरेक्टर के पास मिली आय से 300 गुना ज्यादा संपत्ति सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चाएं वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य बातचीत बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस के भीतर संभावित असहमति से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस वीडियो और वायरल हो रही चर्चाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वीडियो को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। Employee Health Insurance : MP के 11 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को बड़ी राहत! जानिए, कैबिनेट में ऐसे कौन से प्रस्ताव आ सकते हैं? राजनीतिक गलियारों में चर्चा जारी भोपाल की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की रणनीति और अंदरूनी स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण आता है या नहीं, इस पर भी राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं। यहां देखिये घटना का वीडियो

Meenakshi Natarajan Nomination : राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर SC में सुनवाई कल, आयोग बोला- नहीं मिली याचिका की कॉपी

Supreme Court

Meenakshi Natarajan Nomination : भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद में नया मोड़ आ गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी है। गुरुवार को हुई सुनवाई में कांग्रेस और चुनाव आयोग की दलीलें सुनी गईं, लेकिन अदालत ने तत्काल कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया। इस फैसले के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। कांग्रेस ने मांगी थी तत्काल सुनवाई सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की तत्काल सुनवाई की जाए, क्योंकि नामांकन वापसी की समय-सीमा निकट है। उन्होंने कहा कि यदि आज फैसला नहीं होता है तो कम से कम परिणाम घोषित करने पर रोक लगाई जाए। हालांकि चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि उन्हें याचिका की प्रति समय पर नहीं मिली और जवाब तैयार करने के लिए समय चाहिए। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय कर दी। Lokayukta Raid : रिटायरमेंट से 5 महीने पहले लोकायुक्त का छापा! जॉइंट डायरेक्टर के पास मिली आय से 300 गुना ज्यादा संपत्ति नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का विरोध कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से निरस्त किया है। पार्टी का कहना है कि नामांकन पत्र में किसी प्रकार की ऐसी कमी नहीं थी, जिसके आधार पर उम्मीदवार को चुनाव से बाहर किया जाए। कांग्रेस इस फैसले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बता रही है और इसे न्यायिक समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। BJP ने उठाए कई तकनीकी और कानूनी सवाल भाजपा की ओर से मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर कई आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। इनमें शपथपत्र के सत्यापन, संपत्ति विवरण में कथित विसंगति, निर्धारित प्रारूप में बदलाव और आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं देने जैसे मुद्दे शामिल थे। भाजपा का आरोप है कि तेलंगाना की एक अदालत से जुड़े मामले की जानकारी फॉर्म-26 में नहीं दी गई, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह केवल एक नोटिस था, कोई लंबित आपराधिक मामला नहीं। Employee Health Insurance : MP के 11 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को बड़ी राहत! जानिए, कैबिनेट में ऐसे कौन से प्रस्ताव आ सकते हैं? कांग्रेस की दलील- मामला दर्ज नहीं, केवल नोटिस कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। पार्टी के अनुसार तेलंगाना की अदालत ने केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अभी तक किसी मामले में संज्ञान लेकर आरोप तय नहीं किए गए हैं। ऐसे में उस जानकारी को चुनावी हलफनामे में दर्ज करना कानूनी रूप से आवश्यक नहीं था। कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले को गलत और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। INDIAN CURRENCY CHANGE: कागजी नोट होंगे बंद? 30 जून वाले दावे की सरकार ने खोली पूरी सच्चाई अब आगे क्या हो सकता है? राजनीतिक और कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि चुनाव आयोग या अदालत मीनाक्षी नटराजन को राहत देती है तो राज्यसभा चुनाव में मुकाबला देखने को मिल सकता है। वहीं यदि राहत नहीं मिलती है तो भाजपा उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है। इस बीच कांग्रेस ने राजनीतिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। पार्टी के विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे, जबकि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक भी बुलाई गई है। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर प्रमुख आपत्तियां सत्यापन मोहर पर सवाल- पेज 5, 6 और 7 पर सत्यापन मोहर अस्पष्ट, सत्यापन की वैधता पर सवाल।  जरूरी कॉलम अधूरा- आपराधिक मामलों से जुड़े कॉलम में आवश्यक जानकारी दर्ज नहीं। निर्धारित प्रारूप में बदलाव- आय विवरण वाले अनुभाग में आयोग के तय प्रारूप से छेड़छाड़ का आरोप। संपत्ति विवरण में अंतर- नामांकन पत्र और शपथपत्र में संपत्ति के कुल मूल्य में विसंगति। जानकारी छिपाने का आरोप- फॉर्म-26 में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने का आरोप। नामांकन रद्द करने की मांग- अपूर्ण व गलत जानकारी के आधार पर नामांकन निरस्त करने की मांग। शिकायतकर्ता- रजनीश अग्रवाल और महेश केवट (कैंडिडेट्स) जस्टिस रोहित आर्य (महेश केवट की ओर से अधिकृत) राहुल कोठारी- प्रदेश महामंत्री सभी ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन निरस्त करने की मांग की। Gold-Silver Price Today: 10 दिनों में सोना-चांदी धड़ाम; चांदी 27 हजार सस्ती, सोना 8 हजार टूटा – क्या अब निवेश का मौका? मीनाक्षी मामले में पुरानी FIR से अब तक 2022: तेलंगाना में एक महिला ने कांग्रेस नेता कुंभम शिवा कुमार रेड्डी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। इसी मामले में मीनाक्षी नटराजन का नाम भी सामने आया। 2022-2025: महिला द्वारा विभिन्न स्तरों पर शिकायतें और याचिकाएं दायर की गईं। जून 2026 : राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया शुरू कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा। 8 जून 2026: मीनाक्षी नटराजन ने भोपाल में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। 9 जून 2026 – सुबह: नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने आपत्ति दर्ज कराई। भाजपा का आरोप था कि तेलंगाना कोर्ट से जुड़े मामले की जानकारी एफिडेविट में नहीं दी गई। 9 जून 2026 – दोपहर: विधानसभा परिसर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। भाजपा और कांग्रेस के नेता रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष के बाहर जुटे। कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति बनी। Sapna Choudhary Controversy: सपना चौधरी ने पति पर लगाए मारपीट के आरोप, बच्चों के साथ छोड़ा घर 9 जून 2026 – शाम: भाजपा की ओर से एडवोकेट संकेत गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के नियमों का हवाला देते हुए नामांकन निरस्त करने की मांग की। कांग्रेस की ओर से उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और अन्य नेताओं ने आपत्ति को राजनीतिक बताया। 9 जून 2026-शाम करीब 5:30 बजे: रिटर्निंग ऑफिसर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने का फैसला सुनाया। फैसले के तुरंत बादः कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया। 10 जून 2026: कांग्रेस ने चुनाव आयोग पहुंचकर फैसले