Chandranath Rath Murder Update : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। हत्या के पांच दिन बाद बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स यानी STF ने बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस इस मामले को पेशेवर सुपारी किलर्स से जोड़कर जांच कर रही है। मामले ने बंगाल की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार – यूपी से तीन संदिग्ध हिरासत में
जानकारी के मुताबिक, बंगाल STF ने बिहार के बक्सर जिले में रविवार रात कई जगहों पर छापेमारी की। इस दौरान मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य नाम के दो लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के बलिया से राज सिंह नाम के एक कथित शूटर को पकड़े जाने की सूचना सामने आई है।
हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने जांच की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए अभी आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है। STF तीनों संदिग्धों को अपने साथ कोलकाता ले गई है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। बताया गया कि वह कोलकाता से अपने घर लौट रहे थे। तभी हमलावरों ने उनकी स्कॉर्पियो का पीछा किया और रास्ता रोककर कई राउंड फायरिंग कर दी। गोली लगने से चंद्रनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
पुलिस को सुपारी किलर्स पर शक
बंगाल पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का लग रहा है। पुलिस का कहना है कि वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उससे प्रोफेशनल शूटरों के शामिल होने की आशंका मजबूत हुई है।
जांच में सामने आया कि हमलावरों ने फर्जी नंबर प्लेट वाली कार और दो मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया था। घटनास्थल से बरामद कार के चेसिस और इंजन नंबर तक मिटाए गए थे, जिससे साफ है कि अपराधियों ने पहले से पूरी तैयारी की थी।
घटनास्थल से बाइक और कार बरामद
पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। इसके अलावा एक बाइक भी घटनास्थल से करीब चार किलोमीटर दूर चाय की दुकान के पास मिली। बाइक पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगा था। दूसरी मोटरसाइकिल अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
एयरफोर्स अफसर से बने राजनीतिक सहयोगी
चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम के रहने वाले थे। उन्होंने एयरफोर्स में अधिकारी के रूप में सेवा दी थी। बाद में VRS लेने के बाद वह राजनीति से जुड़े और सुवेंदु अधिकारी की टीम में शामिल हो गए।
वह साल 2021 से सुवेंदु अधिकारी के निजी स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। राजनीति में आने से पहले उनका परिवार तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गया।
शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल पहचान
चंद्रनाथ रथ को शांत और लो-प्रोफाइल व्यक्ति माना जाता था। कई साल तक सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी होने के बावजूद वह सार्वजनिक चर्चाओं से दूर रहे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से पढ़ाई पूरी की थी। परिवार में उनकी मां ही हैं और उन्होंने शादी नहीं की थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उनका किसी विवाद से दूर रहने वाला व्यक्तित्व था।
90 मिनट में कैसे हुई पूरी वारदात
पुलिस जांच के अनुसार, चंद्रनाथ रथ रात करीब 9 बजे कोलकाता से अपने घर के लिए निकले थे। रात करीब 10 बजे उनकी स्कॉर्पियो CCTV कैमरे में दिखाई दी। इसके कुछ देर बाद एक कार और दो बाइक उनका पीछा करती नजर आईं।
करीब 10:30 बजे मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद बाइक सवार बदमाशों ने 6 से 10 राउंड फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।
ग्लॉक 47X पिस्टल के इस्तेमाल से बढ़ा शक
जांच में सामने आया है कि हत्या में ग्लॉक 47X जैसी मॉडर्न पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अत्याधुनिक हथियार आम अपराधियों के पास नहीं होते। इससे पुलिस का शक और मजबूत हो गया है कि हत्या में प्रशिक्षित और प्रोफेशनल शूटर शामिल थे।