Yogendra Upadhyay Controversy : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बच्चों की लोकप्रिय अंग्रेजी कविताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘जॉनी जॉनी यस पापा’ जैसी कविताएं बच्चों को झूठ बोलने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उनके अनुसार, ऐसे साहित्यिक कंटेंट से बचपन से ही बच्चों के मन में गलत आदतों के बीज बोते हैं।
मंत्री का तर्क
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने तर्क दिया कि कविताओं में ‘ईटिंग शुगर, नो पापा’ जैसी पंक्तियां बच्चों को झूठ बोलना सामान्य और मज़ेदार लगने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका कहना है कि शिक्षा सामग्री में इस तरह की चीजें बच्चों के नैतिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
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गुरु ज्ञान के साथ संस्कार भी दे
इस दौरान उन्होंने हिंदी कविताओं और भारतीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया और कहा कि गुरु की भूमिका तभी पूरी होती है जब वह ज्ञान के साथ संस्कार भी दे। कार्यक्रम में 12 शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि के डेमो चेक भी प्रदान किए गए।
कानपुर में आयोजित शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि समारोह के दौरान यूपी के मंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे सिर्फ पाठ्यक्रम ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कार भी दें।
शिक्षा और नैतिकता पर असर
मंत्री का यह बयान शिक्षा और पाठ्यपुस्तक नीति पर बहस की नई लकीर खींच रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रारंभिक उम्र में पढ़ाई जाने वाली सामग्री बच्चों के मूल्य और आदतों को प्रभावित करती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या लोकप्रिय अंग्रेजी कविताओं में बदलाव या नए विकल्प पेश किए जाने चाहिए।
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