NEET 2026 : छतरपुर। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में श्री सत्यनारायण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीड़ित छात्र-छात्राओं का दर्द साझा करते हुए उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने देश के सिस्टम पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि देश में पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन कभी चुनाव लीक नहीं होते। काश, कभी नेताओं के वोट लीक हो जाएं।
मेहनतकश परिवारों के सपनों का टूट जाना दुखद
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पिछले दिनों कुछ बच्चे और बच्चियां उनसे मिलने आए थे, जो बेहद दुखी थे। जब उनसे मायूसी का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। महाराज ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि एक गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना लेकर बहुत मुश्किल से कोचिंग और पढ़ाई की फीस भरता है।
कई माता-पिता खेती-किसानी, मजदूरी और कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक होता है, तो केवल उस छात्र का दिल नहीं टूटता, बल्कि पूरे परिवार के सपनों, उनकी मानसिक स्थिति और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा और बुरा असर पड़ता है।
गलती सिस्टम की तो सजा बच्चे क्यों भुगतें?
बागेश्वर सरकार ने सीधे तौर पर व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पेपर लीक होने में विद्यार्थियों की कोई गलती नहीं होती, यह पूरी तरह से सिस्टम की नाकामी है। जब गलती सिस्टम की है, तो उसका हर्जाना भी सिस्टम को ही भुगतना चाहिए।
सरकार को यह नियम बनाना चाहिए कि यदि किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है, तो अगली बार होने वाली परीक्षा में बच्चों की फीस पूरी तरह माफ होनी चाहिए। जब नुकसान सिस्टम का होगा, तब जाकर उसे अपनी गलती का अहसास होगा।
कथा के दौरान दी हिम्मत: डूबने से मिलती है सफलता
कथा के दौरान उन्होंने परेशान और निराश विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए एक चौपाई के माध्यम से संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “हारियो न हिम्मत, बिसारियो न नाम।” भगवान और सफलता कभी खोजने से नहीं मिलती, बल्कि उसमें खो जाने से मिलती है। खो जाने का सीधा मतलब यह है कि आप अपनी मेहनत और लक्ष्य में पूरी तरह डूब जाएं।
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