Aayudh

NEET 2026 पेपर लीक पर बागेश्वर सरकार बोले- गलती सिस्टम की, सजा बच्चों को क्यों?

Bageshwar on NEET Paper Leak

NEET 2026 : छतरपुर। उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में श्री सत्यनारायण कथा कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीड़ित छात्र-छात्राओं का दर्द साझा करते हुए उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने देश के सिस्टम पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि देश में पेपर लीक हो जाते हैं, लेकिन कभी चुनाव लीक नहीं होते। काश, कभी नेताओं के वोट लीक हो जाएं। Delhi Terror Network : ISI और अंडरवर्ल्ड के निशाने पर थे रेलवे स्टेशन- एयरपोर्ट, 4 राज्यों से 9 आरोपी दबोचे मेहनतकश परिवारों के सपनों का टूट जाना दुखद पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि पिछले दिनों कुछ बच्चे और बच्चियां उनसे मिलने आए थे, जो बेहद दुखी थे। जब उनसे मायूसी का कारण पूछा गया तो उन्होंने बताया कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। महाराज ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा कि एक गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना लेकर बहुत मुश्किल से कोचिंग और पढ़ाई की फीस भरता है। कई माता-पिता खेती-किसानी, मजदूरी और कर्ज लेकर बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे में जब पेपर लीक होता है, तो केवल उस छात्र का दिल नहीं टूटता, बल्कि पूरे परिवार के सपनों, उनकी मानसिक स्थिति और आर्थिक स्थिति पर बहुत गहरा और बुरा असर पड़ता है। Rajasthan Sandstorm : राजस्थान में रेतीले तूफान का कहर! 5 जिलों में दिन में छाया अंधेरा, 80 KMPH की रफ्तार से चली आंधी गलती सिस्टम की तो सजा बच्चे क्यों भुगतें? बागेश्वर सरकार ने सीधे तौर पर व्यवस्था को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पेपर लीक होने में विद्यार्थियों की कोई गलती नहीं होती, यह पूरी तरह से सिस्टम की नाकामी है। जब गलती सिस्टम की है, तो उसका हर्जाना भी सिस्टम को ही भुगतना चाहिए। सरकार को यह नियम बनाना चाहिए कि यदि किसी परीक्षा का पेपर लीक होता है, तो अगली बार होने वाली परीक्षा में बच्चों की फीस पूरी तरह माफ होनी चाहिए। जब नुकसान सिस्टम का होगा, तब जाकर उसे अपनी गलती का अहसास होगा। Attack on Abhishek Banerjee : ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला, भीड़ ने मारा…कपड़े तक फाड़े कथा के दौरान दी हिम्मत: डूबने से मिलती है सफलता कथा के दौरान उन्होंने परेशान और निराश विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाते हुए एक चौपाई के माध्यम से संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “हारियो न हिम्मत, बिसारियो न नाम।” भगवान और सफलता कभी खोजने से नहीं मिलती, बल्कि उसमें खो जाने से मिलती है। खो जाने का सीधा मतलब यह है कि आप अपनी मेहनत और लक्ष्य में पूरी तरह डूब जाएं। यहां देखिये वीडियो

Rajasthan Sandstorm : राजस्थान में रेतीले तूफान का कहर! 5 जिलों में दिन में छाया अंधेरा, 80 KMPH की रफ्तार से चली आंधी

Rajasthan Sandstorm

Rajasthan Sandstorm : चूरू। राजस्थान के कई जिलों में शनिवार दोपहर मौसम ने अचानक करवट ले ली। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर जिलों में तेज रेतीला तूफान आने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ ही मिनटों में आसमान धूल से भर गया और दिन में ही अंधेरे जैसी स्थिति बन गई। तेज हवाओं के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार यह नजारा काफी डरावना था और कई लोग सुरक्षा के लिए तुरंत अपने घरों में चले गए। 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी मौसम में आए इस अचानक बदलाव के दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। बताया जा रहा है कि रेतीले तूफान की शुरुआत हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र से हुई, जिसके बाद इसका प्रभाव आसपास के जिलों तक फैल गया। धूल के घने गुबार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। कई स्थानों पर लोगों को कुछ मीटर दूर तक भी देखना मुश्किल हो गया। तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित रहा और बाजारों में भी लोगों की आवाजाही कम हो गई। Karnataka New CM : डीके शिवकुमार कर्नाटक के 24वें CM, राज्य को मिलेंगे 4 डिप्टी सीएम; सिद्धारमैया का बेटा भी बनेगा मंत्री 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस रेतीले तूफान का असर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में देखा गया। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि धूल का गुबार 80 से 100 फीट तक ऊंचा दिखाई दे रहा था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी क्षेत्रों से उठी धूल और तेज हवाओं के कारण यह स्थिति बनी। सीमावर्ती जिलों में इसका असर अधिक देखने को मिला। पेड़ उखड़े, बिजली पोल गिरे तूफान के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने में जुटी हुई हैं। राहत की बात यह रही कि फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की अपील की है। Dindori Water Structures : जल संकट के बीच डिंडौरी ने रचा इतिहास, 6 लाख जल संरचनाएं, देश में दूसरा स्थान पाकिस्तान से उठे तूफान का राजस्थान पर असर जानकारी के अनुसार यह रेतीला तूफान पाकिस्तान के रेगिस्तानी क्षेत्रों से उठी तेज हवाओं का परिणाम माना जा रहा है। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और शुष्क वातावरण के कारण इस तरह के धूल भरे तूफान की संभावना बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में भी मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। भीषण गर्मी में बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा देश के कई हिस्सों में इन दिनों तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। नौतपा के दौरान पड़ रही भीषण गर्मी बच्चों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। Delhi Terror Network : ISI और अंडरवर्ल्ड के निशाने पर थे रेलवे स्टेशन- एयरपोर्ट, 4 राज्यों से 9 आरोपी दबोचे डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार बना सकती है। इसलिए इस मौसम में बच्चों की दिनचर्या और खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। यहां देखिये रेतीले तूफान के वीडियो

Karnataka New CM : डीके शिवकुमार कर्नाटक के 24वें CM, राज्य को मिलेंगे 4 डिप्टी सीएम; सिद्धारमैया का बेटा भी बनेगा मंत्री

Karnataka CM Politics

Karnataka New CM : बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच आखिरकार सत्ता परिवर्तन की तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनका मुख्यमंत्री बनना तय हो गया है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने स्वयं उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। यह फैसला कांग्रेस के अंदर लंबे समय से चल रही नेतृत्व व्यवस्था के तहत लिया गया माना जा रहा है। 3 जून को होगा शपथ ग्रहण समारोह कांग्रेस नेताओं के अनुसार डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ‘ग्लास हाउस’ में आयोजित किया जाएगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री के साथ-साथ मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई सरकार के गठन के साथ कई नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना है। Karnataka CM Politics : शिवकुमार बनेंगे कर्नाटक के CM! 4 डिप्टी सीएम का बड़ा फैसला, जानिए कब होगी शपथ ग्रहण? कैबिनेट में बड़े फेरबदल की तैयारी सूत्रों के मुताबिक नई सरकार बनने के साथ ही कैबिनेट में व्यापक बदलाव किए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि मौजूदा मंत्रिमंडल से कई मंत्रियों को हटाया जा सकता है और क्षेत्रीय तथा सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नई टीम तैयार की जाएगी। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि सरकार में कई उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं ताकि विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व मिल सके। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रोटेशनल फॉर्मूले के तहत हुआ नेतृत्व परिवर्तन कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को ‘रोटेशनल फॉर्मूला’ से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्ष 2023 में सरकार बनने के बाद से ही यह चर्चा रही थी कि कार्यकाल के बीच में नेतृत्व परिवर्तन किया जा सकता है। सिद्धारमैया ने 20 मई 2023 से लेकर 28 मई 2026 तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके इस्तीफे के बाद अब पार्टी ने डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपने का फैसला किया है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन और सरकार दोनों में संतुलन बना रहेगा। Dindori Water Structures : जल संकट के बीच डिंडौरी ने रचा इतिहास, 6 लाख जल संरचनाएं, देश में दूसरा स्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे बैठक में मौजूद विधायक दल की बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों नेताओं ने बैठक की प्रक्रिया पर नजर रखी और विधायक दल के फैसले को अंतिम रूप दिया। पार्टी नेतृत्व ने इस बदलाव को संगठनात्मक निर्णय बताया है। ज्योतिषी का दावा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहेंगे शिवकुमार डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की घोषणा के बाद उनके ज्योतिषी द्वारकानाथ गुरुजी का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने दावा किया है कि शिवकुमार का राजनीतिक भविष्य मजबूत है और वे लंबे समय तक इस पद पर बने रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों के बाद भी उनकी राजनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण बनी रह सकती है। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक इस तरह के दावों को व्यक्तिगत आकलन मानते हैं और अंतिम फैसला जनता तथा राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर बताते हैं। CM Vaishno Devi Visit : महाकाल – भोजशाला के लिए वैष्णो देवी का मैनेजमेंट मॉडल अपनाएगी सरकार, CM मोहन यादव का प्लान कर्नाटक की राजनीति में नए दौर की शुरुआत डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के साथ कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व अब राज्य में संगठन को मजबूत करने, चुनावी वादों को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार के सामने विकास, वित्तीय प्रबंधन और क्षेत्रीय संतुलन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे।

Dindori Water Structures : जल संकट के बीच डिंडौरी ने रचा इतिहास, 6 लाख जल संरचनाएं, देश में दूसरा स्थान

Dindori Water Structures

Dindori Water Structures : मध्य प्रदेश। डिंडौरी जल संरक्षण और पानी की एक-एक बूंद बचाने के मामले में मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले ने पूरे देश में मिसाल पेश की है। अपनी कोशिशों और जनता के सहयोग से डिंडौरी जिला पानी रोकने वाली संरचनाओं के निर्माण में पूरे देश में दूसरे नंबर पर पहुँच गया है। पिछले दो महीनों से जिले में लोगों के सहयोग से यह काम चल रहा है। अब तक यहाँ कुल 6 लाख 26 हजार 955 जल संरचनाएं बनाई जा चुकी हैं। पूरे देश में आंध्र प्रदेश का अल्लूरी सीताराम राजू जिला पहले स्थान पर है। अफसरों ने समझाया महत्व शुरुआत में ग्रामीण इस अभियान का महत्व नहीं समझ पा रहे थे। इसके बाद प्रशासन और इंजीनियरों की टीम ने हर गांव में जाकर चौपाल लगाई। ग्रामीणों को समझाया गया कि पानी रोकने से ही बचेगा। इसके बाद लोग खुद आगे आए। ग्राम पंचायत सिंहपुर की मेकन बाई ने बताया कि बात समझ में आने के बाद उन्होंने खुद मेहनत की और अपने पैसे से पाइप खरीदकर घर के सामने सोखता गड्ढा बनाया। जमुना खैरवार ने बताया कि पहले वे सोचते थे कि पानी देना सिर्फ सरकार का काम है, लेकिन अब उन्होंने खुद अपने घर में दो सोखता गड्ढे बनवाए हैं। Attack on Abhishek Banerjee : ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला, भीड़ ने मारा…कपड़े तक फाड़े मां की बगिया योजना में टपक पद्धति से सिंचाई आजीविका परियोजना से जुड़ी सुदामा सुरेश्वर ने बताया कि मां की बगिया योजना के तहत पांच परिवारों को मिलाकर नींबू और आम के पेड़ लगाए गए हैं। इन पौधों को बचाने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए ग्रामीण जागरूक हुए हैं। अब यहाँ टपक पद्धति (ड्रिप), हांडी और सलाइन की बोतलों का उपयोग करके पौधों को पानी दिया जा रहा है। पहाड़ियों पर खोदे गए कंट्रोल ट्रेंच गांँवों में पहले से बने चार तालाबों और 12 स्टॉप डैम का ग्रामीणों की मदद से सुधार किया गया है। इसके अलावा जमीन के नीचे पानी का स्तर सुधारने के लिए चार पहाड़ियों पर लगभग साढ़े तीन सौ कंट्रोल ट्रेंच खुदवाए गए हैं। हैंडपंपों के पास भी सोखता गड्ढे बनाए गए हैं ताकि बेकार बहने वाला पानी सीधे जमीन के अंदर जा सके। आने वाले मानसून में इन पहाड़ियों पर बड़े पैमाने पर पौधे लगाने की योजना है। कठिन भौगोलिक स्थिति है बड़ी चुनौती कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि मार्च के महीने में जल शक्ति मंत्रालय के निर्देशों के बाद जिले में यह काम शुरू किया गया था। जिले की भौगोलिक स्थिति काफी कठिन है, लोग मुख्य रूप से पठार और छोटे-छोटे टोलों में रहते हैं। Delhi Terror Network : ISI और अंडरवर्ल्ड के निशाने पर थे रेलवे स्टेशन- एयरपोर्ट, 4 राज्यों से 9 आरोपी दबोचे भूगोल की प्रोफेसर डॉक्टर रश्मि गौतम के अनुसार, जिले की जमीन पथरीली और उबड़-खाबड़ है, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे जमीन के अंदर नहीं जा पाता। छोटी-छोटी संरचनाओं से पानी रुकने में मदद मिलेगी। यही कारण है कि जिले के कई गांवों में आज भी जल संकट बना हुआ है। जिला मुख्यालय से सिर्फ तीन किलोमीटर दूर आवास टोला में महिलाएं डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर कुएं से गंदा पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं घुसिया ग्राम पंचायत के ढीमरान टोला में पिछले चार साल से पाइप लाइन खराब पड़ी है, जिससे पांच सौ की आबादी कुएं के भरोसे है। हाल ही में पानी की समस्या को लेकर करौंदा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शहडोल-पंडरिया स्टेट हाईवे पर चक्काजाम भी किया था। Twisha Sharma Case : CBI के सामने घिरीं पूर्व जज, पूछा- कसूर नहीं था तो अग्रिम जमानत क्यों मांगी, बेटा क्यों हुआ फरार? प्रशासन ने बनाया कंट्रोल रूम पीएचई विभाग के इंजीनियर अफजल अमानुल्लाह खान ने बताया कि पानी की किल्लत की निगरानी के लिए कलेक्ट्रेट में एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। जिले में जहां से भी पानी के संकट की खबर आ रही है, वहाँ कंट्रोल रूम के माध्यम से तुरंत टैंकर या दूसरी व्यवस्थाएं भेजी जा रही हैं।

Attack on Abhishek Banerjee : ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हमला, भीड़ ने मारा…कपड़े तक फाड़े

Attack on Abhishek Banerjee

Attack on Abhishek Banerjee : कोलकाता। पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद Abhishek Banerjee को विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। शनिवार को वे चुनाव के बाद हुई हिंसा में प्रभावित लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनका घेराव कर लिया। मौके पर जमकर नारेबाजी हुई और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने किए विरोध के अलग-अलग तरीके जानकारी के अनुसार, सोनारपुर के कमराबाद इलाके में पहुंचते ही अभिषेक बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए और कुछ लोगों ने उन पर कच्चे अंडे फेंके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धक्का-मुक्की के दौरान उनके कपड़े भी फट गए। हालात बिगड़ते देख सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षा घेरे में लिया। उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए हेलमेट पहनाया गया और बाद में वहां से बाहर निकाला गया। CM Vaishno Devi Visit : महाकाल – भोजशाला के लिए वैष्णो देवी का मैनेजमेंट मॉडल अपनाएगी सरकार, CM मोहन यादव का प्लान बाइक से इलाके में पहुंचे, रास्ते में रोका गया स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारी विरोध को देखते हुए अभिषेक बनर्जी अपनी कार छोड़कर बाइक के माध्यम से अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें पीड़ित परिवार के घर से कुछ दूरी पहले ही रोक लिया। इस दौरान “चोर-चोर” जैसे नारे लगाए गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ मोटरसाइकिलों को भी सड़क पर गिरा दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों ने विकास कार्यों को लेकर जताई नाराजगी विरोध में शामिल कई स्थानीय लोगों ने दावा किया कि उनका गुस्सा राजनीतिक नहीं बल्कि विकास से जुड़ी समस्याओं को लेकर है। लोगों का कहना है कि इलाके में सड़कें खराब हैं, बारिश के समय जलभराव की समस्या बनी रहती है और बुनियादी सुविधाओं की कमी है। कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वर्षों से शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसी नाराजगी के कारण लोगों ने सांसद के सामने अपने सवाल उठाए। MP Industrial Hub 2026 : 19,300 एकड़ में बन रहे 48 औद्योगिक पार्क, CM बोले- देश का ‘इंडस्ट्रियल हब’ बन रहा मध्यप्रदेश … विकास के मुद्दों पर जनता ने मांगा जवाब स्थानीय निवासियों का कहना है कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास नहीं हुआ। लोगों ने सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब जनप्रतिनिधि क्षेत्र में आए हैं तो उन्हें जनता की समस्याओं का जवाब भी देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। अभिषेक बनर्जी ने BJP पर लगाया आरोप घटना के बाद अभिषेक बनर्जी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला विपक्ष द्वारा प्रायोजित था। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी और सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर दिखाई दी। वहीं विपक्षी दलों की ओर से इस घटना को स्थानीय लोगों के असंतोष का परिणाम बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। Twisha Sharma Case : CBI के सामने घिरीं पूर्व जज, पूछा- कसूर नहीं था तो अग्रिम जमानत क्यों मांगी, बेटा क्यों हुआ फरार? इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। राजनीतिक दलों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं और इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जानकारी जुटाने और हालात को सामान्य बनाए रखने में लगा हुआ है। यहां देखिये घटना का वायरल वीडियो

Delhi Terror Network : ISI और अंडरवर्ल्ड के निशाने पर थे रेलवे स्टेशन- एयरपोर्ट, 4 राज्यों से 9 आरोपी दबोचे

Delhi Terror Network

Delhi Terror Network : नई दिल्ली। दिल्ली सुरक्षा एजेंसियों ने देश की राजधानी में एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 9 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और अंतरराष्ट्रीय अंडरवर्ल्ड से जुड़े हुए हैं। सुरक्षा बलों के लिए इसे हाल के दिनों की सबसे बड़ी कामयाबी माना जा रही है। विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर हो रहा था काम पकड़े गए सभी आरोपी देश के बाहर बैठे अपने आकाओं के लगातार संपर्क में थे और उनके निर्देशों पर ही काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का एक हिस्सा पूरी तरह से अंडरवर्ल्ड के इशारे पर सक्रिय था, वहीं दूसरे हिस्से को सीधे पाकिस्तान से ऑपरेट किया जा रहा था। CM Vaishno Devi Visit : महाकाल – भोजशाला के लिए वैष्णो देवी का मैनेजमेंट मॉडल अपनाएगी सरकार, CM मोहन यादव का प्लान चार राज्यों में एक साथ छापेमारी इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए दिल्ली, मुंबई, राजस्थान और पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की, जिसके बाद इन 9 संदिग्धों को दबोचा गया। आरोपियों के पास से विदेशी हथियार, हैंड ग्रेनेड और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली है। एजेंसियों को अंदेशा है कि हथियारों और बारूद का यह जखीरा सीमा पार से भारत भेजा गया था। हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन थे आतंकियों के निशाने पर पूछताछ में पता चला है कि यह पूरा नेटवर्क देश के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील ठिकानों को दहलाने की बड़ी तैयारी में था। आतंकियों के निशाने पर मुख्य रूप से हवाई अड्डे (एयरपोर्ट), बड़े रेलवे स्टेशन और बिजलीघर (ऊर्जा संयंत्र) शामिल थे। इसके साथ ही सुरक्षा बलों के ठिकानों पर भी हमले की योजना बनाई जा रही थी। MP Industrial Hub 2026 : 19,300 एकड़ में बन रहे 48 औद्योगिक पार्क, CM बोले- देश का ‘इंडस्ट्रियल हब’ बन रहा मध्यप्रदेश … फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच शुरू फिलहाल सभी सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल की फंडिंग, हथियारों की सप्लाई लाइन और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगालने में जुटी हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह से जुड़े कुछ और लोग देश के दूसरे राज्यों में छिपे हुए हैं। मामले से जुड़ी बाकी जानकारियों का बड़ा खुलासा स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जल्द ही किया जा सकता है।

CM Vaishno Devi Visit : महाकाल – भोजशाला के लिए वैष्णो देवी का मैनेजमेंट मॉडल अपनाएगी सरकार, CM मोहन यादव का प्लान

CM Vaishno Devi Visit

CM Vaishno Devi Visit : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) 29 मई को जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुंचे, जहां उन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। हालांकि यह दौरा केवल धार्मिक दर्शन तक सीमित नहीं है। इसके पीछे मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाने की बड़ी योजना जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद है, जो वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली, भीड़ प्रबंधन और जनसुविधाओं का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला पर विशेष फोकस कटरा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए बेहतर प्रबंधन मॉडल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर धाम और धार की भोजशाला जैसे आस्था केंद्रों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। MP Industrial Hub 2026 : 19,300 एकड़ में बन रहे 48 औद्योगिक पार्क, CM बोले- देश का ‘इंडस्ट्रियल हब’ बन रहा मध्यप्रदेश … भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं का होगा अध्ययन वैष्णो देवी देश के सबसे अधिक श्रद्धालुओं वाले धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के साथ गई टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं का प्रबंधन कैसे किया जाता है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था, डिजिटल मॉनिटरिंग, आपातकालीन सेवाएं, आवास व्यवस्था और दर्शन प्रणाली का भी अध्ययन किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं को मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। भोजशाला को लेकर भी सरकार की बड़ी योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को लेकर दिए गए निर्णय के बाद वहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में भोजशाला में भी बेहतर सुविधाएं विकसित करना आवश्यक होगा। सरकार चाहती है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज दर्शन की व्यवस्था मिले। इसी कारण भोजशाला को भी इस अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। Twisha Sharma Case : CBI के सामने घिरीं पूर्व जज, पूछा- कसूर नहीं था तो अग्रिम जमानत क्यों मांगी, बेटा क्यों हुआ फरार? विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज मॉडल पर भी नजर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड केवल मंदिर प्रबंधन तक सीमित नहीं है। इसके तहत विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और कई सामाजिक संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का प्रतिनिधिमंडल इन संस्थानों की कार्यप्रणाली का भी अध्ययन करेगा। सरकार का मानना है कि यदि ऐसे मॉडल सफल हैं तो भविष्य में राज्य में भी इन्हें लागू किया जा सकता है। इससे धार्मिक स्थलों को केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रखकर शिक्षा और सामाजिक विकास से भी जोड़ा जा सकेगा। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मध्य प्रदेश सरकार पिछले कुछ वर्षों से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। महाकाल लोक, ओंकारेश्वर और अन्य धार्मिक परियोजनाओं के बाद अब सरकार मंदिर प्रबंधन को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में देश के विभिन्न प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक और तकनीकी टीमों को भेजा जा रहा है। ये टीमें अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी, जिसके आधार पर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएंगी। Khandwa Cattle Incident : गाय काटने के बाद खंडवा में बवाल! ईद पर कुर्बानी की आशंका, 4 गिरफ्तार श्रद्धालुओं को मिलेगा बेहतर अनुभव सरकार का लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, आसान दर्शन व्यवस्था, मजबूत सुरक्षा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराया जाए। यदि वैष्णो देवी मॉडल के प्रमुख तत्व सफलतापूर्वक लागू होते हैं, तो आने वाले वर्षों में महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला जैसे स्थलों की व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

MP Industrial Hub 2026 : 19,300 एकड़ में बन रहे 48 औद्योगिक पार्क, CM बोले- देश का ‘इंडस्ट्रियल हब’ बन रहा मध्यप्रदेश …

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MP Industrial Hub 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश तेजी से देश के नए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा है कि राज्य में औद्योगिक निवेश लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश अब देश का नया “इंडस्ट्रियल हब” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का फोकस रोजगार बढ़ाने और उद्योगों को मजबूत आधार देने पर है। 19,300 एकड़ में विकसित हो रहे 48 औद्योगिक पार्क सीएम मोहन यादव के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा पोस्ट की जानकारी के अनुसार राज्य में कुल 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ये पार्क अलग-अलग जिलों में औद्योगिक विकास को गति देंगे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छोटे और मझोले उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। इन पार्कों से निवेश को भी बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है। LPG June Rules : 1 जून से बदल रहे हैं गैस के नियम! PNG वालों को छोड़ना होगा LPG? प्रमुख परियोजनाओं से बदल रही औद्योगिक दिशा मध्यप्रदेश में कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। इनमें धार में PM MITRA टेक्सटाइल पार्क, उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क, मुरैना में मेगा लेदर फुटवियर क्लस्टर और नर्मदापुरम में नवकरणीय ऊर्जा उपकरण क्षेत्र शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में अलग-अलग सेक्टरों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना है और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस सरकार का दावा है कि औद्योगिक विस्तार से राज्य में निवेश की रफ्तार और तेज होगी। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। इन औद्योगिक पार्कों में देश-विदेश की कंपनियों को आकर्षित करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर औद्योगिक राज्य के रूप में विकसित किया जाए। CM Mohan Yadav Bhojshala Visit : भोजशाला पहुंचे CM मोहन यादव, ‘सरस्वती लोक’ बनाने का किया ऐलान डिजिटल और आधुनिक औद्योगिक ढांचा राज्य में विकसित हो रहे औद्योगिक पार्क आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सुविधाओं से लैस होंगे। यहां बिजली, पानी, सड़क और लॉजिस्टिक्स की बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इससे उद्योगों को बेहतर माहौल मिलेगा और उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी। सरकार का फोकस सतत विकास और हरित औद्योगिक मॉडल पर भी है।

LPG June Rules : 1 जून से बदल रहे हैं गैस के नियम! PNG वालों को छोड़ना होगा LPG?

LPG June Rules

LPG June Rules : नई दिल्ली। घरेलू रसोई गैस व्यवस्था को लेकर देश में एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार और गैस वितरण कंपनियाँ (OMCs) अब गैस सप्लाई को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की तैयारी में हैं। 1 जून से LPG सिलेंडर और पाइप वाली गैस (PNG) को लेकर नए नियम लागू होने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो एक ही घर में सिलेंडर और पाइपलाइन दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। PNG आने के बाद भी वापिस नहीं किए सिलेंडर देश के कई हिस्सों में अब घरों तक पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुँच चुकी है, लेकिन इसके बाद भी LPG सिलेंडरों की मांग कम नहीं हुई। खबरों के मुताबिक, लाखों ग्राहकों ने अपने घरों में पाइप वाली गैस तो लगवा ली, लेकिन पुराना LPG कनेक्शन वापिस नहीं किया। इसी को देखते हुए अब सरकार और गैस कंपनियाँ सख्ती बरतने जा रही हैं ताकि गैस के वास्तविक उपयोग की सही निगरानी की जा सके। Bhopal NSUI Protest : NEET पेपर लीक को लेकर भोपाल में NSUI का बड़ा प्रदर्शन आज, सीएम हाउस घेराव की तैयारी एक परिवार, एक कनेक्शन नियम होगा सख्त नए नियमों के अनुसार, जिस पते पर पहले से ही PNG यानी पाइप वाली गैस की सुविधा मौजूद है, वहाँ अब LPG सिलेंडर का कनेक्शन नहीं रखा जा सकेगा। एक ही घर में दोनों कनेक्शन रखना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। गैस कंपनियाँ अब ऐसे ग्राहकों का पता लगा रही हैं जो दोनों सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। जिन इलाकों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहाँ के उपभोक्ताओं को तय समय के अंदर केवल एक ही माध्यम को चुनना होगा, ऐसा न करने पर उनकी LPG गैस सप्लाई बंद या रद्द की जा सकती है। 30 दिनों के भीतर करना होगा सिलेंडर वापिस सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, जिन उपभोक्ताओं के घर में PNG कनेक्शन लग चुका है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना पुराना LPG सिलेंडर कनेक्शन वापस (सरेंडर) करना पड़ सकता है। हालांकि, ग्राहकों की सुविधा के लिए इसमें एक विकल्प भी रखा गया है। यदि भविष्य में उपभोक्ता किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहाँ PNG की सुविधा नहीं है, तो वह अपने LPG कनेक्शन को दोबारा चालू करवा सकेगा। Twisha Sharma Case : CBI के सामने घिरीं पूर्व जज, पूछा- कसूर नहीं था तो अग्रिम जमानत क्यों मांगी, बेटा क्यों हुआ फरार? जून से सिलेंडर बुकिंग और रिफिल के नियमों में बदलाव पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की बुकिंग और दोबारा सिलेंडर मँगवाने (रिफिल) की प्रक्रिया पर कड़ा नियंत्रण लागू किया जा सकता है। इसके तहत दो सिलेंडरों के बीच मिलने वाले समय (लॉक-इन पीरियड) को बढ़ाया जा सकता है। शहरी इलाकों में: सिलेंडर रिफिल का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में: यह समय सीमा 45 दिन तक बढ़ाई जा सकती है। डिजिटल डेटाबेस को आपस में जोड़ दिया गया है, जिससे अब यह आसानी से पता चल जाएगा कि कौन सा उपभोक्ता दोनों तरह की गैस सेवाओं का इस्तेमाल कर रहा है। Chhatarpur Hospital Negligence : 4 दिन से अस्पताल में बिजली गुल, मोबाइल की टॉर्च में हो रही डिलीवरी सब्सिडी और शुल्क से जुड़ी मुख्य बातें नियमों के तहत हर परिवार को साल भर में मिलने वाले 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर की व्यवस्था जारी रहेगी। तय सीमा से अधिक सिलेंडर लेने पर बाजार मूल्य के हिसाब से भुगतान करना होगा। नए LPG कनेक्शन के लिए जमा की जाने वाली राशि (डिपॉजिट) और इंस्टॉलेशन चार्ज में बदलाव हो सकता है। रेगुलेटर, पाइप और शुरुआती सेटअप के लिए लगने वाले शुल्कों में भी संशोधन संभव है। यह नया नियम मुख्य रूप से उन शहरी उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा जो दोनों कनेक्शन अपने पास रखे हुए हैं और सब्सिडी वाले सिलेंडरों पर निर्भर हैं।

Twisha Sharma Case : CBI के सामने घिरीं पूर्व जज, पूछा- कसूर नहीं था तो अग्रिम जमानत क्यों मांगी, बेटा क्यों हुआ फरार?

Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case : भोपाल। एक्ट्रेस त्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। शुक्रवार को भोपाल की उसी कोर्ट में एक बेहद हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जहाँ रिटायर्ड जज गिरिबाला कभी खुद जिला जज के रूप में फैसले सुनाती थीं। शुक्रवार दोपहर ठीक 12:30 बजे गिरिबाला और उनके बेटे समर्थ को उसी अदालत के कटघरे में आरोपी के रूप में पेश किया गया। दोनों करीब 90 मिनट तक कोर्ट में रहे, जिसके बाद अदालत ने उन्हें पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। सीबीआई के वकील ने दलील दी कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहा है, इसलिए दोनों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना और सबूत जब्त करना जरूरी है। Twisha Sharma Case : CBI का बड़ा एक्शन , रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह गिरफ्तार; आज ही कोर्ट में पेश करेंगे CBI के वो दो तीखे सवाल, जिन पर चुप रह गईं रिटायर्ड जज सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूछताछ के लिए 50 से ज्यादा मुख्य और कई सप्लीमेंट्री सवाल तैयार किए हैं। शुरुआती पूछताछ में जब सीबीआई अफसरों ने गिरिबाला से पूछा कि- “आप खुद जज रही हैं और कानून अच्छी तरह जानती हैं, तो फिर कोई गलती न होने के बावजूद आपने एफआईआर से पहले ही अग्रिम जमानत की अर्जी क्यों लगाई?” इसके बाद दूसरा अहम सवाल पूछा गया कि- “आपने अपने बेटे समर्थ को फरार होने के लिए क्यों कहा?” इन दोनों ही तीखे सवालों पर पूर्व जज पहले तो बिल्कुल चुप रहीं, लेकिन बाद में उन्होंने माना कि यह उनकी बड़ी गलती थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि इस कदम से उन पर ही संदेह और ज्यादा मजबूत हो जाएगा। 80 किलो के डमी पुतले और बेल्ट से होगा घटना का रिक्रिएशन त्विशा शर्मा की मौत 12 मई की रात फंदे पर लटकने से हुई थी। समर्थ का बयान है कि उसने ही त्विशा को फंदे से उतारा था, जबकि उसकी मां गिरिबाला ने फंदे की गांठ खोली थी। अब सीबीआई दोनों मां-बेटे को उनके घर ले जाकर पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन करने जा रही है। इसके लिए त्विशा के वजन के बराबर यानी 80 किलो का एक डमी पुतला इस्तेमाल किया जाएगा। Twisha Sharma Case : पति समर्थ सिंह 29 मई तक CBI रिमांड पर, सास की अग्रिम जमानत पर हाईकोर्ट में गरमाई बहस रिटायर्ड डीजीपी सुभाषचंद्र त्रिपाठी के अनुसार, वैज्ञानिक जांच के तहत उस बेल्ट की मजबूती का भी टेस्ट किया जाएगा, जिससे फंदा लगाने की बात कही जा रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह बेल्ट इतना वजन झेल भी सकती थी या नहीं। दोनों के बयानों में जहां भी अंतर मिलेगा, उन्हें आमने-सामने बिठाकर सच उगलवाया जाएगा। घटना के बाद पूर्व जज ने मैकेनिक से मांगे CCTV फुटेज जांच में यह बात भी सामने आई है कि 12 मई की रात घटना होने के ठीक अगली सुबह से ही पूर्व जज गिरिबाला अचानक बेहद सक्रिय हो गई थीं। उन्होंने 13 मई की सुबह 9 बजे, दोपहर 12 बजे और फिर 2 बजे सीसीटीवी इंस्टॉल करने वाले मैकेनिक विनोद कुमार वाणी को लगातार तीन बार फोन किया। उन्होंने मैकेनिक से कहा कि घर में कोई ‘एक्सीडेंट’ हो गया है, इसलिए उन्हें तुरंत फुटेज चाहिए। इसके बाद मैकेनिक ने अपने टेक्नीशियन रोहित विश्वकर्मा को मौके पर भेजा था। घटना से ठीक पहले के घटनाक्रम को जोड़ने के लिए सीबीआई ने उस ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों से भी बात की है, जहाँ 12 मई को त्विशा गई थीं। Twisha Death Case : सुप्रीम कोर्ट ने लगाई दोनों पक्षों के मीडिया बयानबाजी पर रोक, सास पर जांच बाधित करने का आरोप पार्लर स्टाफ ने बताया कि त्विशा दोपहर 3 बजे से शाम 6:15 बजे तक वहां थीं और उन्होंने रिलैक्स होने के लिए हेड ऑयल मसाज, पेडीक्योर और स्किन ट्रीटमेंट कराया था। फिलहाल 70% से ज्यादा के कंविक्शन सक्सेस रेट वाली सीबीआई टीम इस पूरे मामले के हर पहलू को वैज्ञानिक तरीके से खंगालने में जुटी है।