NEET Paper Fraud : मध्य प्रदेश। देशभर में आयोजित NEET-UG 2026 री-एग्जाम के बीच मध्य प्रदेश के इंदौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा से पहले कथित तौर पर NEET-UG का प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें परीक्षा का असली पेपर उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था। मामले का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।
सोशल मीडिया के जरिए छात्रों को बनाया निशाना
इंदौर पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान अक्षय मालवीय के रूप में हुई है। इंटरनेट मीडिया की निगरानी के दौरान उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों और उनके अभिभावकों तक पहुंच रहा था और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहा था।
मोबाइल जांच में मिला फर्जी प्रश्नपत्र
पुलिस द्वारा आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई तो उसमें एक पीडीएफ दस्तावेज मिला। जांच अधिकारियों के अनुसार इस दस्तावेज में NEET-UG 2026 से जुड़े प्रश्न मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि यह सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से तैयार की गई थी। पुलिस का कहना है कि इन दस्तावेजों को असली प्रश्नपत्र बताकर छात्रों को बेचा जा रहा था। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच जारी है।
200 रुपये में बेचे गए कथित फर्जी पेपर
पूछताछ के दौरान आरोपी ने 200 से अधिक छात्रों से संपर्क करने की बात स्वीकार की है। जांच के अनुसार उसने कई छात्रों को 200-200 रुपये लेकर कथित फर्जी प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए। पुलिस ने परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित न हो, इसलिए कार्रवाई को गोपनीय रखा। परीक्षा समाप्त होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
IT एक्ट और धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज
परीक्षा समाप्त होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों को आशंका है कि यह गतिविधि केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकती।
इसी कारण सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
खुद को कानून का छात्र बताता था आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को कानून का छात्र बताता था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने कितने छात्रों से संपर्क किया और कितनी राशि एकत्र की।
अधिकारियों का कहना है कि यदि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
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छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के नाम पर सामने आए इस मामले ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करना जरूरी है।
पुलिस ने भी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले भ्रामक दावों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित एजेंसियों को दें।