Aayudh

MP Road Construction Scam : मप्र में 55 करोड़ का डामर घोटाला उजागर! सड़क निर्माण में फर्जी बिलिंग पर ED का बड़ा एक्शन

ED Raid

MP Road Construction Scam : भोपाल। मध्य प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों से जुड़े एक बड़े कथित घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जांच के दौरान दावा किया है कि कुछ ठेकेदारों द्वारा सड़क निर्माण में नामी सरकारी तेल कंपनियों के डामर का उपयोग दिखाकर फर्जी बिल प्रस्तुत किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में लगभग 55 करोड़ रुपये के कथित फर्जी लेन-देन और बिलिंग का मामला सामने आया है। कार्रवाई के बाद प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सड़क निर्माण में फर्जी बिलिंग का आरोप ईडी के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि सड़क निर्माण परियोजनाओं में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों के नाम का उपयोग करते हुए कथित रूप से फर्जी बिल तैयार किए गए। आरोप है कि वास्तविक सामग्री की जगह अन्य स्रोतों से प्राप्त डामर का उपयोग किया गया, जबकि भुगतान प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम पर दर्शाया गया। जांच एजेंसी अब इस पूरे वित्तीय लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। Chhindwara Road Accident : सड़क पर बिखरी लाशें! छिंदवाड़ा में मजदूरों से भरी पिकअप की ट्रक से भीषण टक्कर रीवा और जबलपुर में ईडी की छापेमारी मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की शिकायत के बाद ईडी ने मामले की जांच शुरू की। इसी क्रम में रीवा और जबलपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने 23 लाख रुपये नकद जब्त किए। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 2.90 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है। सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल इस मामले के सामने आने के बाद सड़क निर्माण परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका असर न केवल सरकारी धन पर पड़ा होगा, बल्कि सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण जांच एजेंसियां तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं की गहराई से जांच कर रही हैं। Bhopal UCC Meeting : UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आज, धर्मगुरु- राजनीतिक दल और अफसर देंगे राय भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार सक्रिय है ED पिछले कुछ समय में ईडी ने मध्य प्रदेश में कई बड़े मामलों में कार्रवाई की है। विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्तियों पर भी एजेंसी ने कार्रवाई की है। हाल ही में लोक निर्माण विभाग, जनजातीय कार्य विभाग और आबकारी विभाग से जुड़े मामलों में भी जांच और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई सामने आई थी। इससे यह संकेत मिल रहा है कि एजेंसी आर्थिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए है। अन्य मामलों में भी हुई बड़ी कार्रवाई जांच एजेंसियों ने हाल के महीनों में कई आर्थिक अपराधों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। इनमें फर्जी दस्तावेज, कथित वित्तीय अनियमितताएं और संपत्ति संबंधी जांच शामिल हैं। इसी कड़ी में कुछ कंपनियों और उनके संचालकों के खिलाफ भी जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी वित्तीय गड़बड़ी के प्रमाण मिलेंगे, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। Bhopal PFI Module : संदिग्ध आतंकी ने उगला PFI का खतरनाक राज! ‘मिशन-2047’ पर कर रहे थे काम, ATS की जांच जारी जांच जारी, सामने आ सकते हैं और तथ्य ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसी वित्तीय लेन-देन, ठेकेदारों की भूमिका और संबंधित संस्थाओं के बीच हुए कारोबारी संबंधों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।

Chhindwara Road Accident : सड़क पर बिखरी लाशें! छिंदवाड़ा में मजदूरों से भरी पिकअप की ट्रक से भीषण टक्कर

Chhindwara Road Accident

Chhindwara Road Accident : मध्य प्रदेश। छिंदवाड़ा-बैतूल नेशनल हाईवे पर सोमवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मजदूरों से भरे एक पिकअप वाहन की सामने से आ रहे ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। दुर्घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना मिली, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में 5 मजदूरों की मौत छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. सुशील दुबे ने हादसे में पांच मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में एक व्यक्ति की पहचान मछेरा गांव निवासी के रूप में हुई है, जबकि अन्य चार मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन परिजनों से संपर्क कर मृतकों की शिनाख्त कराने में जुटा हुआ है। Booth Gaurav Diwas : MP में ‘बूथ गौरव दिवस’ मनाएगी BJP, धारा 370 हटाने और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में विशेष व्याख्यान 20 घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी हादसे में करीब 20 मजदूर घायल हुए हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की निगरानी कर रही है। कई घायलों को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उनका विशेष उपचार किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि घायलों को हर संभव चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गंभीर घायलों की हालत पर नजर अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, तीन घायलों का ऑपरेशन जारी है। वहीं एक गंभीर रूप से घायल मरीज की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल मरीजों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चिकित्सा दल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Bhopal UCC Meeting : UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आज, धर्मगुरु- राजनीतिक दल और अफसर देंगे राय राहत और बचाव कार्य में जुटा प्रशासन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। दुर्घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस और अन्य संसाधनों की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने कहा है कि सभी प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और हादसे के कारणों की भी जांच की जाएगी। हादसे के बाद मचा हड़कंप दुर्घटना की तस्वीरें बेहद भयावह बताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए यातायात को सामान्य कराया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।

Booth Gaurav Diwas : MP में ‘बूथ गौरव दिवस’ मनाएगी BJP, धारा 370 हटाने और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति में विशेष व्याख्यान

BJP Candidate List

Booth Gaurav Diwas : भोपाल। मध्य प्रदेश में बीजेपी 23 जून से 6 जुलाई 2026 तक व्यापक जनसंपर्क और वैचारिक कार्यक्रमों का आयोजन करने जा रही है। यह अभियान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जाएगा। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर पूरे प्रदेश में बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कई कार्यक्रम आयोजित होंगे। पार्टी का उद्देश्य कार्यकर्ताओं और आम लोगों तक डॉ. मुखर्जी के विचारों तथा संगठन की विचारधारा को पहुंचाना है। बूथ गौरव दिवस के रूप में मनाया जाएगा अभियान भाजपा इस विशेष पखवाड़े को प्रदेशभर में “बूथ गौरव दिवस” के रूप में मनाएगी। 23 जून को डॉ. मुखर्जी के बलिदान दिवस और 6 जुलाई को उनकी जयंती के अवसर पर बूथ स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में बूथ समिति के सदस्य, पार्टी के प्राथमिक सदस्य और स्थानीय नागरिक शामिल होंगे। बूथ अध्यक्षों के निवास या निर्धारित स्थानों पर पुष्पांजलि कार्यक्रम, विचार गोष्ठियां और संबोधन आयोजित किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाना है। Bhopal UCC Meeting : UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आज, धर्मगुरु- राजनीतिक दल और अफसर देंगे राय धारा 370 और राष्ट्र प्रथम पर रहेगा विशेष फोकस इस अभियान का प्रमुख विषय जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और राष्ट्र प्रथम की अवधारणा को लेकर रहेगा। भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बताया जाएगा कि धारा 370 हटाने के फैसले का क्या महत्व रहा है। इसके साथ ही डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अखंड भारत के विचार और उनके राजनीतिक योगदान पर भी विशेष चर्चा की जाएगी। प्रदेशभर में आयोजित होने वाले व्याख्यानों में इन विषयों को प्रमुखता से रखा जाएगा। जिला कार्यकर्ता सम्मेलनों में होंगे विशेष व्याख्यान राज्य के सभी जिलों में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में अलग-अलग विषयों पर विशेषज्ञ और प्रबुद्ध वक्ता संबोधित करेंगे। कार्यक्रमों में डॉ. मुखर्जी के सामाजिक योगदान, केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्य और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी। पार्टी का मानना है कि इन आयोजनों से कार्यकर्ताओं को संगठन के इतिहास और विचारधारा को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। Bhopal PFI Module : संदिग्ध आतंकी ने उगला PFI का खतरनाक राज! ‘मिशन-2047’ पर कर रहे थे काम, ATS की जांच जारी अभियान के लिए बनाई जाएंगी विशेष टोलियां पूरे अभियान के सफल संचालन के लिए प्रदेश, जिला और मंडल स्तर पर विशेष टोलियों का गठन किया जाएगा। प्रदेश स्तर पर पांच सदस्यीय, जिला स्तर पर चार सदस्यीय और मंडल स्तर पर तीन सदस्यीय समितियां बनाई जाएंगी। इन समितियों की जिम्मेदारी कार्यक्रमों के संचालन, समन्वय और निगरानी की होगी। इसके अलावा प्रदेश और जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें अभियान की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। छात्रों और युवाओं तक पहुंचने की तैयारी भाजयुमो को इस अभियान में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों के बाहर छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को संगठन के विचारों और डॉ. मुखर्जी के योगदान से परिचित कराना है। पार्टी का मानना है कि युवाओं की भागीदारी से अभियान को और अधिक व्यापक बनाया जा सकेगा। Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी वृक्षारोपण और नामकरण कार्यक्रम भी होंगे इस विशेष पखवाड़े के दौरान पर्यावरण संरक्षण को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है। प्रदेशभर में बूथ स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही कई शहरों में प्रमुख मार्गों, उद्यानों या चौराहों का नामकरण डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की योजना है। कई स्थानों पर उनकी प्रतिमा या चित्र का अनावरण भी किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इससे नई पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी मिलेगी। संगठन विस्तार और जनसंपर्क पर रहेगा जोर भाजपा का यह अभियान केवल स्मरण कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे संगठन विस्तार और जनसंपर्क के बड़े अभियान के रूप में भी देखा जा रहा है। बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और जनता तक विचारधारा पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आने वाले दिनों में प्रदेशभर में इसकी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।

Bhopal UCC Meeting : UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की अहम बैठक आज, धर्मगुरु- राजनीतिक दल और अफसर देंगे राय

UCC in MP

Bhopal UCC Meeting : भोपाल। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लागू करने की दिशा में सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजधानी भोपाल में UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की कई अहम बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति दिनभर विभिन्न वर्गों, राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद UCC के मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। नरोन्हा अकादमी में दिनभर चलेगा मंथन भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी में सुबह से शाम तक बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा। समिति अलग-अलग वर्गों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करेगी। इस दौरान महिला आयोग, बाल आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग और अल्पसंख्यक आयोग के प्रतिनिधि भी अपने विचार रखेंगे। समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानून का मसौदा तैयार करते समय समाज के हर वर्ग की राय को महत्व दिया जाए और किसी भी समुदाय की चिंताओं को नजरअंदाज न किया जाए। Bhopal PFI Module : संदिग्ध आतंकी ने उगला PFI का खतरनाक राज! ‘मिशन-2047’ पर कर रहे थे काम, ATS की जांच जारी राजनीतिक दलों और धर्मगुरुओं से ली जाएगी राय बैठक के दौरान दोपहर में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की जाएगी। इसके बाद शाम के सत्र में धर्मगुरुओं और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद होगा। समिति का मानना है कि UCC जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक सहमति और सुझाव बेहद जरूरी हैं। इसी वजह से समाज के अलग-अलग वर्गों को इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है ताकि एक संतुलित और व्यावहारिक मसौदा तैयार किया जा सके। विभागों के सुझावों पर भी रहेगा फोकस समिति ने राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया है। गृह विभाग कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक प्रभावों को लेकर प्रस्तुतीकरण देगा। वहीं महिला एवं बाल विकास समेत अन्य विभाग अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव समिति के सामने रखेंगे। अधिकारियों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर मसौदे के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की जाएगी। इससे कानून को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने में मदद मिलेगी। Iran-US Ceasefire Update : ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी अधिकारी बातचीत छोड़ निकले, फोटो सेशन से किया इनकार लाखों सुझावों के आधार पर तैयार हो रहा मसौदा जानकारी के अनुसार, UCC को लेकर समिति को ऑनलाइन माध्यम, जनसुनवाई और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए करीब दो से ढाई लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इन सुझावों का अध्ययन करने के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। समिति का प्रयास है कि सभी वर्गों के हितों की रक्षा हो और कानून समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जाए। यही वजह है कि अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। कैबिनेट मंजूरी के बाद विधानसभा में पहुंचेगा प्रस्ताव समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके बाद मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति रिपोर्ट का परीक्षण करेगी। वहां से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। यदि कैबिनेट से स्वीकृति मिलती है तो UCC विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। Ram Statue Controversy : ढाका में सड़कों पर उतरे हजारों हिंदू! गूंजे ‘जय श्री राम’ के नारे; सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम जनपरामर्श प्रक्रिया अंतिम चरण में प्रदेश सरकार लंबे समय से UCC को लेकर जनपरामर्श की प्रक्रिया चला रही है। इस दौरान आम नागरिकों, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक नेताओं की राय ली गई है। सोमवार को होने वाली बैठक को इस पूरी प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण और अंतिम चरण माना जा रहा है। बैठक से मिले सुझाव भविष्य में तैयार होने वाले विधेयक की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Bhopal PFI Module : संदिग्ध आतंकी ने उगला PFI का खतरनाक राज! ‘मिशन-2047’ पर कर रहे थे काम, ATS की जांच जारी

Bhopal PFI Module

Bhopal PFI Module : मध्य प्रदेश। भोपाल में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा पकड़े गए कथित आतंकी मॉड्यूल की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस रिमांड पर चल रहे आरोपियों से पूछताछ के दौरान एजेंसी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर एक ऐसे नेटवर्क के बारे में जानकारी दी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को जोड़ना और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रभावित करना था। फिलहाल ATS पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। ‘मिशन 2047’ को लेकर जांच एजेंसियों का दावा ATS के मुताबिक पूछताछ में आरोपी इजहार उल हक ने कथित तौर पर बताया कि कुछ लोग ‘मिशन 2047’ नामक एजेंडे के तहत काम कर रहे थे। जांच एजेंसी का दावा है कि इस कथित योजना का मकसद देश में एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देना था। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सामने आई जानकारियों की पुष्टि के लिए डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित अभियान का दायरा कितना बड़ा था और किन-किन क्षेत्रों तक इसकी पहुंच थी। Iran-US Ceasefire Update : ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी अधिकारी बातचीत छोड़ निकले, फोटो सेशन से किया इनकार युवाओं को प्रभावित करने का आरोप पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपियों पर युवाओं को प्रभावित कर संगठन से जोड़ने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स और निजी बैठकों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाई जाती थी। ATS का दावा है कि विशेष रूप से कम उम्र और अविवाहित युवकों को निशाना बनाया जाता था। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि इन गतिविधियों में कितने लोग सक्रिय रूप से शामिल थे और उनका काम करने का तरीका क्या था। मॉड्यूल में कथित भूमिकाओं का खुलासा जांच के दौरान एजेंसी ने आरोपियों की संभावित भूमिकाओं को लेकर भी जानकारी जुटाई है। ATS के अनुसार, मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्ला पर सोशल मीडिया के माध्यम से नए लोगों को जोड़ने का आरोप है। वहीं नईम अब्दुल्ला पर संपर्कों की श्रृंखला को आगे बढ़ाने और कथित विदेशी संपर्कों से परिचय कराने का आरोप लगाया गया है। इजहार उल हक और शाकिर मेव के बारे में जांच एजेंसी का कहना है कि वे कथित तौर पर बैठकों और भाषणों के जरिए युवाओं को प्रभावित करने का काम करते थे। Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी पाकिस्तान से जुड़े संपर्कों की जांच ATS के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने टेलीग्राम और वॉट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से भारत और पाकिस्तान में मौजूद कुछ लोगों से संपर्क होने की बात स्वीकार की है। जांच एजेंसियां अब इन डिजिटल नेटवर्क्स की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और सोशल मीडिया अकाउंट्स से कई अहम सुराग मिल सकते हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पासपोर्ट और विदेश यात्रा की योजना का दावा जांच एजेंसी का दावा है कि कथित हैंडलर्स ने एक आरोपी को पासपोर्ट बनवाने के निर्देश दिए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसे किसी अन्य देश के रास्ते पाकिस्तान भेजने और वहां प्रशिक्षण देने का भरोसा दिलाया गया था। हालांकि इन दावों की पुष्टि के लिए एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच भी जारी है। Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र ATS की कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन ATS ने 12 जून 2026 को भोपाल के काजी कैंप क्षेत्र से मोहम्मद फराज को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश से नईम अब्दुल्ला और राजस्थान से शाकिर मेव को हिरासत में लिया गया। बाद में बिहार के मधुबनी निवासी इजहार उल हक की गिरफ्तारी हुई। फिलहाल तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इजहार से रिमांड पर पूछताछ जारी है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। कई सवालों के जवाब बाकी ATS अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है। एजेंसी डिजिटल साक्ष्य, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित संपर्कों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और उद्देश्य को समझने में जुटी हुई हैं।

Iran-US Ceasefire Update : ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी अधिकारी बातचीत छोड़ निकले, फोटो सेशन से किया इनकार

US Iran Ceasefire

Iran-US Ceasefire Update : वांशिगटन डीसी। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम वार्ता के दौरान रविवार को तनाव बढ़ गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों से नाराज होकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कुछ समय के लिए बातचीत रोक दी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि दोनों पक्ष अब भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल हैं। इस बीच दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर एक व्यापक शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है। ट्रम्प के बयान के बाद बढ़ा विवाद ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, वार्ता शुरू होने से पहले ट्रम्प ने ईरान से लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह पर प्रभाव डालने की मांग की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई कर सकता है। इसी वजह से ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने नाराजगी जताई और निर्धारित संयुक्त फोटो सत्र तथा औपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेने से इनकार कर दिया। बाद में ईरानी प्रतिनिधियों ने कतर के मध्यस्थों के साथ अलग बैठक भी की। Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी वार्ता के दूसरे दिन भी जारी रही बातचीत तनाव के बावजूद स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दिन शुरू हो गया। पहले दिन दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच लगभग 80 मिनट तक चर्चा हुई। बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलना है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जेडी वेंस ने जताई सकारात्मक उम्मीद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति हुई है। वेंस के अनुसार, अमेरिका और ईरान यदि सहयोग के साथ आगे बढ़ते हैं तो पश्चिम एशिया में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका क्षेत्र में लंबे समय की शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। Greenfield Corridor : इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, 2935 करोड़ की परियोजना से बदलेगी मालवा की कनेक्टिविटी 60 दिन में समझौते की तैयारी अमेरिका और ईरान ने अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में काम करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए विशेषज्ञ स्तर की बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषयों पर अलग-अलग टीमें विस्तार से चर्चा करेंगी। वार्ता की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई जाएगी। तेल बाजार पर दिखा असर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में राहत देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता आगे बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। इससे ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है। President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल नेतन्याहू का बड़ा बयान इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना तब तक मौजूद रहेगी जब तक सुरक्षा की आवश्यकता महसूस होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर उनकी और ट्रम्प की राय अलग हो सकती है, लेकिन दोनों देशों के संबंध मजबूत बने हुए हैं। नेतन्याहू ने क्षेत्रीय सुरक्षा को इजराइल की प्राथमिकता बताया। मध्य पूर्व दौरे पर जाएंगे मार्को रूबियो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 23 जून से संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा के दौरान अमेरिका-ईरान वार्ता, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है। Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र आगे क्या होगा? विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वार्ता मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि बयानबाजी और क्षेत्रीय तनाव अभी भी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन दोनों देशों द्वारा बातचीत जारी रखना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तकनीकी और राजनीतिक स्तर की चर्चाएं इस प्रक्रिया की दिशा तय करेंगी।