MP Rain Alert : भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने आखिरकार पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। 24 जून को नौ दिन की देरी से प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून अब उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच चुका है। केवल नौ दिनों के भीतर मानसून ने पूरे राज्य को कवर कर लिया। हालांकि, अब भी 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और देवास सबसे अधिक बारिश वाले जिलों में शामिल हैं। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए कई जिलों में रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
उज्जैन और पांढुर्णा में बारिश बनी आफत
भारी बारिश के कारण उज्जैन और पांढुर्णा में कई घटनाएं सामने आई हैं। उज्जैन के गांवड़ी लोढ़ा गांव में सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार रात बाइक समेत खंती में बह गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
बाइक तो बरामद हो गई, लेकिन उनका अब तक कोई पता नहीं चल सका है और तलाश जारी है। वहीं, जगोटी गांव में तेज बहाव के बीच पुलिया पार करने की कोशिश कर रहे केशु आंजना भी बाइक सहित पानी में बह गए। उन्होंने पेड़ की टहनियां पकड़कर अपनी जान बचाई, लेकिन मोटरसाइकिल तेज बहाव में बह गई।
दूसरी ओर पांढुर्णा में नदी किनारे बने पांच कच्चे मकान ढह गए। तेज बहाव में तीन बकरियां और घरेलू सामान बह गया। समय रहते परिवारों के सुरक्षित बाहर निकल आने से कोई जनहानि नहीं हुई।
कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा जिले के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान इन इलाकों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
बारिश से जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के कई शहरों में दिखाई दे रहा है। भोपाल सहित 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। बालाघाट के कई वार्डों में जलभराव होने से घरों में पानी घुस गया। प्रशासन पानी की निकासी के लिए राहत कार्य में जुटा है।
ग्वालियर में सुबह हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। रतलाम में लगातार बारिश से खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया। मंदसौर में बारिश के दौरान बिजली के तारों में फॉल्ट होने से आग लग गई, जिसका वीडियो भी सामने आया।
उज्जैन में शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए। खरगोन के कसरावद क्षेत्र में भी तेज बारिश के कारण सड़कें और खेत जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहली बार जारी हुआ सीजन का रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। विशेष रूप से अगले दो दिन रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जो इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।