Aayudh

Defence Deal Approved: 52 हजार करोड़ की मेगा डील को मंजूरी, तीनों सेनाओं को मिलेंगे हाईटेक हथियार!

Defence Deal Approved: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा खरीद परिषद (DAC) की बैठक में करीब 52 हजार करोड़ रुपये की रक्षा खरीद योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को आधुनिक मिसाइल सिस्टम, ड्रोन रोधी तकनीक, निगरानी उपकरण और कई अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां मिलेंगी, जिससे देश की सुरक्षा क्षमता और मजबूत होगी। ATS Action: ATS का बड़ा एक्शन! गुजरात और MP से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध गिरफ्तार, बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा सेना को मिलेंगे आधुनिक हथियार और एयर डिफेंस सिस्टम रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए ‘आकाश तरंग’ एंटी-ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मैन पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (MPATGM), मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (V-SHORADS), टैंकों के लिए एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और जेट आधारित कामिकेज ड्रोन सिस्टम की खरीद को मंजूरी दी है। इनसे सेना की मारक क्षमता और सुरक्षा दोनों में बड़ा इजाफा होगा। MP Lynching Case : ‘लिंचिंग मामले’ में फैसला सुनाने वाली जज तबस्सुम खान को धमकियां, HC ने सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश ड्रोन और टैंक हमलों से मिलेगी बेहतर सुरक्षा ‘आकाश तरंग’ दुश्मन के ड्रोन हमलों को रोकने में मदद करेगा, जबकि MPATGM दुश्मन के टैंक और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बनाने में सक्षम होगा। MRSAM और V-SHORADS जैसे एयर डिफेंस सिस्टम हवाई खतरों से सुरक्षा देंगे, वहीं एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम टैंकों को आधुनिक हमलों से बचाने का काम करेगा। नौसेना की समुद्री ताकत होगी और मजबूत भारतीय नौसेना के लिए मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM), नेवल शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम (NSUAS) और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम की जांच के लिए लैंड-बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी (LBTF) को मंजूरी मिली है। इन प्रणालियों से समुद्री निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों पर नजर और युद्ध संचालन की क्षमता पहले से बेहतर होगी। Anant Ambani at Bageshwar Dham: बालाजी के किए दर्शन, यज्ञ में दी आहुति; 11 कन्याओं का किया पूजन वायुसेना को मिलेगा हाईटेक निगरानी प्लेटफॉर्म भारतीय वायुसेना के लिए फिक्स्ड-विंग आधारित हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (FW-HAPS) समेत अन्य आधुनिक प्रणालियों की खरीद को मंजूरी दी गई है। यह सिस्टम लंबी अवधि तक निगरानी, इंटेलिजेंस, सर्विलांस, टोही, टेलीकम्युनिकेशन और रिमोट सेंसिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में मदद करेगा। स्वदेशी रक्षा प्रणाली पर सरकार का फोकस सरकार का कहना है कि इन रक्षा खरीद योजनाओं का उद्देश्य तीनों सेनाओं को आधुनिक और स्वदेशी तकनीक से लैस करना है। नई प्रणालियों के शामिल होने से सीमाओं की सुरक्षा, युद्ध की तैयारी और किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता पहले से कई गुना मजबूत होगी।

MP Lynching Case : ‘लिंचिंग मामले’ में फैसला सुनाने वाली जज तबस्सुम खान को धमकियां, HC ने सुरक्षा बढ़ाने के दिए निर्देश

MP Lynching Case

MP Lynching Case : जबलपुर। मध्य प्रदेश के चर्चित लिंचिंग मामले में दोषियों को सजा सुनाने के बाद संबंधित सत्र न्यायाधीश को कथित धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य पुलिस और गृह विभाग को न्यायाधीश की सुरक्षा बढ़ाने, धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पूरे मामले में उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने कहा- न्यायिक स्वतंत्रता से समझौता नहीं होगा मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले का संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति अवनिंद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न्यायिक स्वतंत्रता और न्यायिक अधिकारियों के निर्भीक कार्य निष्पादन में बाधा उत्पन्न करती हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता क्योंकि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP), अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव (गृह) और नर्मदापुरम के पुलिस अधीक्षक से मामले में अब तक की गई कार्रवाई पर जवाब मांगा है। सुरक्षा बढ़ाने और FIR दर्ज करने के निर्देश हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायाधीश को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अदालत ने अधिकारियों से यह भी पूछा है कि धमकी भरे संदेशों और पोस्ट के संबंध में अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जा रही है। क्या है पूरा लिंचिंग मामला यह मामला अगस्त 2022 का है। आरोपों के अनुसार, नर्मदापुरम जिले में शेख लाला नाजिर अहमद की भीड़ द्वारा कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उन पर गो-तस्करी का आरोप लगाया गया था। मामले की सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 12 जून को सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने निर्णय में कहा था कि मृतक पर अत्यंत क्रूर तरीके से हमला किया गया था। फैसले के बाद सोशल मीडिया पर न्यायाधीश के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकी भरे संदेश सामने आने लगे, जिसके बाद हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया। न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा पर विशेष जोर हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि न्यायिक अधिकारियों को निष्पक्ष और निर्भीक वातावरण में न्यायिक कार्य करने का अधिकार है। यदि किसी न्यायाधीश को उनके न्यायिक आदेश के कारण धमकाने या प्रभावित करने का प्रयास किया जाता है, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।

Karnataka Granite Mine Accident: MP के 5 मजदूरों समेत 7 की मौत! 40 फीट ऊंची चट्टान बनी काल,जानिए पूरी खबर

Karnataka Granite Mine Accident:  कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना स्थित ग्रेनाइट खदान में हुए दर्दनाक हादसे में मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के 5 मजदूरों समेत 7 श्रमिकों की मौत हो गई। 40 फीट ऊंचाई से विशाल चट्टान गिरने से कई मजदूर मलबे में दब गए, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के बाद कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। ATS Action: ATS का बड़ा एक्शन! गुजरात और MP से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध गिरफ्तार, बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा 40 फीट ऊंची चट्टान गिरने से हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त खदान में करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान ऊपरी हिस्से से अचानक विशाल ग्रेनाइट चट्टान नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूर दब गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर खड़ा ट्रैक्टर और लोडिंग वाहन भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। Dhruv Rathee Video Case: ध्रुव राठी के वीडियो पर हाई कोर्ट का बड़ा अपडेट, पहले जांच फिर होगा एक्शन! जानिए पूरी खबर MP के 5 मजदूरों की गई जान हादसे में अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र के रहने वाले भुवनेश्वर सिंह, राजेश प्रसाद चौधरी (28), राजपाल सिंह (35) और रामअवतार सिंह (31) की मौत हो गई। एक अन्य मृतक की पहचान की प्रक्रिया जारी है। सभी मजदूर रोजगार के लिए कर्नाटक में काम कर रहे थे। BAT-BMS App Blocked: मोबाइल से बंद हो रहे थे ई-रिक्शा! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा एक्शन! जानिए पूरा मामला 5 घायल, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद मलबे में दबे मजदूरों को बाहर निकाला गया। हादसे में 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, चार मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। ड्रिलिंग के दौरान खिसकी चट्टान सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खदान के ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान चट्टान खिसक गई, जो नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिर गई। फिलहाल हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। MP Biometric Attendance : CM मोहन यादव का बड़ा फैसला! बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य, देर से आने वाले अधिकारियों पर एक्शन जांच के आदेश, मुआवजे का ऐलान हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर और मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, खदान संचालक ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

MP Biometric Attendance : CM मोहन यादव का बड़ा फैसला! बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य, देर से आने वाले अधिकारियों पर एक्शन

CM Mohan Yadav on Biometric attendance

MP Biometric Attendance : भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर कार्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने मंत्रालय, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार ने कार्यालय का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया है और इसका सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्ती से पालन करना होगा। उन्होंने समय की पाबंदी को बेहतर प्रशासन और सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताया। देर से आने वालों पर होगी कार्रवाई मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यालय में आने और जाने का समय बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी बार-बार निर्धारित समय का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अनुशासन की शुरुआत वरिष्ठ अधिकारियों से होनी चाहिए और वे स्वयं समय की पाबंदी का पालन करते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित निगरानी करें। MP Fake Currency : कृषि सेवा केंद्र की आड़ में नकली नोटों का कारखाना! यूट्यूब से सीखकर छापे 500 के जाली नोट बड़े मंदिरों में होमगार्ड की नियुक्ति की तैयारी मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर अन्य प्रमुख मंदिरों में भी होमगार्ड के पद सृजित किए जाएं। इन होमगार्ड जवानों की नियुक्ति संबंधित मंदिर समितियों के व्यय से किए जाने की व्यवस्था तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा गृह विभाग को अग्निवीरों के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में आरक्षक पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया। धार्मिक स्थलों और विकास योजनाओं पर विशेष जोर मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए सती अनुसुईया मंदिर परिसर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी परिसर के निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार भी सहमत है और दोनों राज्यों के बीच जल्द बैठक आयोजित कर परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा मिले… RSS का पहला बयान इसके साथ ही अमरकंटक, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, अन्न क्षेत्र, सराय, पेयजल, अस्पताल और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। भेल की जमीन- एयरपोर्ट परियोजना पर निर्देश बैठक में मुख्यमंत्री ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) को आवंटित अनुपयोगी सरकारी भूमि वापस लेने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय करने को कहा। उन्होंने यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे से मुक्त हो चुके क्षेत्र में एक आधुनिक स्मारक विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। Amroha Case : निकाह, हलाला और तीन तलाक की आड़ में शोषण की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी इसके लिए गुजरात के भुज स्थित संग्रहालय का अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने रामवन गमन पथ, श्रीकृष्ण पाथेय परियोजना और उज्जैन में प्रस्तावित नए हवाई अड्डे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा।

ATS Action: ATS का बड़ा एक्शन! गुजरात और MP से जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध गिरफ्तार, बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा

ATS Action:  गुजरात एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें गुजरात के बनासकांठा, पाटन और नवसारी के साथ मध्य प्रदेश के देवास का एक आरोपी शामिल है। सभी के खिलाफ UAPA और BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। Dhruv Rathee Video Case: ध्रुव राठी के वीडियो पर हाई कोर्ट का बड़ा अपडेट, पहले जांच फिर होगा एक्शन! जानिए पूरी खबर गुजरात में सक्रिय नेटवर्क तैयार करने की थी तैयारी ATS के मुताबिक आरोपी गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का संगठित मॉड्यूल तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि ये नए लोगों की भर्ती, कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने और आतंकी गतिविधियों के लिए सपोर्ट नेटवर्क बनाने में जुटे थे। एजेंसी को शक है कि यह नेटवर्क गुजरात के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय होने की तैयारी कर रहा था। BAT-BMS App Blocked: मोबाइल से बंद हो रहे थे ई-रिक्शा! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा एक्शन! जानिए पूरा मामला मदरसों से जुड़े मिले कुछ आरोपी जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों में से तीन लोग सिद्धपुर और चिखली के मदरसों से जुड़े हुए थे। ATS अब इनके संपर्कों, गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है। UAPA के तहत दर्ज हुआ मामला गुजरात ATS ने सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA की धाराओं 13, 17, 18, 38 और 39 के Bhopal News: फायर सेफ्टी में बड़ी लापरवाही, 2 बड़े कोचिंग सेंटर हुए सील ! जानिए पूरा मामला साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 148 और 61 के तहत एफआईआर दर्ज की है। एजेंसी अब फंडिंग, डिजिटल रिकॉर्ड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है। इन 8 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार गुजरात ATS ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू उबैदा (19), इब्राहिम मोहम्मद हुसैन घाघा उर्फ अबू हमजा (30), मुदस्सिर अब्दुल्ला गाजीवाला उर्फ अबू अया (22), ज़कारिया दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा (21), मुफ्ती फौजान इस्माइल दौवा (40), मोहम्मद अमीन शेरा अमीन पालनपुरी (21), मोहम्मद अब्दुल रहमान सवदी उर्फ अबू उनीसा (22) और मध्य प्रदेश के देवास निवासी बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) शामिल हैं। जांच में जुटी ATS एटीएस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क को फंडिंग कहां से मिल रही थी, इसके तार किन लोगों से जुड़े थे और क्या देश के अन्य राज्यों में भी इसके सदस्य सक्रिय थे। एजेंसी का मानना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

MP Fake Currency : कृषि सेवा केंद्र की आड़ में नकली नोटों का कारखाना! यूट्यूब से सीखकर छापे 500 के जाली नोट

MP Fake Currency

MP Fake Currency : मध्य प्रदेश। आगर मालवा में पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कृषि सेवा केंद्र की आड़ में संचालित किए जा रहे इस अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 500 रुपये के 115 नकली नोट, रंगीन प्रिंटर, कटर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारी दबिश पुलिस के अनुसार, नलखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित एक कृषि सेवा केंद्र में नकली नोट तैयार किए जाने की सूचना मुखबिर के माध्यम से मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बस स्टैंड स्थित पवार कृषि सेवा केंद्र पर छापा मारा। मौके से नरेंद्र सिंह सौंधिया और शुभम सोलंकी को हिरासत में लिया गया। Sting Energy Drink : सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में Sting एनर्जी ड्रिंक बैन तलाशी के दौरान एक बैग से 500 रुपये के कुल 115 संदिग्ध नोट बरामद हुए, जिनकी कुल अंकित राशि 57 हजार 500 रुपये थी। प्रारंभिक जांच में इन नोटों के नकली होने के संकेत मिले, जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यूट्यूब देखकर सीखा नकली नोट बनाने का तरीका प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने इंटरनेट पर उपलब्ध वीडियो देखकर नकली नोट तैयार करने का तरीका सीखा। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर असली 500 रुपये के नोट को स्कैन करते थे और फिर रंगीन प्रिंटर से उसकी प्रतिलिपि निकालते थे। इसके बाद कटर की मदद से नोटों को असली आकार में काटकर तैयार किया जाता था। मौके से जब्त किए गए प्रिंटर, कटर और अन्य सामग्री को भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा मिले… RSS का पहला बयान एक जैसे सीरियल नंबर से खुली फर्जीवाड़े की पोल जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि बरामद कई नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था। इसी आधार पर नकली नोट होने की पुष्टि हुई। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए सभी नोटों और उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इन नकली नोटों का इस्तेमाल बाजार में किया गया था या इन्हें आगे खपाने की तैयारी चल रही थी। पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में केवल दो आरोपी शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। MP Conversion Case : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण! बेटे का खतना करवाने का बनाया दबाव अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि उन्हें संदिग्ध नकली नोट मिलते हैं तो तुरंत संबंधित थाने या पुलिस को सूचना दें।

Sting Energy Drink : सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में Sting एनर्जी ड्रिंक बैन

Sting Energy Drink Ban

Sting Energy Drink : बच्चों और किशोरों की सेहत को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में Sting एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। खाद्य मामलों के मंत्री नरहरी झिरवाल ने विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बच्चों में बढ़ते एनर्जी ड्रिंक के सेवन को नियंत्रित करना और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना है। सरकार ने बच्चों की सेहत को बताया प्राथमिकता राज्य सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बच्चों और युवाओं के बीच एनर्जी ड्रिंक का सेवन तेजी से बढ़ा है। विशेषज्ञों की सलाह और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास ऐसे उत्पादों की उपलब्धता सीमित करने का फैसला लिया गया है। RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा मिले… RSS का पहला बयान सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध लागू होने के बाद नियमों के पालन की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे ताकि स्कूल परिसरों के आसपास इस नियम का प्रभावी ढंग से पालन हो सके। FSSAI की सख्ती के बीच आया यह फैसला महाराष्ट्र सरकार का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने भी कई प्रमुख एनर्जी ड्रिंक ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। नियामक ने Red Bull, PepsiCo के Adrenaline Rush, Reliance के Campa Energy Gold Boost, Sting, Hell Energy और Monster Energy जैसे उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार संबंधी दावों पर सवाल उठाए हैं। FSSAI का कहना है कि इन उत्पादों को जिस तरह “एनर्जी ड्रिंक” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, उससे उपभोक्ताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। Sonam Raghuvanshi Bail : सोनम रघुवंशी की जमानत पर SC ने उठाए सवाल, फिर भी बेल राखी बरकरार ‘एनर्जी ड्रिंक’ की आधिकारिक श्रेणी नहीं FSSAI के अनुसार भारत में फिलहाल “एनर्जी ड्रिंक” नाम से कोई आधिकारिक खाद्य श्रेणी निर्धारित नहीं है। इसके बावजूद कई कंपनियां अपने उत्पादों को इसी नाम से बाजार में बेच रही हैं। नियामक ने “शरीर और दिमाग को ऊर्जा देता है”, “फोकस बढ़ाता है”, “कमजोरी दूर करता है” और “एनर्जी लेवल बढ़ाता है” जैसे प्रचार संबंधी दावों पर भी आपत्ति जताई है। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे दावों को वैज्ञानिक और कानूनी मानकों के अनुरूप साबित करना आवश्यक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी जताई चिंता स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से बच्चों और युवाओं में एनर्जी ड्रिंक के बढ़ते सेवन को लेकर चिंता व्यक्त करते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन पेयों में अक्सर कैफीन और चीनी की मात्रा अधिक होती है। इससे शरीर को स्थायी ऊर्जा नहीं मिलती, बल्कि कुछ समय के लिए थकान का एहसास कम हो सकता है। Amroha Case : निकाह, हलाला और तीन तलाक की आड़ में शोषण की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी लगातार या अधिक मात्रा में सेवन करने से नींद की समस्या, घबराहट, बेचैनी, हृदय संबंधी जोखिम और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ सकती है। इसी कारण विशेषज्ञ संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और स्वस्थ जीवनशैली को प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं।

Dhruv Rathee Video Case: ध्रुव राठी के वीडियो पर हाई कोर्ट का बड़ा अपडेट, पहले जांच फिर होगा एक्शन! जानिए पूरी खबर

Dhruv Rathee Video Case: यूट्यूबर ध्रुव राठी के एक विवादित वीडियो को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। भगवान राम, माता सीता और भगवान कृष्ण के मांसाहार से जुड़े कथित दावों वाले इस वीडियो को हटाने की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल वीडियो पर तत्काल रोक लगाने से इनकार करते हुए संबंधित प्राधिकरण को 15 दिन के भीतर शिकायत पर फैसला लेने का निर्देश दिया है। Anant Ambani at Bageshwar Dham: बालाजी के किए दर्शन, यज्ञ में दी आहुति; 11 कन्याओं का किया पूजन वीडियो हटाने की मांग लेकर पहुंचे याचिकाकर्ता याचिकाकर्ता ने अदालत में कहा कि वीडियो में किए गए दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका आरोप है कि इस तरह की सामग्री समाज में भ्रम और विवाद पैदा कर सकती है। इसलिए वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने और उचित कार्रवाई की मांग की गई। BAT-BMS App Blocked: मोबाइल से बंद हो रहे थे ई-रिक्शा! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा एक्शन! जानिए पूरा मामला हाई कोर्ट ने तत्काल रोक लगाने से किया इनकार सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने वीडियो को तुरंत हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि पहले इस मामले में तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाए और सक्षम प्राधिकरण शिकायत की जांच कर अपना फैसला दे। Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा शुरू, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को लिखा पत्र, 5 संकल्प लेने की अपील! जानिए पूरी खबर 15 दिन में शिकायत पर होगा फैसला कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वह शिकायत और वीडियो की सामग्री की जांच कर 15 दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके बाद ही यह तय होगा कि वीडियो पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी। वीडियो की सामग्री पर कोर्ट ने नहीं की कोई टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ किया कि उसने फिलहाल वीडियो में किए गए दावों की सत्यता या गलत होने पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अदालत ने कहा कि पहले संबंधित प्राधिकरण कानून के तहत शिकायत की जांच पूरी करे, उसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।

RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : राम मंदिर चढ़ावा चोरी के दोषियों को सजा मिले… RSS का पहला बयान

RSS on Ram Mandir Chadhava Chori

RSS on Ram Mandir Chadhava Chori : नई दिल्ली। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस घटना से करोड़ों राम भक्तों की आस्था और भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। संघ ने यह भी कहा कि मंदिर की व्यवस्था और वित्तीय प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। राम मंदिर को बताया करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र दत्तात्रेय होसबाले ने अपने बयान में कहा कि अयोध्या में निर्मित भव्य राम मंदिर कई पीढ़ियों के संघर्ष, समर्पण, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। Amroha Case : निकाह, हलाला और तीन तलाक की आड़ में शोषण की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी ऐसे में मंदिर के दान पात्रों से जुड़ी चोरी जैसी घटना स्वाभाविक रूप से समाज की भावनाओं को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए। दोषियों को सजा देने की मांग संघ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने का स्वागत किया। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के अनुसार कठोर सजा मिलेगी। संघ का मानना है कि इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी। मंदिर प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता पर जोर अपने बयान में संघ ने कहा कि वर्तमान समय में इस घटना को लेकर लोगों के बीच कई तरह के सवाल और भ्रम हैं। ऐसे में मंदिर प्रबंधन और जांच एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएं। Sonam Raghuvanshi Bail : सोनम रघुवंशी की जमानत पर SC ने उठाए सवाल, फिर भी बेल राखी बरकरार संघ ने कहा कि यदि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे, प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत हो और धार्मिक गरिमा बनाए रखी जाए, तो श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर श्रद्धालुओं का भरोसा और अधिक मजबूत होगा। साथ ही, मंदिर की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में आवश्यक सुधार भी किए जाने चाहिए। क्या है चढ़ावा चोरी का मामला हाल ही में राम मंदिर के दान पात्रों से कथित रूप से चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। जांच के दौरान मंदिर की व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की कथित संलिप्तता सामने आने का दावा किया गया। इस मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दान राशि की गिनती से जुड़े कुछ लोग भी शामिल बताए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।   राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य : (नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026) श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और… pic.twitter.com/5T72nmx87T — RSS (@RSSorg) July 3, 2026

Amroha Case : निकाह, हलाला और तीन तलाक की आड़ में शोषण की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणी

Allahabad High Court on Amroha Case

Amroha Case : उत्तर प्रदेश। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निकाह, हलाला और तीन तलाक से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक या व्यक्तिगत प्रथा की आड़ में महिलाओं के यौन शोषण की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि यदि किसी मामले में आपराधिक कृत्य के आरोप हैं, तो उन्हें केवल व्यक्तिगत कानून का हवाला देकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में कानून और संविधान के सिद्धांत सर्वोपरि हैं। अदालत ने संबंधित आरोपियों की याचिकाएं खारिज करते हुए मामले की जांच जारी रखने के निर्देश दिए। Lokayukta Action : नापतौल विभाग में 4 लाख रिश्वत मांगने का आरोप, 1 लाख लेते रिटायर्ड निरीक्षक गिरफ्तार हाईकोर्ट ने क्या कहा न्यायमूर्ति जे. जे. मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि महिलाओं की गरिमा, समानता और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ जाने वाले किसी भी कृत्य को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि किसी प्रथा का इस्तेमाल कथित रूप से महिलाओं के शोषण के लिए किया जाता है, तो वह कानून के दायरे में जांच और कार्रवाई का विषय बनेगा। न्यायालय ने कहा कि व्यक्तिगत कानून अपराध से संरक्षण का माध्यम नहीं बन सकते और यदि गंभीर आपराधिक आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। Sonam Raghuvanshi Bail : सोनम रघुवंशी की जमानत पर SC ने उठाए सवाल, फिर भी बेल राखी बरकरार क्या है पूरा मामला यह मामला उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सैदनागली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि कम उम्र में उसका निकाह कराया गया और बाद में तीन तलाक, हलाला तथा दोबारा निकाह की प्रक्रिया के दौरान उसके साथ लगातार यौन शोषण किया गया। मामले में पूर्व पति, एक रिश्तेदार, मौलाना सहित कई लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। आरोपियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। FIR रद्द करने से अदालत का इनकार हाईकोर्ट ने कहा कि इस चरण में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर एफआईआर रद्द करने का कोई उचित आधार नहीं बनता। अदालत के अनुसार, प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता है। MP Conversion Case : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और जबरन धर्मांतरण! बेटे का खतना करवाने का बनाया दबाव न्यायालय ने कहा कि जांच एजेंसी को स्वतंत्र रूप से तथ्यों की पड़ताल करने का अवसर मिलना चाहिए और प्रारंभिक स्तर पर न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। अदालत ने यह भी कहा कि विवेचना पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों का समुचित मूल्यांकन किया जा सकेगा। नाबालिग से जुड़े आरोपों को बताया गंभीर अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड से यह संकेत मिलता है कि कथित घटनाएं उस समय की हैं जब पीड़िता नाबालिग थी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि मामले में सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों की भी जांच आवश्यक है। MP Rain Alert : शिप्रा घाट पर मंदिर पानी में डूबे! बाइक समेत खंती में बहा पंचायत सचिव, खंडवा-हरदा में बारिश का रेड अलर्ट न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आपराधिक कानून के मामलों में व्यक्तिगत कानून का हवाला देकर जांच या कानूनी प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता, जब तक कि कानून स्वयं ऐसी विशेष छूट न देता हो, इसलिए मामले की विवेचना नियमानुसार जारी रहेगी।