MP Census Duty : मध्य प्रदेश। छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुभाग से प्रशासनिक लापरवाही का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जनगणना कार्य के लिए जारी सूची में ऐसे शिक्षक का नाम शामिल कर ड्यूटी लगा दी गई, जिनका करीब दो साल पहले निधन हो चुका था। इस घटना ने विभागीय कामकाज और रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
2023 में हो गया था निधन, फिर भी लगा दी ड्यूटी
जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षक हरिश्चंद्र जैन का निधन 15 अप्रैल 2023 को हो गया था। इसके बावजूद हाल ही में मकान सूचीकरण और जनगणना प्रशिक्षण के लिए जारी सूची में उनका नाम शामिल कर जिम्मेदारी सौंप दी गई। इससे साफ है कि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए गए और अधिकारियों को यह तक पता नहीं था कि शिक्षक अब जीवित नहीं हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल
किसी मृत कर्मचारी के नाम पर ड्यूटी लगना सिर्फ एक तकनीकी गलती नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की बड़ी खामी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रिकॉर्ड अपडेट नहीं होंगे, तो जनगणना जैसे बड़े कामों की विश्वसनीयता भी प्रभावित होगी।
अधिकारियों ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब
जब मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो अखिल राठौर और आदित्य सोनकिया की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। आरोप है कि अधिकारियों ने मामले से दूरी बनाने की कोशिश की।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि इस मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
सिस्टम पर बड़ा सवाल
यह मामला दिखाता है कि सरकारी विभागों में डेटा अपडेट और मानव संसाधन प्रबंधन की प्रक्रिया कितनी कमजोर है। अगर मृत कर्मचारियों के नाम तक सूची से नहीं हट रहे, तो बाकी प्रशासनिक कार्यों की स्थिति क्या होगी- यह बड़ा सवाल बन गया है।