no-confidence Motion : नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान सियासी माहौल गर्म हो गया है। बीजेपी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अपने सभी सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इस व्हिप में पार्टी के लोकसभा सांसदों को 11 मार्च को पूरे दिन सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और सरकार के पक्ष में मजबूती से समर्थन करने का निर्देश दिया गया है।
बीजेपी संसदीय दल के मुख्य व्हिप संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) द्वारा जारी इस निर्देश में कहा गया है कि बुधवार को लोकसभा में कई अत्यंत महत्वपूर्ण विधायी कार्य होने वाले हैं। ऐसे में सभी सांसदों की उपस्थिति जरूरी है ताकि सदन में पार्टी का पक्ष मजबूत तरीके से रखा जा सके।
सुबह से ही सदन में मौजूद रहने का निर्देश
तीन लाइन व्हिप में साफ तौर पर कहा गया है कि सांसदों की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें पूरे समय सदन में रहकर सरकार के रुख का सक्रिय समर्थन करना होगा।
संसदीय नियमों के अनुसार व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसदों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। पार्टी नेतृत्व ने अपने सभी सांसदों को सुबह से ही सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि विपक्ष की किसी भी रणनीति का जवाब दिया जा सके।

विपक्ष ने लगाए पक्षपात के आरोप
लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्षी दलों- जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और राष्ट्रीय जनता दल समेत इंडिया गठबंधन के कई दलों – ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है।
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विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ने सदन की कार्यवाही के दौरान पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया और विपक्षी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर करीब 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं और इस पर लगभग 10 घंटे तक चर्चा निर्धारित की गई है।
बुधवार को हो सकती है वोटिंग
संसद में फिलहाल जारी चर्चा को देखते हुए मंगलवार को सीमित समय में करीब साढ़े चार घंटे ही बहस हो सकती है। ऐसे में संभावना है कि सरकार बुधवार को चर्चा का जवाब दे और उसी दिन इस प्रस्ताव पर मतदान कराया जाए।
इसी संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने सांसदों को पहले से सतर्क रहने और पूरे दिन सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। इससे स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज हो सकता है।