Bhopal Conversion Update : मध्य प्रदेश। भोपाल के बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में दर्ज धर्मांतरण और शोषण से जुड़े मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। मामले की मुख्य आरोपी बहनें अमरीन और आफरीन फिलहाल जेल में हैं, जबकि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि दोनों बहनें करीब 20 साल पहले अपने परिवार के साथ लखनऊ से भोपाल आई थीं।
पुलिस के अनुसार उनका परिवार एक ईरानी कबीले से जुड़ा बताया जा रहा है। भोपाल आने के बाद उनके पिता ने टेलर की दुकान में काम करके परिवार का गुजारा किया। वर्ष 2020 में कोरोना काल के दौरान पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी दोनों बहनों पर आ गई। इसके बाद उन्होंने काम की तलाश शुरू की।
स्पा सेंटर से शुरू हुआ संपर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि बड़ी बहन अमरीन ने पहले नर्मदापुरम के एक स्पा सेंटर में काम किया। बाद में उसने अपनी छोटी बहन आफरीन को भी इसी क्षेत्र में काम दिलाया। इसी दौरान दोनों कई हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्क में आईं। आरोप है कि बाद में वे खुद अवैध गतिविधियों में शामिल हो गईं और अन्य लड़कियों को भी इसमें धकेलने लगीं।
एफआईआर दर्ज कराने वाली दो पीड़िताओं ने पुलिस को बताया है कि आरोपी बहनें पहले लड़कियों को बच्चा संभालने या घरेलू काम के नाम पर नौकरी देती थीं।
इसके बाद उन्हें घुमाने-फिराने और पार्टियों में ले जाने के बहाने अपने संपर्कों से मिलवाया जाता था। आरोप है कि मौके का फायदा उठाकर कुछ लोग उनके साथ दुष्कर्म करते थे और शिकायत करने पर बदनामी का डर दिखाया जाता था।
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अहमदाबाद भेजने का आरोप
पीड़िताओं के मुताबिक बाद में उन्हें काम के बहाने अहमदाबाद भेजा जाता था, जहां यासिर नाम के व्यक्ति के पास ले जाकर स्पा में नौकरी दिलाने के नाम पर गलत काम करने का दबाव बनाया जाता था। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने अमरीन, आफरीन और चंदन यादव उर्फ प्रिंस को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
हालांकि मामले के तीन अन्य आरोपी- यासिर, बिलाल और चानू उर्फ हाशिम रजा- अभी फरार हैं। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में अलग-अलग शहरों में दबिश दे रही हैं। पुलिस को जानकारी मिली है कि बिलाल संभवतः मुंबई में छिपा हुआ है।
मोबाइल फोन से मिल सकते हैं अहम सुराग
जांच के दौरान अमरीन और चंदन के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस को अमरीन के मोबाइल में कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और कुछ युवतियों के फोटो भी मिले हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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इंस्टाग्राम से हुई पहचान, फिर खुला राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 22 फरवरी की रात भोपाल और छत्तीसगढ़ की रहने वाली दो युवतियां बागसेवनिया थाने पहुंचीं और अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई। दोनों की पहचान पहले इंस्टाग्राम चैट के जरिए हुई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 फरवरी को तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।