जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या 23 पहुंची, सागर में 14 अरेस्ट; डिप्टी CM बोले- किसी को नहीं बख्शेंगे
पुलिस के अनुसार मामले में कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

MP News: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से मरने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 पहुंच गई है। वहीं घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसते हुए 30 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। मामले में पुलिस ने 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं पूरे मामले पर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा का कहना है कि इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे सजा जरूर मिलेगी। चाहें कोई बड़ा सा बड़ा व्यक्ति हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सभी मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान सुमेर सिंह दांगी(47), गोविंद सिंह(62), गोलू लोधी(45), उजियार सिंह(56), दिग्विजय लोधी(28), कम्मू(50), करतार सिंह(30), रामप्रसाद सिंह लोधी, राजेंद्र लोधी(32), रोशन लोधी(30), हरनाम राय(42), सचिन(25), कुलदीप दांगी(20), राजकुमार लोधी(47), सुरेंद्र अहिरवार(35), उत्तम नत्थू नायक(42), महेश रावत(55), कृष्ण कुमार लोधी, श्याम बाई अहिरवार(50), भगवान सिंह(35), देश कुमार लोधी, गोपाल आदिवासी (40) और कैलाश लोधी के रूप में हुई है।
30 आरोपियों पर केस, 14 गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार मामले में कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अवैध शराब की आपूर्ति और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में शराब के नेटवर्क के दूसरे लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
प्रारंभिक जांच में नकली या मिलावटी शराब की आशंका सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में शराब के तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर क्षेत्र से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। हालांकि पूरे नेटवर्क और शराब में मौजूद जहरीले पदार्थ की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
डिप्टी CM का सख्त संदेश
मामले को लेकर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी सीएम ने कहा है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता सामने आने पर कार्रवाई होगी। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए निगरानी और कार्रवाई को और मजबूत किया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। घटना के बाद अवैध शराब के संभावित ठिकानों पर दबिश और जांच का सिलसिला जारी है।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख की सहायता
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की स्वीकृति दी है। वहीं अस्पतालों में भर्ती मरीजों के उपचार की व्यवस्था पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अवैध शराब के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने और उसकी सप्लाई चेन को तोड़ने की है। प्रशासन प्रभावित गांवों में निगरानी बढ़ा रहा है, जबकि पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर शराब की खरीद-बिक्री और वितरण से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
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