सागर में शराबकांड पर उमा भारती के तीखे तेवर, जनप्रतिनिधियों पर उठाए गंभीर सवाल
उमा भारती ने पूछा कि यदि किसी इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, तो पंचायत सदस्य, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत के पदाधिकारी, पार्षद, विधायक और सांसद आखिर क्या कर रहे थे?
.avif)
MP News: पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सोमवार को उज्जैन पहुंचीं और श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद उन्होंने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों, महाकाल मंदिर में नागपंचमी के दौरान हुई अव्यवस्था और हालिया जेन-जी प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी समेत कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
सागर शराब कांड पर जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल
सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर उमा भारती ने सीधे तौर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि यदि किसी इलाके में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, तो पंचायत सदस्य, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत के पदाधिकारी, पार्षद, विधायक और सांसद आखिर क्या कर रहे थे?
उमा भारती ने सवाल उठाया कि क्या जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में चल रही ऐसी गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का अपने क्षेत्र के प्रति भी एक धर्म और कर्तव्य होता है और उन्हें अपने इलाके में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना भी की। उमा भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री शराबबंदी की दिशा में अच्छा काम कर रहे हैं।
नागपंचमी पर महाकाल मंदिर की भीड़ व्यवस्था पर चिंता
उमा भारती ने 17 अगस्त को नागपंचमी के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ और उससे पैदा हुई अव्यवस्था पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे दुखद घटना बताते हुए कहा कि प्रशासन और पुलिस की भी अपनी एक क्षमता होती है। जब श्रद्धालुओं की संख्या व्यवस्था की क्षमता से बहुत अधिक हो जाती है, तब हालात को संभालना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि हर धार्मिक अवसर पर मंदिर पहुंचकर ही पूजा करना जरूरी नहीं है। कई देवी-देवताओं की पूजा घर पर रहकर भी की जा सकती है। उनका कहना था कि आस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भविष्य के लिए भीड़ प्रबंधन की तैयारी की सलाह
पूर्व मुख्यमंत्री ने माना कि नागपंचमी पर श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर प्रशासन का अनुमान वास्तविक स्थिति से कम साबित हुआ। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में कई स्तरों पर भीड़ का आकलन करने की सलाह दी।
उमा भारती ने आगे कहा कि प्रशासन को पहले से यह तय करना चाहिए कि मंदिर की सीढ़ियों और परिसर में एक समय में कितने श्रद्धालु प्रवेश कर सकते हैं, कितने लोगों के बाहर निकलने की क्षमता है और किसी आपात स्थिति के लिए कितनी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध रखी जानी चाहिए।
PM पर टिप्पणी को लेकर भी जताई नाराजगी
उमा भारती ने हालिया जेन-जी प्रोटेस्ट के दौरान प्रधानमंत्री को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बिना नाम लिए संबंधित कवि की भाषा की आलोचना की और कहा कि प्रधानमंत्री ने कई लोगों की आलोचना और यहां तक कि गालियां भी सहन की हैं, लेकिन उक्त टिप्पणी से उन्हें काफी दुख हुआ। उन्होंने कहा कि वह उस व्यक्ति का नाम तक नहीं लेना चाहतीं।
उज्जैन में उमा भारती के बयानों से साफ रहा कि उन्होंने एक ओर सागर शराब कांड में स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की जरूरत बताई, वहीं दूसरी ओर महाकाल मंदिर की भीड़ व्यवस्था को लेकर प्रशासन को भविष्य के लिए सतर्क रहने का संदेश दिया।