इंदौर में बीच सड़क कार पर गिरा पेड़, डिप्टी कलेक्टर की मां की मौत; मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाकर वापस लौट रही थीं
इंदौर में मानसून के दौरान बारिश और तेज हवाओं के बीच पेड़ गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में सड़क किनारे खड़े पुराने पेड़ों की सुरक्षा और समय रहते उनकी पहचान करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार को बारिश के दौरान बीच सड़क कार पर पेड़ गिरने से हादसा हो गया। हादसे में डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां की मौत हो गई। पेड़ गिरने के काफी देर तक लगभग डेढ़ घंटे तक बुजुर्ग दबी रहीं। जब उन्हें निकाला तो उनकी मौत हो गई। वहीं हादसे में 3 अन्य लोग घायल हो गए। डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में तैनात हैं।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाकर लौट रही थीं
जानकारी के मुताबिक हादसा इंदौर के सेंट्रल जेल के सामने उस समय हुआ, जब सड़क पर वाहन सामान्य तरीके से गुजर रहे थे। इसी दौरान बारिश के बीच सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा पेड़ अचानक उखड़कर कार पर जा गिरा। पेड़ के नीचे कार दबने से उसमें बैठे लोगों को गंभीर चोटें आईं। जबकि डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की बुजुर्ग मां मां राधा देवी सिंघी(75) की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने हादसा होते ही मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस और प्रशासन की टीम को भी सूचना दी गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंची डिप्टी कलेक्टर
घटना की जानकारी मिलने के बाद डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी अपनी महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक छोड़कर घटनास्थल और अस्पताल पहुंचीं। वह उस समय नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से जुड़ी बैठक में मौजूद थीं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए संभाग आयुक्त भास्कर लक्ष्यकार ने भी बैठक स्थगित कर अधिकारियों को मौके और अस्पताल पहुंचने के निर्देश दिए।
पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसीपी विनोद दीक्षित के अनुसार मामले की जांच की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों और पेड़ गिरने की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है।
सड़क किनारे पुराने पेड़ों को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि सड़क किनारे पुराने और बड़े पेड़ों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर कितनी निगरानी की जाती है। खासकर बारिश के दौरान कमजोर हो चुके पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि इस मामले में पेड़ किस वजह से गिरा, इसकी स्पष्ट जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।
बारिश के दौरान बढ़ी दुर्घटनाओं की चिंता
इंदौर में मानसून के दौरान बारिश और तेज हवाओं के बीच पेड़ गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में सड़क किनारे खड़े पुराने पेड़ों की सुरक्षा और समय रहते उनकी पहचान करने की जरूरत को सामने ला दिया है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता घायलों का इलाज और घटना की जांच है। हादसे में जान गंवाने वाली राधा देवी सिंघी के परिवार में घटना के बाद शोक का माहौल है।
.avif)