आजादी के बाद पहली बार धार में दौड़ेगी नियमित ट्रेन, PM मोदी कल वडोदरा से दिखाएंगे हरी झंडी
रेल सेवा शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश के धार और आलीराजपुर क्षेत्र का गुजरात के छोटा उदयपुर और वडोदरा से रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे गुजरात के बड़े बाजारों तक पहुंच आसान हो जाएगा।
MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले के आदिवासी अंचल के लिए 8 सितंबर 2026 का दिन परिवहन के लिहाज से अहम होने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद टांडा रोड रेलवे स्टेशन से नियमित यात्री ट्रेन सेवा शुरू होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडोदरा से आयोजित कार्यक्रम के दौरान 12 कोच वाली MEMU ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत करेंगे। इसके साथ ही धार जिले का यह हिस्सा पहली बार नियमित यात्री रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
टांडा रोड से शुरू होगा यात्री परिचालन
नई रेल सेवा छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के अंतर्गत विकसित रेलखंड पर शुरू की जा रही है। शुरुआती चरण में टांडा रोड और डेकाकुंड के बीच करीब 16 किलोमीटर के हिस्से पर यात्री परिचालन होगा। रेलवे ने इस खंड पर सेवा शुरू करने की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
टांडा रोड स्टेशन तक रेल पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब तक धार जिले के इस क्षेत्र के लोगों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था। जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार धार शहर का अपना रेलवे स्टेशन नहीं है और इंदौर तथा रतलाम इसके प्रमुख नजदीकी रेल संपर्क केंद्र रहे हैं।
12 कोच की MEMU ट्रेन, रोजाना होगी आवाजाही
नई सेवा में 12 डिब्बों वाली MEMU ट्रेन का संचालन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ट्रेन टांडा रोड से सुबह करीब 9:30 बजे पहुंचेगी और वापसी सेवा शाम करीब 5 बजे निर्धारित है। नियमित संचालन से टांडा, कुक्षी और आसपास के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में नया विकल्प मिलेगा।
इस रेल सेवा का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। स्थानीय स्तर पर शिक्षा, रोजगार, व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की संभावना है। विद्यार्थियों और नौकरी के लिए दूसरे शहरों में आने-जाने वाले लोगों के लिए भी अब यात्रा करना आसान हो जाएगा।
गुजरात से सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी
रेल सेवा शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश के धार और आलीराजपुर क्षेत्र का गुजरात के छोटा उदयपुर और वडोदरा से रेल संपर्क मजबूत होगा। इससे गुजरात के बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि बेहतर परिवहन व्यवस्था से कृषि और स्थानीय उत्पादों की आवाजाही सुगम हो सकती है।
रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को भी फायदा मिलने की संभावना है। धार और आसपास का क्षेत्र ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों के लिए जाना जाता है। आवागमन बेहतर होने पर गुजरात और मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
435 करोड़ की लागत से तैयार हुआ रेलखंड
टांडा रोड-डेकाकुंड के करीब 16 किलोमीटर रेलखंड के निर्माण पर लगभग 435 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। धार-छोटा उदयपुर परियोजना की अनुमानित लागत करीब 3,900 करोड़ रुपये है।
रेल परियोजना को आदिवासी बहुल क्षेत्र को मुख्यधारा के परिवहन नेटवर्क से जोड़ेगी। रेल सेवा के विस्तार से क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों, छोटे उद्योगों और सेवाक्षेत्र को गति को रफ्तार मिलेगी।
रेलवे नेटवर्क विस्तार की बड़ी तस्वीर
धार में यात्री ट्रेन की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच रेल आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को वडोदरा कार्यक्रम के दौरान वडोदरा-रतलाम रेल मार्ग की तीसरी और चौथी लाइन से जुड़ी परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इससे भविष्य में इस कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
टांडा रोड तक रेल पहुंचना सिर्फ एक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि धार के आदिवासी अंचल के लिए परिवहन के एक नए दौर की शुरुआत है। अब तक जिन इलाकों के लोगों को रेल पकड़ने के लिए दूसरे शहरों तक सड़क से जाना पड़ता था, उनके लिए अपने क्षेत्र में यात्री ट्रेन का संचालन रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकता है।