PM MODI UZBEKISTAN VISIT: SCO से पहले 4 दिन के दौरे पर मोदी, उज्बेकिस्तान से किर्गिस्तान तक क्या है भारत का बड़ा मिशन?
PM MODI UZBEKISTAN VISIT: पीएम मोदी चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे में उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जाएंगे। SCO सम्मेलन में सुरक्षा, आतंकवाद, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग पर भारत का फोकस रहेगा।
PM MODI UZBEKISTAN VISIT: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य एशिया के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो गए हैं। 29 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा में पीएम मोदी उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान जाएंगे। इस दौरे को भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ताशकंद से शुरू होगा पीएम मोदी का दौरा
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद पहुंचेंगे। यहां वह राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, कनेक्टिविटी, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत-उज्बेकिस्तान रिश्तों को मिलेगी नई दिशा
ताशकंद दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर रहेगा। भारत मध्य एशिया के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों का विस्तार करने में जुटा है। ऐसे में उज्बेकिस्तान के साथ होने वाली वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लाल बहादुर शास्त्री स्मारक भी जाएंगे पीएम
प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से जुड़े स्मारक का दौरा भी करेंगे। इसके अलावा उनके महात्मा गांधी केंद्र जाने का भी कार्यक्रम है। इस यात्रा को भारत और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
31 अगस्त को किर्गिस्तान पहुंचेंगे मोदी
उज्बेकिस्तान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। यहां वह 26वें शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर भारत अपना पक्ष रख सकता है।
आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा पर रहेगा फोकस
SCO सम्मेलन में आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता भारत के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे। भारत लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की बात करता रहा है। ऐसे में पीएम मोदी की इस यात्रा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रहेगी।
BRICS से पहले अहम माना जा रहा दौरा
मध्य एशिया का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि इसके बाद भारत सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। ताशकंद और बिश्केक में होने वाली कूटनीतिक मुलाकातें भारत की आने वाली वैश्विक रणनीति के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं।