MP News: ‘मां, मुझे बचा लो, ये मार डालेंगे...', रीवा के अस्पताल में डिलीवरी के दौरान मां-बच्चे की मौत; 2 डॉक्टर सस्पेंड
MP News: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
MP News: रीवा में गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में दो डॉक्टर और दो नर्सिंग ऑफिसरों को निलंबित किया गया है। परिजनों की शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी।
डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि कल्पना के इलाज में लापरवाही हुई। उन्होंने एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा दिए जाने की आशंका भी जताई है। नर्सिंग स्टाफ पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। परिजनों की मांग पर कल्पना और उसके गर्भस्थ शिशु का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीम से कराया गया है। रिपोर्ट का इंतजार है।
2 डॉक्टर और 2 नर्सिंग ऑफिसर सस्पेंड
महिला के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों की समिति गठित की गई। प्रारंभिक स्तर पर डॉ. सोनल अग्रवाल, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग और डॉ. निधि पाण्डेय, निश्चेतना विभाग को कार्य में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित किया गया है। वहीं, नर्सिंग स्टाफ से जुड़े दो कर्मचारियों पर परिजनों के साथ कथित दुर्व्यवहार की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है।
खुद को बचाने की गुहार लगा रही थी महिला
मौत से कुछ घंटे पहले कल्पना प्रसूति वार्ड से बाहर आकर रोते हुए मां से खुद को बचाने की गुहार लगा रही थी। वह कह रही थी- ‘मां, मुझे बचा लो... मैं नहीं बचूंगी, ये मुझे मार डालेंगे।’ जिसके बाद नर्सिंग स्टाफ उसे समझाकर वार्ड में ले गया था।
गंभीर बीमारी से मौत या इलाज में चूक ?
एनएचएम ने डॉ. बीनू कुशवाहा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। यह भर्ती से मौत तक के इलाज, मेडिकल प्रोटोकॉल और मरीज से व्यवहार की जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि कल्पना वार्ड से बाहर आकर खुद को बचाने की गुहार क्यों लगा रही थी। कमेटी तीन दिन में रिपोर्ट देगी। पोस्टमॉर्टम और जांच रिपोर्ट से साफ होगा कि मौत गंभीर बीमारी से हुई या इलाज में कोई चूक भी हुई।
भर्ती के समय गंभीर थी हालत
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक कल्पना को 26 अगस्त की सुबह 2:38 बजे भर्ती किया गया था। तब प्लेटलेट काउंट करीब 30 हजार प्रति माइक्रोलिटर था। ब्लड प्रेशर काफी बढ़ा हुआ था और लिवर एंजाइम भी बढ़े हुए थे। जांच में गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपीनिया और हेल्प सिंड्रोम पाया गया। इलाज के दौरान उसी दिन रात 11:55 बजे कल्पना व गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
डिप्टी सीएम ने दिए जांच के निर्देश
डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने मामले को गंभीर मानते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मरीज और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक व्यवहार के साथ इलाज के तय प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद मामले में तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।