Jaipur School Controversy: Jaipur News: स्कूल में निरीक्षण को लेकर क्यों भिड़े ग्रामीण और CJP कार्यकर्ता? जानिए पूरा मामला
Jaipur School Controversy: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP टीम और ग्रामीण आमने-सामने आ गए। आशुतोष रांका ने मारपीट के आरोप लगाए।
Jaipur School Controversy: जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। CJP ने मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ के आरोप लगाए हैं, जबकि ग्रामीणों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
स्कूल पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
बगरू इलाके के रामपुरा-कंवरपुरा गांव के राजकीय प्राथमिक स्कूल में CJP कार्यकर्ता जायजा लेने पहुंचे थे। बताया गया कि टीम स्कूल की स्थिति देखने और वहां की समस्याओं को सामने लाने के लिए आई थी। हालांकि, कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया और उन्हें गांव से बाहर जाने को कहा। इसके बाद ग्रामीण स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए।
आशुतोष रांका ने लगाए मारपीट के आरोप
CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनकी टीम के साथ ग्रामीणों ने मारपीट की और गाड़ियों में तोड़फोड़ की। रांका का कहना है कि स्कूल काफी समय से खराब हालत में है और बच्चों की पढ़ाई को लेकर CJP लगातार सवाल उठा रही है। उन्होंने इस पूरे विरोध को भाजपा समर्थकों से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने मारपीट से किया इनकार
वहीं ग्रामीणों ने CJP के आरोपों को गलत बताया है। ग्रामीण जुगल किशोर शर्मा के मुताबिक, टीम बड़ी संख्या में लोगों के साथ गांव पहुंची थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सिर्फ टीम का विरोध किया और मारपीट नहीं की। उनका दावा है कि स्कूल की मरम्मत का काम स्थानीय विधायक की ओर से कराया जाना तय है और इसके लिए करीब 12 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्कूल की बदहाली को लेकर बढ़ा विवाद
CJP का आरोप है कि स्कूल की हालत खराब है और बच्चे लंबे समय से बेहतर सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि इसी मुद्दे को देखने के लिए टीम दोबारा गांव पहुंची थी। विवाद के बाद अब मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। CJP ने घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बाहरी राजनीतिक गतिविधियों का विरोध किया जाएगा।

