बिट्टू 'तबाही' को मिली इंटरनेशनल पहचान, नीदरलैंड से मिला जॉब का ऑफर; केविन पीटरसन ने भी की जमकर तारीफ
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने लिखा, 20 साल के बिट्टू तबाही ने प्रदूषित नदी को बिना ग्लब्स, जूते और तैरना ना जानने के बावजूद ही नदी को साफ करने का काम किया है।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अकेले ही नदी साफ करने वाले सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही की चर्चा हर तरफ हो रही है। अकेले अजनार नदी साफ करने के बाद सोशल मीडिया से मशहूर होने वाले बिट्टू की तारीफ देश ही नहीं अब विदेशों में भी चर्चा हो रही है। बिट्टू के काम से प्रभावित होकर नीदरलैंड के एक पर्यावरण संगठन ने उन्हें जॉब ऑफर की है।
दुनियाभर में काम करने वाली संस्था से मिला ऑफर
बिट्टू की अकेले नदी साफ करने की पहल ने नीदरलैंड स्थित पर्यावरण संगठन The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बोयन स्लैट का ध्यान खींचा है। स्लैट ने बिट्टू के काम की जमकर तारीफ की। इसके साथ ही उन्होंने बिट्टू को संस्था के साथ काम करने का ऑफर दिया है। यह संस्था नदियों और समुद्रों से प्लास्टिक प्रदूषण हटाने के लिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम करती है।
केविन पीटरसन ने जमकर तारीफ की
इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन ने इंस्टाग्राम पोस्ट करके बिट्टू की जमकर तारीफ की। पीटरसन ने लिखा, 20 साल के बिट्टू तबाही ने प्रदूषित नदी को बिना ग्लब्स, जूते और तैरना ना जानने के बावजूद ही नदी को साफ करने का काम किया है। 26 जनवरी 2026 को मध्य प्रदेश के रहने वाले और बीएससी के छात्र ने अजनार नदी को साफ करना शुरू किया था।'
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'तबाही का मतलब बर्बाद करना होता है'
पीटरसन ने आगे लिखा, 'बिट्टू ने डंपिंग ग्राउंड बन चुकी नदी से प्लास्टिक और दूसरे वेस्टेज को निकाला। उन्होंने नदी में पूजा के जरिए आने वाले वाले वेस्टेज का निस्तारण भी किया। इस काम को करने के लिए उऩ्होंने अपने दोस्तों से पैसे इकट्ठा करके टूल और डस्टबीन खरीदा। इस काम के लिए उन्होंने 30 हजार रुपये खर्च किए। इस दौरान उनके हाथों में इन्फेक्शन भी हो गया। तब जाकर उनका काम हजारों लोगों के सामने आया। कुछ लोग बिट्टू पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइक्स पाने के लिए किया है। लेकिन बिट्टू के सरनेम(तबाही) काम मतलब बर्बादी है। लेकिन आज वो कुछ और ही बर्बाद कर रहे हैं, जो कि पानी का प्रदूषण है।
ऐसा इसलिए होता हो पाता है, जब एक व्यक्ति बदलाव के लिए किसी और का इंतजार करना छोड़ देता है और खुद जिम्मा उठाता है।'
CM ने बुलाकर किया था सम्मानित
एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुद बिट्टू को बुलाकर सम्मानित किया और शाबाशी दी थी। सीएम ने बिट्टू और उनके दोस्तों से कहा कि आप लोगों ने बहुत पवित्र काम किया है।
बता दें बिट्टू ने नदी की खराब हालत देखकर इसकी सफाई का जिम्मा खुद उठाया। रिपोर्टस के मुताबिक उन्होंने कई महीनों तक नदी में जमा प्लास्टिक, बोतल, गंदगी, जलकुंभी और दूसरे कचरे को अपने हाथों से निकालने का काम किया। शुरुआत में इस अभियान के लिए उन्हें किसी बड़े संस्थागत सहयोग का इंतजार नहीं था। उनके सफाई अभियान से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान उनकी ओर गया।
