Badrinath Donation Controversy: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले में अब एफआईआर के जरिए कई अहम बातें सामने आई हैं। शुरुआती जांच में मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर चढ़ावे की रकम अपने पास रखने का आरोप लगा है। मामले की जांच के लिए सरकार ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है, जबकि आरोपी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है।
सोशल मीडिया से सामने आया मामला
मंदिर समिति के अनुसार, 2 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए चढ़ावे की गिनती में गड़बड़ी की जानकारी मिली थी। इसके बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने विभागीय जांच शुरू कराई। शुरुआती जांच में वित्तीय अनियमितता की आशंका मिलने पर आगे की कार्रवाई की गई।
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क्या है एफआईआर में आरोप?
एफआईआर के मुताबिक, चढ़ावे की गिनती के दौरान सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच कर्मचारी प्रमोद नौटियाल पर गिनती स्थल से कुछ धनराशि अपने पास रखने का आरोप है। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
आरोपी कर्मचारी निलंबित
मंदिर समिति ने शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वह समिति अध्यक्ष कार्यालय में निजी सहायक के रूप में कार्यरत थे। अब पुलिस और विभागीय स्तर पर मामले की अलग-अलग जांच की जा रही है।
15 दिन में रिपोर्ट देगी जांच समिति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप करेंगे। समिति को 15 दिनों के भीतर पूरे मामले की जांच कर सरकार को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
जांच समिति में आनंद स्वरूप के अलावा वित्त विभाग के निदेशक जगत सिंह चौहान और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी को सदस्य बनाया गया है। समिति चढ़ावे की पूरी व्यवस्था और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी।