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Ram Mandir Land Scam : राम मंदिर जमीन घोटाले के 11 सबूत संजय सिंह ने SIT को थमा दिए, पूछा- अब तक FIR क्यों नहीं?

Ram Mandir Land Scam

Ram Mandir Land Scam : उत्तर प्रदेश। अयोध्या राम मंदिर से जुड़े जमीन खरीद विवाद में गुरुवार को नया घटनाक्रम सामने आया। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह लखनऊ स्थित एसआईटी कार्यालय पहुंचे और जांच टीम को 11 महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे। यह दस्तावेज कथित रूप से राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई जमीन खरीद से संबंधित हैं। संजय सिंह ने दावा किया कि उनके पास जमीन सौदों से जुड़े ऐसे प्रमाण हैं, जिनसे कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज मूल हैं और जांच एजेंसियों को अब निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

जमीन सौदों में कीमतों को लेकर उठाए सवाल

संजय सिंह ने कई जमीन खरीद मामलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि कुछ जमीनों की कीमत खरीद और बिक्री के बीच बहुत कम समय में कई गुना बढ़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में लाखों रुपये की जमीन करोड़ों रुपये में खरीदी गई।

उनके अनुसार, कुछ सौदों में एक ही व्यक्ति गवाह के रूप में मौजूद था और कई जमीनों के मूल्य निर्धारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मामलों से संबंधित दस्तावेज एसआईटी को सौंप दिए गए हैं और अब जांच एजेंसी को सच्चाई सामने लानी चाहिए।

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कार्रवाई नहीं होने पर उठाए सवाल

मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे और अन्य मामलों में कई तरह की अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच में सबूत मिल रहे हैं तो अब तक किसी की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और एफआईआर दर्ज करने में देरी क्यों हो रही है।

उन्होंने कहा कि जनता और श्रद्धालु इस मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और आधिकारिक निष्कर्ष आना बाकी है।

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चंपत राय के इस्तीफे की खबर का खंडन

इसी बीच सोशल मीडिया पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे की खबरें भी तेजी से वायरल हुईं। हालांकि मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि चंपत राय ने कोई इस्तीफा नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।

विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी ऐसे दावों को निराधार बताया है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने और एसआईटी जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की है।

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जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजर

राम मंदिर से जुड़े जमीन खरीद और चढ़ावे के मामलों को लेकर एसआईटी जांच जारी है। जांच टीम दस्तावेजों और आरोपों की पड़ताल कर रही है। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है, जबकि आम लोग और श्रद्धालु भी जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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