Iran-US Ceasefire Update : वांशिगटन डीसी। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम वार्ता के दौरान रविवार को तनाव बढ़ गया। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों से नाराज होकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कुछ समय के लिए बातचीत रोक दी। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया और कहा कि दोनों पक्ष अब भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल हैं। इस बीच दोनों देशों ने 60 दिनों के भीतर एक व्यापक शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई है।
ट्रम्प के बयान के बाद बढ़ा विवाद
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, वार्ता शुरू होने से पहले ट्रम्प ने ईरान से लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह पर प्रभाव डालने की मांग की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
इसी वजह से ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने नाराजगी जताई और निर्धारित संयुक्त फोटो सत्र तथा औपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेने से इनकार कर दिया। बाद में ईरानी प्रतिनिधियों ने कतर के मध्यस्थों के साथ अलग बैठक भी की।
वार्ता के दूसरे दिन भी जारी रही बातचीत
तनाव के बावजूद स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दिन शुरू हो गया। पहले दिन दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच लगभग 80 मिनट तक चर्चा हुई। बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलना है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और दोनों पक्ष समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जेडी वेंस ने जताई सकारात्मक उम्मीद
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने वार्ता को रचनात्मक बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति हुई है। वेंस के अनुसार, अमेरिका और ईरान यदि सहयोग के साथ आगे बढ़ते हैं तो पश्चिम एशिया में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका क्षेत्र में लंबे समय की शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयास कर रहा है।
60 दिन में समझौते की तैयारी
अमेरिका और ईरान ने अगले 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में काम करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए विशेषज्ञ स्तर की बैठकों का दौर शुरू किया जाएगा। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा जैसे विषयों पर अलग-अलग टीमें विस्तार से चर्चा करेंगी। वार्ता की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी बनाई जाएगी।
तेल बाजार पर दिखा असर
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में राहत देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता आगे बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। इससे ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ी है।
नेतन्याहू का बड़ा बयान
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना तब तक मौजूद रहेगी जब तक सुरक्षा की आवश्यकता महसूस होगी। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर उनकी और ट्रम्प की राय अलग हो सकती है, लेकिन दोनों देशों के संबंध मजबूत बने हुए हैं। नेतन्याहू ने क्षेत्रीय सुरक्षा को इजराइल की प्राथमिकता बताया।
मध्य पूर्व दौरे पर जाएंगे मार्को रूबियो
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो 23 जून से संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा के दौरान अमेरिका-ईरान वार्ता, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। अमेरिका इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वार्ता मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। हालांकि बयानबाजी और क्षेत्रीय तनाव अभी भी चुनौती बने हुए हैं, लेकिन दोनों देशों द्वारा बातचीत जारी रखना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में तकनीकी और राजनीतिक स्तर की चर्चाएं इस प्रक्रिया की दिशा तय करेंगी।