Student Suicide Case : गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक दुखद मामला सामने आया है। विजयनगर थाना क्षेत्र में NEET परीक्षा की तैयारी कर रहे 22 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और कई प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिलने से मानसिक तनाव का सामना कर रहा था।
परीक्षा में सफलता नहीं मिलने से था परेशान
पुलिस सूत्रों के अनुसार छात्र पिछले कुछ वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था। परिजनों का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर गंभीर था और डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था। हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से वह निराश रहने लगा था।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान छात्र के मोबाइल फोन से एक वीडियो मिला है, जिसमें उसने परीक्षा से जुड़े तनाव और अपनी मानसिक स्थिति का जिक्र किया है।
वीडियो में किसी को नहीं ठहराया जिम्मेदार
जांच में सामने आया है कि छात्र ने अपने वीडियो संदेश में किसी व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार नहीं ठहराया। पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
परीक्षा का दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ी चर्चा
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को लेकर चर्चा तेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शैक्षणिक प्रदर्शन।
परिवार, शिक्षकों और संस्थानों को छात्रों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि तनाव की स्थिति में समय रहते मदद उपलब्ध कराई जा सके।
जल्द होने वाली है NEET-UG पुनर्परीक्षा
इसी बीच NEET-UG पुनर्परीक्षा का आयोजन 21 जून को होना है। परीक्षा में देश और विदेश से लाखों अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। परीक्षा ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी।
प्रशासन और परीक्षा एजेंसियां परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।