President Jabalpur Visit : राष्ट्रपति आज जबलपुर पहुंचेंगी, 3000+ जवान तैनात; योग दिवस और RDVV दीक्षांत समारोह में होंगी शामिल

President Jabalpur Visit : जबलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुंचेंगी। वे शाम 6:10 बजे भारतीय वायुसेना के विशेष विमान से डुमना एयरपोर्ट पहुंचेंगी। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल उनकी अगवानी करेंगे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार समेत प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शनिवार रात जबलपुर पहुंचेंगे। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 3000 से अधिक जवान तैनात राष्ट्रपति के आगमन को लेकर जबलपुर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। डुमना एयरपोर्ट से लेकर सर्किट हाउस, गैरिसन ग्राउंड और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तक पूरे वीवीआईपी रूट पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। करीब 3000 से अधिक जवान सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। राष्ट्रपति शनिवार रात सर्किट हाउस क्रमांक-1 में विश्राम करेंगी। प्रशासन ने सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल” अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में होंगी शामिल रविवार सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वे सुबह गैरिसन ग्राउंड पहुंचकर सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, विद्यार्थी और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे। योग दिवस समारोह के लिए भी विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था लागू की गई है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में करेंगी शिरकत योग दिवस कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय पहुंचेंगी, जहां वे विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। समारोह के दौरान विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। हालांकि दीक्षांत समारोह पहले से विवादों में भी है। कुछ शोधार्थियों और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने मंच पर सम्मान नहीं मिलने को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन समारोह को सफल बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी री-नीट परीक्षा और VVIP कार्यक्रम से प्रशासन पर दोहरी जिम्मेदारी रविवार को जबलपुर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के साथ-साथ री-नीट परीक्षा का सफल आयोजन कराना होगी। जिले में परीक्षा के लिए 23 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 10 हजार से अधिक छात्र परीक्षा देंगे। प्रशासन ने छात्रों की सुविधा के लिए विशेष बस सेवा शुरू की है, जो पेंटीनाका चौक से विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक संचालित होगी। परीक्षार्थियों के परिजनों के लिए अस्थायी शेड, पेयजल, कूलर, पंखे और नाश्ते की व्यवस्था भी की गई है। किसी भी यातायात समस्या के लिए हेल्पलाइन नंबर 7049158826 जारी किया गया है। 15 किलोमीटर क्षेत्र को घोषित किया नो फ्लाई जोन राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए डुमना एयरपोर्ट, सर्किट हाउस, गैरिसन ग्राउंड, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय और पूरे वीवीआईपी रूट के 15 किलोमीटर क्षेत्र को नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस अवधि में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून, पतंग और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रपति के दौरे, योग दिवस, दीक्षांत समारोह और री-नीट परीक्षा को देखते हुए रविवार को जबलपुर पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में रहेगा।
Abu Dhabi NEET Centre : NEET पुनर्परीक्षा से पहले NTA की बड़ी चूक! नागपुर के छात्र को मिला अबूधाबी में परीक्षा केंद्र

Abu Dhabi NEET Centre : नई दिल्ली। देशभर में 21 जून को होने वाली NEET पुनर्परीक्षा से पहले राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर विवादों में घिर गई है। परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों छात्रों के बीच नागपुर के एक छात्र के साथ हुई घटना ने परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर निवासी अब्दुल्ला मोहम्मद को पुनर्परीक्षा के लिए जो परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया, वह भारत में नहीं बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबूधाबी में निकला। परीक्षा से महज एक दिन पहले इस गलती की जानकारी मिलने के बाद छात्र और उसका परिवार गहरे तनाव में आ गया है। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी पसंदीदा केंद्रों की जगह मिला विदेश का एड्रेस अब्दुल्ला मोहम्मद ने परीक्षा केंद्र के लिए आवेदन करते समय नागपुर, वर्धा और भंडारा जैसे नजदीकी शहरों को अपनी प्राथमिकता में रखा था। इससे पहले हुई परीक्षा में भी उन्हें नागपुर में ही केंद्र मिला था। बावजूद इसके, पुनर्परीक्षा के लिए जारी एडमिट कार्ड में उनका केंद्र अबूधाबी दर्शाया गया। छात्र का कहना है कि उसने कभी विदेश में परीक्षा केंद्र का विकल्प नहीं चुना। ऐसे में अचानक विदेश में केंद्र आवंटित होना समझ से परे है। इस घटना ने परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पासपोर्ट नहीं, फिर कैसे पहुंचे छात्र विदेश? छात्र और उसके परिवार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि उनके पास पासपोर्ट तक नहीं है। ऐसे में परीक्षा से 24 से 48 घंटे पहले पासपोर्ट, वीजा और यात्रा की पूरी प्रक्रिया पूरी करना लगभग असंभव है। छात्र ने तुरंत NTA की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। परिवार का कहना है कि इस तरह की गलती किसी छात्र के भविष्य पर गंभीर असर डाल सकती है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर ऐसी लापरवाही मानसिक दबाव और अनिश्चितता बढ़ाने वाली है। Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल” शिकायत के बाद NTA ने दिया आश्वासन मामला सामने आने के बाद छात्र ने अधिकारियों से संपर्क किया। जानकारी के अनुसार NTA ने इसे तकनीकी त्रुटि मानते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिया है। छात्र को आश्वासन दिया गया है कि संशोधित एडमिट कार्ड जारी कर उसे नागपुर में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा। हालांकि नया प्रवेश पत्र मिलने तक छात्र और उसके परिवार की चिंता बनी हुई है। परीक्षा की तारीख बेहद करीब होने के कारण समय पर समाधान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद बढ़ा मामला इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता डॉ. अनीस अहमद ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी गलतियां परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने तुरंत संशोधित एडमिट कार्ड जारी करने की मांग की। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और देश को जवाबदेह तथा संवेदनशील परीक्षा प्रणाली की जरूरत है। ऐसे में NEET पुनर्परीक्षा से पहले यह मामला NTA के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है।
Paschim Banga Diwas 2026 : 74 साल बाद बदली परंपरा! पहली बार सरकार मनाएगी पश्चिम बंग दिवस, PM मोदी भी होंगे शामिल”

Paschim Banga Diwas 2026 : कोलकाता। पश्चिम बंगाल में इस बार 20 जून का दिन खास रहने वाला है। राज्य सरकार पहली बार आधिकारिक तौर पर ‘पश्चिम बंग दिवस’ मनाने जा रही है। हुगली के तारकेश्वर में होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसके साथ ही कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास भी किया जाएगा। पहली बार सरकार मना रही पश्चिम बंग दिवस अब तक 20 जून को मुख्य रूप से बीजेपी पश्चिम बंगाल के स्थापना दिवस के रूप में मनाती रही है, लेकिन इस बार राज्य सरकार भी इसे आधिकारिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित कर रही है। हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहला ऐसा आयोजन होगा। CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी 20 जून की तारीख क्यों है खास? 20 जून 1947 को बंगाल प्रांतीय विधानसभा में एक अहम बैठक हुई थी। इस दौरान बंगाल के विभाजन के पक्ष में मतदान हुआ, जिससे हिंदू बहुल इलाकों के भारत में बने रहने का रास्ता साफ हुआ। इसी फैसले के बाद पश्चिम बंगाल राज्य के गठन की नींव पड़ी। तारकेश्वर में होगा मुख्य आयोजन सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए हुगली जिले के तारकेश्वर को चुना है। इस स्थान का ऐतिहासिक महत्व भी है। आजादी से पहले यहां हुए एक बड़े सम्मेलन में बंगाल के विभाजन और पश्चिम बंगाल के गठन की मांग को समर्थन मिला था। Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर बदल गया स्थापना दिवस का नजरिया पिछली सरकार ‘पोइला बैशाख’ को राज्य स्थापना दिवस के रूप में मनाती थी। नई सरकार का मानना है कि 20 जून पश्चिम बंगाल के गठन से जुड़ी ऐतिहासिक तारीख है, इसलिए इसे आधिकारिक रूप से मनाया जाना चाहिए। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज बीजेपी नेताओं का कहना है कि 20 जून ही पश्चिम बंगाल के गठन की वास्तविक आधारशिला रखने वाला दिन था। वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर अलग राय रखता है। ऐसे में स्थापना दिवस को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप विकास परियोजनाओं की सौगात इस वर्ष पश्चिम बंग दिवस की थीम “पश्चिम बंगाल: विरासत, सद्भाव और विकास” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेलवे, कृषि, ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 74 साल बाद पहली बार सरकारी स्तर पर मनाए जा रहे पश्चिम बंग दिवस में क्या-क्या खास होगा और राज्य को कौन-कौन सी नई सौगातें मिलेंगी, यह देखने पर सबकी नजर रहेगी।
CM Yogi Visit MP : CM योगी का पीतांबरा पीठ दर्शन! सुरक्षा में 1.5 घंटे बंद रही आम श्रद्धालुओं की एंट्री, लोगों ने जताई नाराजगी

CM Yogi Visit MP : दतिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। वे विशेष विमान से सुबह 10:15 बजे दतिया हवाई पट्टी पर उतरे और वहां से सीधे विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ पहुंचे। मंदिर परिसर में उन्होंने मां बगलामुखी और महाभारत काल से जुड़े वानखंडेश्वर महादेव के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। मंदिर में उनका प्रवास लगभग 15 मिनट का रहा, जिसके दौरान प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था के चलते बंद रहा मंदिर परिसर मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए पीतांबरा पीठ परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वीआईपी मूवमेंट के कारण मंदिर को करीब डेढ़ घंटे तक आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखा गया। इस दौरान कई श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर के बाहर इंतजार करना पड़ा। सुरक्षा कारणों से कुछ पंडा-पुजारियों के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगाई गई थी। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाकर गतिविधियों पर नजर रखी। Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर श्रद्धालुओं को करना पड़ा लंबा इंतजार मुख्यमंत्री के दौरे के कारण दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को कुछ समय तक असुविधा का सामना करना पड़ा। ग्वालियर से आए श्रद्धालु दुर्गेश भार्गव ने बताया कि उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया। वहीं एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह सुबह जल्दी दर्शन के लिए पहुंची थीं, लेकिन उन्हें लगभग एक घंटे तक बाहर इंतजार करना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होने पर श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया। Barkatullah University : कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन का इस्तीफा मंजूर, प्रो. विवेक शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी झांसी में विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सड़क मार्ग से झांसी के लिए रवाना हो गए। झांसी में उनका करीब 20 घंटे का कार्यक्रम निर्धारित है। इस दौरान वे विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। साथ ही लगभग 1500 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए दतिया और झांसी दोनों जिलों में प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग पीतांबरा पीठ से जुड़ा है यूपी नेताओं का विशेष लगाव दतिया स्थित पीतांबरा पीठ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। उत्तर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां समय-समय पर दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यहां पूजा-अर्चना कर चुके हैं। इसके अलावा यूपी सरकार के कई मंत्री मां बगलामुखी और भगवान शिव के दर्शन के लिए नियमित रूप से दतिया आते रहे हैं।
Indore Ujjain Bhopal Connectivity : ट्रैफिक से मिलेगी राहत ! इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच बनेंगे नए हाई-स्पीड रूट, एक घंटे में पूरा होगा सफर

Indore Ujjain Bhopal Connectivity : इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार इंदौर, उज्जैन और भोपाल को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी देने की तैयारी में है। नए एक्सप्रेस-वे, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और सिग्नल फ्री सड़कों के जरिए ऐसा नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे लोगों का सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। एक घंटे में पहुंच सकेंगे बड़े शहर सरकार ’60 मिनट एक्सेस’ योजना पर काम कर रही है। इसका मकसद ऐसा सड़क और परिवहन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे प्रदेश के प्रमुख शहरों और आर्थिक केंद्रों तक एक घंटे के भीतर पहुंचा जा सके। इंदौर से उज्जैन तक मेट्रो विस्तार की तैयारी इस योजना के तहत इंदौर मेट्रो को आगे बढ़ाकर उज्जैन तक ले जाने की संभावना पर काम किया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा का समय कम होगा। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप बस, रेल और मेट्रो एक-दूसरे से जुड़ेंगे नई व्यवस्था में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशनों को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने और लंबा इंतजार करने की परेशानी कम होगी। कर्मचारियों और छात्रों को होगा फायदा औद्योगिक क्षेत्रों, कॉलेजों और रिहायशी इलाकों को सीधे जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इससे रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों का समय बचेगा और सफर आसान होगा। मालवा को मिलेगा बड़ा लॉजिस्टिक हब सरकार इस पूरे क्षेत्र को व्यापार और उद्योग के लिए मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से जुड़ाव होने के कारण मालवा क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च वैश्विक बाजार तक पहुंचेगा कारोबार प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एरोसिटी परियोजना के जरिए मालवा क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को देश के साथ-साथ विदेशों के बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी। पांच शहरों को जोड़ेंगे सिग्नल फ्री रूट योजना के तहत इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और यात्रा का समय भी घटेगा। औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा फायदा पीथमपुर, सांवेर और रतलाम जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे माल परिवहन तेज होगा और उद्योगों को नई गति मिलेगी। Karnataka MLC Elections : कर्नाटक MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग से BJP में हलचल, प्रदेश नेतृत्व सेदिल्ली में मांगा जवाब क्या बदलेगा? इंदौर-उज्जैन-भोपाल के बीच तेज कनेक्टिविटी कई प्रमुख मार्ग होंगे सिग्नल फ्री इंदौर मेट्रो का उज्जैन तक विस्तार बस, रेल और मेट्रो का एकीकृत नेटवर्क छात्रों और कर्मचारियों का समय बचेगा मालवा क्षेत्र को मिलेगा नया आर्थिक और औद्योगिक बल
Cancer Medicine Price : MP में कैंसर का इलाज अब और महंगा! दवाएं 50% तक बढ़ी, एक कीमो पर 2-3 हजार एक्स्ट्रा खर्च

Cancer Medicine Price : भोपाल। मध्य प्रदेश में कैंसर मरीजों के लिए इलाज अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने कैंसर उपचार में सबसे अधिक उपयोग होने वाली दो प्रमुख कीमोथेरेपी दवाओं सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दवाओं के महंगे होने से कैंसर के इलाज का कुल खर्च 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जिन्हें कई चरणों में कीमोथेरेपी लेनी पड़ती है। अब एक कीमो साइकिल पर मरीजों को 2 से 3 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। कई प्रकार के कैंसर के इलाज में होती हैं इस्तेमाल ऑन्कोलॉजिस्ट के अनुसार सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन का उपयोग ओवरी, फेफड़े, स्तन, सर्वाइकल, सिर और गर्दन, अंडकोष तथा गॉलब्लैडर समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। अधिकांश मरीजों को चार से छह या उससे अधिक कीमो साइकिल की आवश्यकता होती है। ऐसे में दवाओं की कीमत बढ़ने से पूरे इलाज पर हजारों से लेकर लाखों रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। यही वजह है कि इन दवाओं को कैंसर उपचार की रीढ़ माना जाता है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप अस्पतालों में दवाओं की कमी ने बढ़ाई चिंता दवाओं की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ उनकी उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन गई है। भोपाल सहित प्रदेश के कई कैंसर अस्पतालों में कीमोथेरेपी की ये जरूरी दवाएं लगभग खत्म हो चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। लंबे समय तक घाटे की वजह से कई दवा कंपनियों ने इन दवाओं का उत्पादन कम कर दिया था या अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। हालांकि अब कंपनियों ने उत्पादन दोबारा शुरू कर दिया है, लेकिन मांग के अनुसार सप्लाई सामान्य होने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव का भारत पर असर पेट्रोल और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं, लेकिन अब वैश्विक तनाव का असर कैंसर मरीजों तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण प्लैटिनम आधारित दवाओं के कच्चे माल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर कैंसर की सात प्रमुख श्रेणियों के इलाज पर पड़ रहा है। अनुमान है कि हर 100 में से लगभग 70 मरीज इन दवाओं की कमी और महंगाई से प्रभावित हो सकते हैं। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग इलाज के तरीके बदलने को मजबूर डॉक्टर मुंबई के कामा एवं एल्ब्लेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पाल्वे के अनुसार सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी दवाओं की भारी कमी के कारण डॉक्टरों को इलाज की स्थापित पद्धतियों में बदलाव करना पड़ रहा है। कई सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भी इस संकट से प्रभावित हुए हैं। हालांकि अन्य कीमोथेरेपी दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ विशेष प्रकार के कैंसर में प्लैटिनम आधारित दवाओं का विकल्प सीमित होता है। ऐसे में मरीजों के इलाज की गुणवत्ता और परिणाम दोनों प्रभावित हो सकते हैं। युद्ध और महंगे कच्चे माल ने बढ़ाई लागत विशेषज्ञों के अनुसार इन दवाओं में उपयोग होने वाला कच्चा माल मुख्य रूप से दक्षिण अफ्रीका, रूस और अन्य देशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्लैटिनम और अन्य एपीआई (API) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा परिवहन और आयात लागत भी बढ़ी है। चूंकि ये दवाएं मूल्य नियंत्रण के दायरे में आती हैं, इसलिए कंपनियां लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत को मरीजों पर नहीं डाल पा रही थीं। यही वजह रही कि कई कंपनियों ने उत्पादन कम कर दिया, जिससे बाजार में कमी और अधिक बढ़ गई। Keralam Budget 2026 : मंदिरों के विकास से ‘मिशन समुद्र’ तक, VD सतीशन के पहले बजट में केरलम को जनिए क्या मिला? सरकार ने दी कीमत बढ़ाने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दवाओं की कमी और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद अब इन दवाओं की कीमतों में 10 से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे दवा कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और बाजार में उपलब्धता सुधरेगी। 30 साल से सबसे भरोसेमंद मानी जाती है सिस्प्लैटिन भोपाल के वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. टी.पी. साहू के अनुसार सिस्प्लैटिन पिछले दो से तीन दशकों से कैंसर उपचार की सबसे भरोसेमंद दवाओं में शामिल रही है। रेडियोथेरेपी के साथ इसका उपयोग इलाज के परिणाम बेहतर बनाता है। खास बात यह है कि जहां सिस्प्लैटिन आधारित इलाज अपेक्षाकृत कम खर्च में पूरा हो जाता है, वहीं इसके कई आधुनिक विकल्प लाखों रुपए तक महंगे हो सकते हैं। यही कारण है कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए यह दवा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। MP Student Suicide Case : NEET परीक्षा का दबाव या हादसा? इंदौर में छात्रा की मौत, पुलिस हर पहलू से कर रही जांच देश की 70% कीमोथेरेपी में होता है उपयोग गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओ.पी. सिंह के अनुसार देश में होने वाली लगभग 70 प्रतिशत कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग किया जाता है। इसका अर्थ है कि हर दस में से सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है। ऐसे में इसकी कमी या कीमत में बढ़ोतरी का असर सीधे तौर पर लाखों मरीजों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और दवा कंपनियों को मिलकर इस संकट का जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि मरीजों का इलाज प्रभावित न हो।
Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप

Jahangir Khan Wife Arrested : कोलकता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवादित नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पुलिस थाने पर हमला कराने और अपने पति को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की साजिश रचने का आरोप है। इस कार्रवाई के साथ ही राज्य में TMC नेताओं से जुड़े विवाद और ‘कट मनी’ जैसे पुराने मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं। थाने पर हमले के मामले में हुई गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार सुबह दक्षिण 24 परगना जिले के जुलपिया इलाके से शारिका बीबी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 17 जून को फालता पुलिस स्टेशन पर बड़ी संख्या में समर्थकों ने हमला किया था। आरोप है कि इस हमले का उद्देश्य जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाना था। भीड़ ने थाने के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिस पर पत्थरबाजी भी की। इस मामले में शारिका बीबी के अलावा 26 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हमले के पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश कर रही है। Jahangir Khan Wife Arrested : TMC नेता जहांगीर खान की पत्नी शारिका बीबी गिरफ्तार, थाने पर हमले की साजिश का आरोप जहांगीर खान पर पहले से गंभीर आरोप जहांगीर खान पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में फालता सीट से TMC उम्मीदवार रहे थे। उन्हें 8 जून को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। उन पर अवैध वसूली, दबाव बनाकर धन उगाही और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद उनके दो वीडियो भी सामने आए थे। इन वीडियो में पुलिस उन्हें शहर में घुमाती हुई दिखाई दी थी। वीडियो में वह लोगों से कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आए थे। इन तस्वीरों और वीडियो ने पूरे राज्य में राजनीतिक बहस को जन्म दिया था। ‘पुष्पा’ स्टाइल छवि बनाकर चर्चा में आए थे जहांगीर फालता क्षेत्र में जहांगीर खान का लंबे समय तक प्रभाव माना जाता रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था। वह अक्सर फिल्म का चर्चित संवाद बोलते थे और खुद को ऐसे नेता के रूप में दिखाते थे जो किसी दबाव के सामने झुकता नहीं है। हालांकि विधानसभा चुनाव के दौरान हालात बदल गए। चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद यहां दोबारा मतदान कराया गया था। मतदान से ठीक पहले जहांगीर ने चुनावी मैदान से हटने की घोषणा कर दी थी। इसके बावजूद चुनाव परिणाम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद वह सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए। Missing Child Ansh Found : 4 दिन बाद मथुरा में सुरक्षित मिला 6 साल का अंश, CCTV फुटेज बना सबसे बड़ा सुराग गिरफ्तारी से पहले कानूनी राहत की कोशिश जहांगीर खान ने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी से राहत की मांग की थी। उनका कहना था कि उनके खिलाफ लगातार नए आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि कानूनी प्रक्रिया के बीच पुलिस ने उन्हें नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आशंका थी कि वह राज्य से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। पिछले दिनों TMC नेताओं पर जनता का गुस्सा पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कई TMC नेताओं के खिलाफ लोगों का आक्रोश देखने को मिला है। कोलकाता में गिरफ्तार एक TMC पार्षद की गाड़ी पर लोगों ने अंडे फेंके थे। वहीं कुछ वायरल वीडियो में नेताओं को लोगों के गुस्से का सामना करते हुए देखा गया। एक वीडियो में एक स्थानीय नेता कथित रूप से पुलिस और भीड़ से बचने के लिए छिपता हुआ नजर आया। दूसरे मामले में लोगों ने एक नेता का सिर मुंडवाकर उसकी सार्वजनिक परेड निकाली। इन घटनाओं ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। कूचबिहार में बिस्तर के नीचे छिपा मिला नेता कूचबिहार जिले में भी एक TMC नेता का वीडियो काफी चर्चा में रहा। आरोप था कि उसने सरकारी आवास योजना में लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से कमीशन लिया था। जब ग्रामीणों ने जवाब मांगा तो बड़ी संख्या में लोग उसके घर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर नेता कथित रूप से घर के कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित बाहर निकालकर थाने ले गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। NEET re-exam 2026 : नीट-यूजी के लिए अलर्ट! केंद्रों पर CCTV-जैमर, स्पेशल ट्रेन समेत छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं ‘कट मनी’ विवाद फिर बना बड़ा मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘कट मनी’ लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले कथित तौर पर कमीशन लेना माना जाता है। भाजपा लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है। वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि यदि किसी ने लोगों से पैसे लिए हैं तो उन्हें वापस कर देना चाहिए। इसके बाद कई इलाकों में लोगों ने स्थानीय नेताओं से पैसे लौटाने की मांग शुरू कर दी थी। हाल ही में भी कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें स्थानीय नेताओं पर लोगों को कथित तौर पर पैसे लौटाने का दबाव दिखाई दिया। इसी वजह से ‘कट मनी’ का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।