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Bhopal GIS 2027 : भोपाल में फिर सजेगा निवेश का महाकुंभ! ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी शुरू, दोगुने निवेश प्रस्तावों का लक्ष्य

Bhopal GIS 2027

Bhopal GIS 2027 : भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर निवेश के बड़े मंच की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार अगले वर्ष जनवरी 2027 में दूसरी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित कर सकती है। इस आयोजन को लेकर उद्योग विभाग और मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एमपीआईडीसी) ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सरकार को उम्मीद है कि इस बार निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा पिछली समिट की तुलना में कहीं अधिक रहेगा। यही वजह है कि आयोजन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

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पिछली GIS ने बनाए थे निवेश के नए रिकॉर्ड

फरवरी 2025 में आयोजित पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को निवेश के लिहाज से बड़ी सफलता माना गया था। दो दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। देश के कई बड़े उद्योगपति और निवेशक इसमें शामिल हुए थे।

समिट के दौरान मध्यप्रदेश को लगभग 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इन प्रस्तावों में क्षेत्रीय निवेशक सम्मेलनों के दौरान मिले प्रस्ताव भी शामिल थे। उद्योग विभाग का मानना है कि राज्य में लगातार बेहतर हो रहे औद्योगिक माहौल के कारण आगामी GIS-2027 में निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।

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आयोजन स्थल को लेकर कई विकल्पों पर विचार

पिछली बार यह आयोजन राष्ट्रीय मानव संग्रहालय परिसर में हुआ था, जहां शहर को विशेष रूप से सजाया गया था। इस बार आयोजन स्थल के चयन को लेकर कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के पास नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र तथा राष्ट्रीय मानव संग्रहालय के परिसर का निरीक्षण किया जा चुका है।

अंतिम निर्णय आमंत्रित उद्योगपतियों, निवेशकों की संख्या और आयोजन की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। प्रशासन चाहता है कि इस बार कार्यक्रम अधिक सुव्यवस्थित और तकनीकी रूप से बेहतर हो।

पिछली कमियों को सुधारने की तैयारी

सरकार इस बार केवल निवेश आकर्षित करने पर ही नहीं, बल्कि आयोजन की गुणवत्ता सुधारने पर भी फोकस कर रही है। हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पिछली समिट के दौरान सामने आई तकनीकी और ध्वनि संबंधी समस्याओं की समीक्षा की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए। इसके साथ ही निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।

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नए औद्योगिक क्षेत्र से बढ़ेगी निवेश की संभावनाएं

राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एमपीआईडीसी कोलार रोड स्थित सतगढ़ी क्षेत्र में 172 एकड़ भूमि पर नया मल्टी-प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। यहां टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और रेडीमेड गारमेंट उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को नई गति मिलेगी।

GIS सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल

दूसरी ओर, पिछली GIS से पहले कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर विवाद भी सामने आया है। नगर निगम द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए गए फाउंटेन और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों की जांच में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं।

जांच समिति को रिकॉर्ड में दर्ज कई उपकरण मौके पर नहीं मिले। कुछ स्थानों पर महंगे उपकरणों की जगह सामान्य सामग्री उपयोग किए जाने की बात सामने आई है।इतना ही नहीं, कुछ फाउंटेन के स्थान और उपयोग को लेकर भी सवाल उठे हैं। शिकायतें लोकायुक्त तक पहुंचने के बाद जांच में भुगतान और वास्तविक कार्यों के बीच अंतर पाए जाने की बात सामने आई है।

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