Maharashtra Politics : मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम चर्चा का विषय बन गया है। शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसदों के पार्टी से अलग होने की अटकलों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ सांसदों से पार्टी नेतृत्व का संपर्क नहीं हो पा रहा है। कई नेताओं के फोन बंद बताए जा रहे हैं, जिससे पार्टी के अंदर चिंता का माहौल पैदा हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।
सांसदों से संपर्क करने में जुटा नेतृत्व
बताया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और पार्टी के वरिष्ठ नेता सांसदों को पार्टी के साथ बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। पार्टी नेतृत्व व्यक्तिगत स्तर पर भी सांसदों से बातचीत करने की कोशिश कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। इसी कारण पार्टी के भीतर बैठकों और संपर्क अभियान की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा ने बढ़ाई सियासी गर्मी
शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की चर्चाओं को राजनीतिक हलकों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इसके बावजूद लगातार सामने आ रही खबरों ने राजनीतिक अटकलों को और मजबूत कर दिया है। माना जा रहा है कि कुछ बड़े फैसले जल्द सामने आ सकते हैं, जिनका असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है।
दिल्ली में शिंदे की मौजूदगी पर टिकी निगाहें
इसी बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे दिल्ली पहुंच गए हैं। वहीं उनके पुत्र और शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे के भी दिल्ली आने की संभावना जताई जा रही है।
आधिकारिक तौर पर उनके दौरे को संसदीय समिति की बैठक से जोड़ा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकार इस यात्रा को मौजूदा घटनाक्रम से भी जोड़कर देख रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में कौन सा नया मोड़ सामने आता है।