Employee Health Insurance : भोपाल। मध्यप्रदेश के 11 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से लंबित कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को जल्द मंजूरी मिल सकती है। योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और इसे इसी महीने कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारियों को 20 लाख रुपये तक और पेंशनरों को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
20 लाख तक कैशलेस इलाज का प्रस्ताव
योजना के तहत कर्मचारी और उनके परिवार को सालाना 20 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का प्रस्ताव है। वहीं पेंशनरों के लिए 5 लाख रुपये तक के उपचार का प्रावधान रखा गया है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो सकेगा।
कर्मचारियों और पेंशनरों को देना होगा अंशदान
अधिकारियों के अनुसार योजना के लिए सरकार के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों को भी योगदान देना होगा। प्रस्ताव में कर्मचारियों से मूल वेतन का 1 प्रतिशत और पेंशनरों से 4 प्रतिशत अंशदान प्रतिमाह लेने की व्यवस्था रखी गई है।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकृति दे चुकी है। अब अंतिम मंजूरी के लिए इसे कैबिनेट में पेश करने की तैयारी चल रही है।
6 साल बाद आगे बढ़ी योजना
इस स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत का फैसला वर्ष 2019 में लिया गया था। इसे 1 अप्रैल 2020 से लागू किया जाना था, लेकिन सरकार बदलने के बाद मामला अटक गया। इसके बाद कई वर्षों तक विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया गया और अब जाकर इसका अंतिम ड्राफ्ट तैयार हुआ है।
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आयुष्मान योजना की तर्ज पर बनेगा कार्ड
योजना के तहत लाभार्थियों को फोटोयुक्त यूनिक डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। इसका संचालन स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा किया जाएगा, जो आयुष्मान भारत योजना का संचालन भी करती है।
किन्हें मिलेगा लाभ?
योजना में कर्मचारी, पति-पत्नी, माता-पिता, दो आश्रित बच्चे, दत्तक बच्चे, तलाकशुदा पुत्री और पेंशनर दंपति को शामिल करने का प्रस्ताव है। पात्र सदस्य इलाज की सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
OPD और दवाओं के लिए भी मदद
इलाज के अलावा कर्मचारियों को ओपीडी, दवा और जरूरी उपकरणों के लिए 20 हजार रुपये सालाना तक की सहायता देने का भी प्रावधान रखा गया है। आकस्मिक स्थिति में गैर-संबद्ध अस्पताल में इलाज कराने पर खर्च की प्रतिपूर्ति भी की जा सकेगी।
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लाखों परिवारों को मिलेगा फायदा
यदि कैबिनेट से मंजूरी मिलती है तो यह योजना प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं में शामिल हो जाएगी। इससे सरकारी कर्मचारियों को बेहतर और समय पर इलाज की सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।