RAJYA SABHA ELECTION: भोपाल। मध्यप्रदेश की राज्यसभा चुनावी सियासत में मंगलवार को हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी नेताओं ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक विरोध शुरू कर दिया। देर रात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। इस दौरान जीतू पटवारी और उमंग सिंघार सड़क पर लेटे नजर आए, जबकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद दिग्विजय सिंह ने बोलने से दूरी बनाए रखी।
नामांकन रद्द होने पर भड़की कांग्रेस
राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने मामले पर विचार करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। फैसले की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया।
ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है।
आज इसके विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस इंचार्ज @Barmer_Harish जी, प्रदेश अध्यक्ष @jitupatwari जी और CLP… pic.twitter.com/26GjJLNBek
— Congress (@INCIndia) June 9, 2026
विधानसभा परिसर में हुआ हंगामा
सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया विधानसभा पहुंचे। लेकिन उन्हें रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष तक जाने से रोक दिया गया। इसके बाद पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हुई। थोड़ी देर बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौके पर पहुंच गए, जिससे माहौल और गर्म हो गया।
मीनाक्षी बोलीं- वोट चोरी से सीट चोरी तक पहुंची बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ वोट चोरी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सीट चोरी तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारकर भाजपा ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की है।
दिग्विजय सिंह ने नहीं संभाला माइक
नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कई बार दिग्विजय सिंह को बोलने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने हाथ के इशारे से मना कर दिया। उनकी चुप्पी पूरे कार्यक्रम के दौरान चर्चा का विषय बनी रही।
CEO कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे नेता
देर रात जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, हरीश चौधरी, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव समेत कई नेता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय बंद मिलने पर कांग्रेस नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इस दौरान कई नेता सड़क पर लेट गए और निर्वाचन प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
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बुधवार को होगी अधिकारियों से मुलाकात
काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने कांग्रेस प्रतिनिधियों को बुधवार सुबह मुलाकात का समय दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ, लेकिन राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया।