MP Rajya Sabha Election : भोपाल। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को लेकर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करते हुए नामांकन की वैधता पर सवाल उठाए हैं। इस मामले ने चुनावी मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र में तेलंगाना की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी है। इसके अलावा पार्टी ने उन पर संपत्ति संबंधी विवरण में भी कथित तौर पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में उम्मीदवारों द्वारा सही और पूरी जानकारी देना आवश्यक है इसलिए मामले की जांच की जानी चाहिए।
PoK Protest : एक क्रूर फैसले से सुलगा पीओके! सड़कों पर उतरी लाखों की भीड़, इंटरनेट बंद हालात बेकाबू
रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर नजर
भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा सुनवाई की जा रही है। इस मामले में शाम 5:30 बजे निर्णय आने की संभावना है। फैसले के बाद यह स्पष्ट होगा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन वैध रहेगा या उस पर कोई कार्रवाई की जाएगी। राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर अब इस निर्णय पर टिकी हुई है।
कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु भेजने की तैयारी
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस ने अपने विधायकों को कर्नाटक शिफ्ट करने की रणनीति बनाई है। पार्टी के अनुसार विधायकों को बेंगलुरु ले जाया जाएगा और मतदान से एक दिन पहले 17 जून को वापस भोपाल लाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम विधायकों को एकजुट रखने और किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों से बचाने के लिए उठाया गया है।
विमान को अनुमति नहीं मिलने का आरोप
इस बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर एक और बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि विधायकों को बेंगलुरु ले जाने के लिए तैयार विमान को भोपाल एयरपोर्ट से उड़ान की अनुमति नहीं दी जा रही है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार विधायक कई घंटों से एयरपोर्ट पर मौजूद हैं और विमान के रवाना होने का इंतजार कर रहे हैं। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश बताया है।
सियासी बयानबाजी हुई तेज
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा राज्यसभा चुनाव को लेकर घबराई हुई है और इसी कारण विभिन्न स्तरों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर ने राज्यसभा चुनाव को और अधिक चर्चित बना दिया है।