MP Sewage Excavation : मध्य प्रदेश। भोपाल में बीते 24 घंटों के दौरान बैरागढ़ से लेकर अरेरा हिल्स तक करीब 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह बारिश भले ही ज्यादा नहीं थी, लेकिन इतनी सी बारिश ने शहर में चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। शहर के कई इलाकों में सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। बारिश के बाद इन सड़कों पर कीचड़, जलभराव और फिसलन बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार रात से रविवार सुबह तक कई लोग फिसलकर घायल हुए और अनेक स्थानों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया।
शहर के कई इलाकों में लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
शिवाजी नगर, छह नंबर, गौतम नगर, रचना नगर, शांति निकेतन, एमपी नगर, लालघाटी, नीलबड़ और रातीबढ़ सहित शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में हालात बेहद खराब रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कें लंबे समय से खुदी हुई हैं और बरसात शुरू होते ही स्थिति और गंभीर हो गई है।
कई स्थानों पर वाहन फंस रहे हैं, जबकि दोपहिया चालकों और पैदल चलने वालों के लिए जोखिम बढ़ गया है। रहवासी लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है।
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छह महीने से अधूरा पड़ा है सड़क सुधार कार्य
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार पिछले छह महीनों में नरेला, हुजूर और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों में सीवेज नेटवर्क निर्माण के लिए लगभग 100 किलोमीटर सड़कें खोदी गई थीं। इनमें से करीब 60 किलोमीटर सड़कों का ही पुनर्निर्माण या रेस्टोरेशन किया जा सका है।
अभी भी लगभग 40 किलोमीटर सड़कें ऐसी हैं जिनका सुधार कार्य पूरा नहीं हुआ है। निगम के नियमों के अनुसार खुदाई के 21 दिनों के भीतर सड़कों का रेस्टोरेशन होना चाहिए, लेकिन कई स्थानों पर छह महीने बाद भी काम अधूरा पड़ा है।
नगर निगम का दावा, तीन दिन में पूरा होगा काम
नगर निगम के प्रभारी कार्यपालन यंत्री आर.के. त्रिवेदी का कहना है कि खुदाई के कारण लोगों को परेशानी हुई है। उन्होंने दावा किया है कि अगले तीन दिनों में सड़कों के रेस्टोरेशन का कार्य पूरा कर दिया जाएगा।
निगम का कहना है कि संबंधित ठेकेदारों को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं और काम में तेजी लाई जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी ऐसे कई आश्वासन दिए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
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नीलबड़ में छह महीने से परेशानी
नीलबड़ क्षेत्र के बरखेड़ी खुद्द इलाके में जनवरी में सीवेज लाइन के लिए सड़क खोदी गई थी। स्थानीय निवासी राजेंद्र आहुजा के अनुसार पिछले छह महीनों से लोगों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शनिवार की बारिश के बाद सड़क कीचड़ में बदल गई और रविवार सुबह एक पानी का टैंकर मिट्टी में फंस गया। छोटे वाहन भी इस मार्ग से नहीं निकल पाए। स्थानीय लोग लंबे समय से सड़क सुधार की मांग कर रहे हैं।
लालघाटी में बुजुर्गों ने घरों से निकलना किया बंद
लालघाटी के विजय नगर क्षेत्र में जनवरी से सड़क खुदाई का काम चल रहा है। यहां अब तक रेस्टोरेशन नहीं किया गया है। स्थानीय निवासी लक्ष्मण लालवानी का कहना है कि खराब सड़क और कीचड़ के कारण वरिष्ठ नागरिकों ने घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है। बच्चों और महिलाओं को भी रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।
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50 से ज्यादा नोटिस और 25 लाख का जुर्माना भी बेअसर
नगर निगम ने दावा किया है कि लापरवाही बरतने वाले चार ठेकेदारों को अब तक 50 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा उनसे 25 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना भी वसूला गया है।
इसके बावजूद निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखाई दिया है। नागरिकों का कहना है कि केवल नोटिस और जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि समय पर काम पूरा कराना जरूरी है।
इंडस कॉलोनी में पहली बारिश में ही सामने आई समस्या
नर्मदापुरम रोड स्थित इंडस कॉलोनी में सीवेज लाइन के लिए खोदी गई सड़क पहली ही बारिश में जलभराव और कीचड़ से भर गई। रहवासियों का कहना है कि अधूरा रेस्टोरेशन और खराब निर्माण गुणवत्ता के कारण लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर वाहन फिसल रहे हैं और पैदल चलना भी चुनौती बन गया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित हैं ये विधानसभा क्षेत्र
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर की तीन प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 40 किलोमीटर सड़कों का सुधार कार्य अभी लंबित है। इनमें नरेला और गोविंदपुरा क्षेत्र में लगभग 20 किलोमीटर सड़कें, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में करीब 15 किलोमीटर सड़कें और हुजूर क्षेत्र में लगभग 5 किलोमीटर सड़कों का रेस्टोरेशन शेष है। यही कारण है कि बारिश के दौरान इन क्षेत्रों में सबसे अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं।
रचना नगर में लोग पहले से जता रहे थे आशंका
रचना नगर निवासी एम.के. शर्मा का कहना है कि पिछले चार महीनों से क्षेत्र में सीवेज लाइन की खुदाई चल रही है। सड़कों की खराब स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों को पहले से अंदेशा था कि बारिश शुरू होते ही हालात बिगड़ जाएंगे। रविवार को कई लोग कीचड़ में फिसलकर घायल हुए। रहवासियों का कहना है कि समय पर सड़क सुधार किया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती।
लोगों की मांग: जल्द पूरा हो सड़क रेस्टोरेशन
शहर के विभिन्न इलाकों के लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि बरसात के मौसम को देखते हुए अधूरी सड़कों का रेस्टोरेशन प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। नागरिकों ने जवाबदेही तय करने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की भी मांग की है।