MP Monsoon Update : भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिसे मध्यप्रदेश में मानसून प्रवेश का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इसी वजह से 18 जून तक प्रदेश में मानसून के पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं। मानसून के आगमन से पहले प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है।
29 जिलों में बारिश, भोपाल में सबसे ज्यादा असर
पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल समेत 29 जिलों में बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में रविवार सुबह तक 67.5 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम के समय करीब 38 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। लगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
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कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी
मौसम केंद्र ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ रहा मानसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों तक पहुंच चुका है। नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और असम के बड़े क्षेत्रों में मानसून सक्रिय है। अगले तीन से चार दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अन्य हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
दक्षिण भारत में भारी बारिश, उत्तर भारत में लू का असर
मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में अगले सात दिनों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी और लू चलने की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद उत्तर भारत में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।