Farmer Welfare Year 2026 : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। खरीफ 2026 सीजन के लिए शुरू किए जा रहे नवाचार प्रबंधन अभियान के तहत प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि सेवाओं, जल संरक्षण और फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि खरीफ 2026 सीजन के लिए विशेष नवाचार प्रबंधन अभियान शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और बेहतर बाजार सुविधाओं से जोड़ना है।
2 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती का लक्ष्य
सरकार ने प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए 2 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को रसायन-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत किसानों को निःशुल्क जैविक इनपुट, प्रशिक्षण और प्रमाणन की सुविधा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत घटेगी, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरेगी और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलेगा।
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डिजिटल सेवाओं से किसानों को मिलेगा लाभ
किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने के लिए एमपी किसान ऐप और ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल का विस्तार किया जा रहा है। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से किसानों को मौसम, मंडी भाव, रोग-कीट प्रबंधन और ड्रोन स्प्रे जैसी जानकारियां रियल टाइम में मिल रही हैं। इससे किसानों को खेती से जुड़े फैसले लेने में आसानी हो रही है।
जल संरक्षण और फसल विविधीकरण पर जोर
“पर ड्रॉप मोर क्रॉप” योजना के तहत 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं किसानों को दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और बागवानी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उनकी आय के स्रोत बढ़ सकें।
450 नए एफपीओ बनाए जाएंगे
सरकार 450 नए किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करेगी। इनके माध्यम से किसान ग्रेडिंग, प्रोसेसिंग और सीधे बाजार व निर्यात से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, जैविक खेती और आधुनिक विपणन व्यवस्था के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।