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Bhopal Electricity Theft : चांदबड़ में बिजली कंपनी की दबिश! चोरी की बिजली से AC-कूलर चलाए, थमाया 1.10 लाख का बिल

Bhopal Electricity Theft

Bhopal Electricity Theft : मध्य प्रदेश। भोपाल में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली वितरण कंपनी द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार सुबह चांदबड़ जोन में बिजली विभाग की टीम ने कई इलाकों में एक साथ छापेमार कार्रवाई की। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कई घरों की जांच की। जांच में कई स्थानों पर बिजली चोरी के मामले सामने आए। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाना और बिजली कंपनी को होने वाले राजस्व नुकसान को कम करना है।

दो मंजिला हवेली में मीटर बायपास कर चल रहे थे बिजली उपकरण

कार्रवाई के दौरान सबसे चर्चित मामला एक दो मंजिला हवेली में सामने आया। जांच में पाया गया कि मकान में बिजली मीटर को दरकिनार कर सीधे बिजली लाइन से कनेक्शन लिया गया था। इस अवैध कनेक्शन के जरिए एयर कंडीशनर (AC), कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण संचालित किए जा रहे थे।

बिजली विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जांच कर पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की बिजली चोरी से न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि बिजली व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

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9 किलोवाट का लोड मिला, एक लाख से अधिक का बिल जारी

सिटी सर्किल के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रदीप सिंह चौहान और डीजीएम डीके तिवारी ने बताया कि उपभोक्ता नानी बी एजाज के परिसर में लगभग 9 किलोवाट का विद्युत लोड पाया गया। जांच के बाद उपभोक्ता के खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया गया।

विभाग ने 1 लाख 9 हजार 378 रुपए की बिलिंग करते हुए नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में बिजली अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया भी अपनाई जाती है।

संपन्न परिवारों के घरों में मिले अधिकांश मामले

बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान जिन मकानों में बिजली चोरी के मामले सामने आए, उनमें अधिकांश घर आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों के थे। इन घरों में आधुनिक सुविधाओं से लैस कई महंगे उपकरण उपयोग किए जा रहे थे।

हालांकि इन उपकरणों की खपत बिजली मीटर में दर्ज नहीं हो रही थी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर अप्रत्यक्ष रूप से अतिरिक्त बोझ पड़ता है और बिजली कंपनी को भी भारी राजस्व हानि होती है।

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11 मामलों में दर्ज हुआ प्रकरण, 12.36 लाख रुपए की बिलिंग

बिजली चोरी विरोधी अभियान के दौरान कुल 11 मामलों में प्रकरण दर्ज किए गए। जांच में पाया गया कि कई उपभोक्ताओं ने मीटर की लाइन के अतिरिक्त सीधे बिजली पोल से तार जोड़कर बिजली का उपयोग किया था। यह तरीका पूरी तरह अवैध माना जाता है।

विभाग ने सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 12 लाख 36 हजार रुपए की बिलिंग की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे और बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिजली चोरी रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी

बिजली विभाग का कहना है कि शहर में बिजली चोरी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। विभाग नियमित जांच, तकनीकी सर्वे और विशेष अभियान के माध्यम से ऐसे मामलों की पहचान कर रहा है।

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अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैध बिजली कनेक्शन का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी विभाग को दें। इससे बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने में मदद मिलेगी।

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