CM EV Car Convoy : भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को शामिल कर देश के पहले मुख्यमंत्री बनने का दावा पेश किया है। मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल हो गई है। इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ऊर्जा संरक्षण के विजन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
काफिले में शामिल हुई हाईटेक इलेक्ट्रिक कार
मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल की गई महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक कार आधुनिक तकनीक से लैस है। कंपनी के अनुसार यह वाहन एक बार चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। कार में 360 डिग्री कैमरा समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। मुख्यमंत्री इस वाहन के जरिए पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के उपयोग का संदेश भी देंगे।
Karnataka New CM : डीके शिवकुमार बने कर्नाटक के नए सीएम, डिप्टी सीएम समेत 12 विधायक बने मंत्री
‘विकसित भारत 2047’ से जुड़ा खास नंबर
मुख्यमंत्री की नई इलेक्ट्रिक कार का पंजीयन नंबर MP-02-VB-2047 रखा गया है। इसमें ‘VB’ को ‘विकसित भारत’ और ‘2047’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। यही वजह है कि यह नंबर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वाहन के संचालन के लिए ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
पर्यावरण और सौर ऊर्जा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से हरित ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। हाल के महीनों में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की गई हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है।
सादगी और मितव्ययता की मिसाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने दौरों के दौरान सादगी और मितव्ययता को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। हाल ही में इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रैवलर बस में सफर किया था।
इससे पहले सिंगरौली दौरे में भी वे टूरिस्ट बस के जरिए कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी 13 से घटाकर 8 कर दी गई है।
ग्रीन गवर्नेंस की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री के काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन को शामिल करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को लेकर एक प्रतीकात्मक संदेश भी है।
इससे आम लोगों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य में ग्रीन गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
