Annamalai Resigns : चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नई दिल्ली में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष को अपना पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा। इसके बाद उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की और फिर चेन्नई रवाना हो गए।
मनाने की कोशिश नाकाम
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व ने अन्नामलाई को संगठन में बनाए रखने की कोशिश की। उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा हुई, लेकिन वे अपने फैसले पर कायम रहे। बताया जा रहा है कि उम्मीदवार चयन और एआईएडीएमके के साथ गठबंधन को लेकर अन्नामलाई लंबे समय से असहमत थे। विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया।
पहले से मिल रहे थे संकेत
अन्नामलाई के इस्तीफे की चर्चा काफी समय से चल रही थी। 2025 में उनकी जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु बीजेपी की कमान सौंपे जाने के बाद अटकलें और तेज हो गई थीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एमजीआर और जे. जयललिता को लेकर दिए गए बयानों से बीजेपी और एआईएडीएमके के रिश्तों में खटास बढ़ी थी। 2020 में राजनीति में आए अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष बने थे।
समर्थकों के पोस्टरों से बढ़ीं चर्चाएं
हाल के महीनों में मदुरै समेत कई जिलों में समर्थकों ने अन्नामलाई के “अगले अवतार” वाले पोस्टर लगाए थे। कोयंबटूर में उनके जन्मदिन से पहले लगे पोस्टरों ने भी नई राजनीतिक शुरुआत की अटकलों को हवा दी। अन्नामलाई ने संकेत दिया है कि वे अगले दो दिनों में अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
नई पार्टी बनाने की तैयारी?
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अन्नामलाई अगले 6 से 8 महीनों में नई क्षेत्रीय पार्टी बना सकते हैं। उनके करीबी सहयोगियों के अनुसार, प्रस्तावित संगठन ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘तमिल-प्रथम’ विचारधारा पर आधारित होगा।
बताया जा रहा है कि नई पार्टी का उद्देश्य तमिलनाडु में बीजेपी और द्रविड़ दलों के विकल्प के रूप में उभरना है। अन्नामलाई के करीबी मानते हैं कि वे तमिल पहचान को राष्ट्रीय सोच के साथ जोड़ते हुए मुद्दों की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहते हैं।