MP Malnutrition Campaign : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ संयुक्त रणनीति बनाकर प्रभावी कार्रवाई की गई, उसी प्रकार कुपोषण को समाप्त करने के लिए भी सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में देशभर में कुपोषण उन्मूलन अभियान चलाने पर जोर दिया था। इसी के तहत महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग को समन्वित प्रयास करने होंगे।
जनभागीदारी और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनभागीदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि पोषण सुधार से संबंधित गतिविधियों में स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के साथ निजी अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ा जाए।
साथ ही अन्य राज्यों और जिलों में सफल साबित हुए नवाचारों को अपनाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही।
कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे नए हॉस्टल
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों की सुविधा को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन औद्योगिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यरत हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाए जाने की योजना तैयार की जाए।
अधिकारियों ने बताया कि देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में ऐसे हॉस्टलों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं महिलाओं की सहायता के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, झाबुआ, इंदौर और धार सहित कई स्थानों पर नए वन स्टॉप सेंटर भी स्वीकृत किए गए हैं।
बच्चों के लिए विद्यारंभ और सहायता योजनाओं का विस्तार
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9.28 लाख बच्चों के लिए विद्यारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत उन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान कर स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। इसके अलावा चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और मैपिंग का कार्य 13 जिलों में जारी है।
आंगनवाड़ी उन्नयन और महिला योजनाओं में मध्य प्रदेश अग्रणी
अधिकारियों ने जानकारी दी कि सक्षम आंगनवाड़ी उन्नयन कार्यक्रम के तहत प्रदेश में एक साथ 12,670 मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनवाड़ी केंद्रों में परिवर्तित किया गया है, जिससे मध्य प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 15.84 लाख बालिकाओं को लाभ पहुंचाया गया है।
मातृ वंदना योजना में भी अव्वल रहा मध्य प्रदेश
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रदेश की 15.51 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की गई है।
योजना के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में अग्रणी बना हुआ है। इसके अलावा सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बीमा योजना से भी जोड़ा गया है।