Chhatarpur Hospital Negligence : छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद डरावनी और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ सरबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में पिछले 4-5 दिनों से बिजली पूरी तरह गुल है। अस्पताल में तैनात एक नर्स ने खुद इस बदहाली का खुलासा करते हुए बताया है कि लाइट न होने के कारण मजबूरन अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च जलाकर महिलाओं की डिलीवरी कराई जा रही है। नर्स ने अस्पताल के भीतर का एक वीडियो भी जारी किया है, जो वहां के खौफनाक हालातों को साफ बयां कर रहा है।
नर्स द्वारा बनाया गया यह वीडियो एक बार फिर मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को उजागर करता है। जिला मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित इस सरबई स्वास्थ्य केंद्र पर बीते कई दिनों से बत्ती गुल है।
एक तरफ भीषण गर्मी से मरीज और उनके परिजन बेहाल हैं, तो दूसरी तरफ इलाज पूरी तरह ठप पड़ा है। इसे लेकर अस्पताल की स्टाफ नर्स अनीता अहिरवार ने कई बार शिकायतें भी कीं, लेकिन न तो बिजली विभाग ने इस पर ध्यान दिया और न ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई सुध ली।
मोबाइल टॉर्च के भरोसे हो रही इमरजेंसी डिलीवरी
अस्पताल में बिजली न होने से सबसे बड़ा संकट प्रसूता महिलाओं और नवजातों पर मंडरा रहा है। डिलीवरी जैसे बेहद संवेदनशील और इमरजेंसी मामलों को भी डॉक्टर और नर्सें मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में करने पर मजबूर हैं। जब प्रशासनिक स्तर पर किसी ने इस समस्या को नहीं सुना, तो नर्स अनीता अहिरवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपना दर्द बयां किया।
वीडियो में वह साफ कह रही हैं कि अस्पताल में बिजली नहीं है, ऐसी स्थिति में सुरक्षित डिलीवरी कैसे संभव है? उन्होंने बताया कि फोन पर कई बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी बिजली व्यवस्था ठीक नहीं की गई।
एक तरफ सरकार सुरक्षित प्रसव और मातृ स्वास्थ्य को लेकर करोड़ों रुपये के विज्ञापनों और योजनाओं का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ सरबई स्वास्थ्य केंद्र जैसी जगह पर बिजली जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं है।
इस पूरे मामले पर जब छतरपुर के सीएमएचओ (CMHO) आरपी गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने हमेशा की तरह एक रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा कि मामला गंभीर है और वह बात करके जल्द ही समस्या का समाधान करवाएंगे।